गीता में छिपे हैं जीवन के सभी सवालों के जवाब
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 09 Dec 2019 6:17 AM
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गया : शहर के गांधी मैदान स्थित इस्कॉन मंदिर में रविवार को गीता जयंती के मौके पर संपूर्ण गीता पाठ किया गया. इस संबंध में मंदिर प्रबंधक जगदीश श्याम दास ने कहा कि इसी दिन कुरुक्षेत्र में युद्ध शुरू हुआ था. मोक्षदा एकादशी के दिन युद्ध शुरू होने से पहले अर्जुन ने भगवान कृष्ण को […]
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गया : शहर के गांधी मैदान स्थित इस्कॉन मंदिर में रविवार को गीता जयंती के मौके पर संपूर्ण गीता पाठ किया गया. इस संबंध में मंदिर प्रबंधक जगदीश श्याम दास ने कहा कि इसी दिन कुरुक्षेत्र में युद्ध शुरू हुआ था.
मोक्षदा एकादशी के दिन युद्ध शुरू होने से पहले अर्जुन ने भगवान कृष्ण को रथ को दोनों पक्षों के बीच में रखने के लिए कहा. भगवान ने अर्जुन की आज्ञा का पालन करते हुए रथ को दोनों पक्षों के बीच में रखा. लेकिन, अर्जुन अपने रिश्तेदारों को देखने के बाद मोह में आ गये और शस्त्र उठाने से मना कर दिया.
अर्जुन के मोह को दूर करने के लिए भगवान कृष्ण ने भागवत गीता का संदेश सुनाया व अर्जुन को महाभारत का नायक बना दिया. उसी प्रकार आज के समय में सभी प्रकार के उलझन और परेशानियों को सामना करने के लिए हमें गीता अवश्य पढ़ना चाहिए.
उन्होंने कहा कि समाज में बढ़ता हुआ हिंसात्मक कार्यकलाप का मुख्य कारण संस्कार का लुप्त हो जाना है. सबको श्रीमद्भागवत गीता के ऊपर अमल करना चाहिए, जिसके द्वारा समाज में संस्कार की भावना बनी रहे. कार्यक्रम के अंत में सभी के बीच प्रसाद का वितरण किया गया.
गीता जयंती पर भाषण प्रतियोगिता आज
गीता जयंती के उपलक्ष में प्रतिज्ञा संस्था के द्वारा आज के सामाजिक परिपेक्ष्य में गीता दर्शन की भूमिका के विषय पर जिला स्कूल के परिसर में सोमवार को भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है. प्रतिज्ञा संस्था के प्रमुख बृजनंदन पाठक ने बताया कि उक्त प्रतियोगिता सोमवार की सुबह 11 बजे शुरू होगी. इसमें शहर के सरकारी व निजी स्कूलों के नौवीं व 10वीं कक्षा के बच्चे शामिल होंगे.
गीता के अध्ययन से मिलती है मानव को प्रेरणा
बेलागंज. डॉ गिरिजा शंकर सेवा न्यास की ओर से रविवार को गीता जयंती के मौके पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिक्षाविद गीता दीदी ने कहा कि श्रीमद्भागवत गीता के अध्ययन से भारतीय संस्कृति की रक्षा होगी. वहीं मुख्य अतिथि त्रिलोकी नाथ बागी ने कहा कि गीता जीव को अज्ञान रूपी बंधन से मुक्त कर भगवान से साक्षात्कार का मार्ग दिखाता है.
प्रत्येक घर में गीता का पाठ होना चाहिए. इस मौके पर अध्ययन केंद्र के विद्यार्थियों के बीच सस्वर गीता पाठ का आयोजन किया गया, जिसमें चंदन यादव को प्रथम, रोहित रविदास को द्वितीय व प्रिंस कुमार, चंदन कुमार, बिट्टू कुमार आदि को सांत्वना पुरस्कार दिया गया. इस मौके पर शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ विजय कर्ण भी मौजूद थे.
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