बौद्ध धम्म ने दिया विश्व को शांति का संदेश

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बोधगया (गया) : बोधगया स्थित इंटरनेशनल मेडिटेशन सेंटर में शुक्रवार को दो दिवसीय इंटरनेशनल बुद्धिस्ट कॉन्फ्रेंस का शुभारंभ हुआ. महिला सशक्तीकरण संघ, नागपुर की ओर से आयोजित इस कॉन्फ्रेंस में बौद्ध भिक्षुओं ने कहा कि बौद्ध धम्म की उत्पत्ति व विकास से संपूर्ण विश्व में सुख व शांति होने लगी है. यह 2600 वर्ष से […]

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बोधगया (गया) : बोधगया स्थित इंटरनेशनल मेडिटेशन सेंटर में शुक्रवार को दो दिवसीय इंटरनेशनल बुद्धिस्ट कॉन्फ्रेंस का शुभारंभ हुआ. महिला सशक्तीकरण संघ, नागपुर की ओर से आयोजित इस कॉन्फ्रेंस में बौद्ध भिक्षुओं ने कहा कि बौद्ध धम्म की उत्पत्ति व विकास से संपूर्ण विश्व में सुख व शांति होने लगी है.
यह 2600 वर्ष से चली आ रही संस्कृति व शिक्षा है. बौद्ध धम्म के संस्थापक तथागत बुद्ध ने स्वयं 45 वर्ष तक कल्याणकारी, मानवतावादी शिक्षा का प्रचार-प्रसार किया. आधुनिक भारत में बोधिसत्व डॉ भीम राव आंबेडकर ने बौद्ध धम्म के विकास के लिए योगदान दिया. आज संसार में बौद्ध धम्म की शिक्षाओं का महत्व प्रासंगिक होने लगा है. सम्मेलन में कई बौद्ध भिक्षुओं, स्कॉलरों, शोधार्थियों व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बौद्ध धम्म के अलग-अलग विषयों पर प्रकाश डाला. इस दौरान यह भी कहा गया कि गौरव करना, नम्र होना, संतुष्ट रहना, कृतज्ञ होना और उचित समय पर धम्म श्रवण करना, यह उत्तम मंगल है.
साथ ही, क्षमाशील होना, आज्ञाकारी होना, श्रमणं का दर्शन करना और उचित समय पर धार्मिक चर्चा करना, यह भी उत्तम मंगल है. सम्मेलन की अध्यक्षता भंते डॉ चंद्रकृति ने किया व इसमें मुख्य अतिथि भंते डॉ महासेवियान(थाइलैंड), स्पेशल गेस्ट डॉ एमके ओटानी, भिक्खु डॉ मनोज, भिक्खु डॉ आनंद शामिल हुए . सम्मेलन में नागपुर से काफी संख्या में बौद्ध अनुयायी व प्रवक्ता शामिल हुए. सम्मेलन का समापन शनिवार को होगा.
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