.और भूख से बिलबिलाते रहे स्वास्थ्यकर्मी

Updated at : 28 Jun 2014 9:23 AM (IST)
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.और भूख से बिलबिलाते रहे स्वास्थ्यकर्मी

गया: इंसेफ्लाइटिस से बचाव के लिए गांव-मुहल्लों में बच्चों की ऑन स्पॉट जांच की जा रही है. 24 जून से गांव-गांव जाकर टीम टीकाकरण कर रही है. अब प्रखंडों में इंसेफ्लाइटिस पीड़ित बच्चों के इलाज के लिए सात जिलों से 26 एंबुलेंस मंगायी गयी हैं. इसमें नवादा से दो, रोहतास से तीन, भोजपुर से तीन, […]

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गया: इंसेफ्लाइटिस से बचाव के लिए गांव-मुहल्लों में बच्चों की ऑन स्पॉट जांच की जा रही है. 24 जून से गांव-गांव जाकर टीम टीकाकरण कर रही है. अब प्रखंडों में इंसेफ्लाइटिस पीड़ित बच्चों के इलाज के लिए सात जिलों से 26 एंबुलेंस मंगायी गयी हैं. इसमें नवादा से दो, रोहतास से तीन, भोजपुर से तीन, अरवल से तीन, औरंगाबाद, जहानाबाद व कैमूर से पांच-पांच एंबुलेंस मंगाये गये हैं.

एक एंबुलेंस के साथ एक चालक व एक डॉक्टर समेत तीन-चार स्टाफ आये हैं. लेकिन, भोजन-पानी व सोने का इंतजाम नहीं होने पर एंबुलेंसों के साथ आये लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने स्वास्थ्य विभाग पर भड़ास निकाली.

भोजपुर के इएमटी मनोरंजन कुमार, मखदुमपुर के इएमटी सुनील कुमार, कैमूर के एंबुलेंस ड्राइवर गणोश गोस्वामी व अधौरा (कैमूर) के ड्राइवर सुदामा सेठ समेत करीब 50 की संख्या में आये एंबुलेंस के ड्राइवरों, स्वास्थ्य कर्मचारियों व डॉक्टरों ने बताया कि गुरुवार की रात नौ बजे के बाद वे लोग यहां पहुंचे थे. उन्हें कहा गया था जिस हालत में उसी हालत में अविलंब गया चले जाइए. लेकिन, यहां न तो रहने-खाने की व्यवस्था की गयी और न ही काम के बारे में बताया गया. अब तक कोई अधिकारी यह भी पूछने नहीं आये हैं कि उनलोगों ने कुछ खाया-पीया है या नहीं? रात में आंबेडकर मार्केट स्थित जिला स्वास्थ्य समिति के कार्यालय के सामने एंबुलेंस खड़ी कर गमछा बिछा कर इधर-उधर सोये हुए थे. उनके पास खाने के लिए पैसे भी नहीं हैं. यहां से भी कुछ नहीं मिला, कैसे गुजारा चलेगा. कहां जाना है इसकी भी लिस्ट नहीं मिली है.

..तो छोड़ दें चिकित्सा सेवा : सीएस: इस संबंध में सिविल सजर्न डॉ विजय कुमार सिंह ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा तो आपातकालीन सेवा है. पब्लिक की सेवा करना हमारा पहला धर्म है. इसमें तकलीफ तो होती ही है. इस तरह की परिस्थिति को ङोलने के लिए तैयार रहना होगा. एंबलेंस के साथ आये लोगों की मांग ही गलत है. त्याग नहीं करना है, तो चिकित्सा सेवा छोड़ दें. उन्होंने कहा कि इंसेफ्लाइटिस से मुकाबला करने के लिए इन एंबुलेंसों को सभी प्रखंडों में भेजना है. इस पर डॉक्टर, स्वास्थ्यकर्मी, मेडिकल किट व दवाइयां भी रहेंगी. ऑन स्पॉट जांच कर इंसेफ्लाइटिस पीड़ित बच्चों को तत्काल इलाज किया जायेगा. डीपीएम मनीष कुमार ने बताया कि 24 जून से ही जिले में टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है. अब सभी प्रखंडों में एक-एक एंबुलेंस भेजे जा रहे हैं. शेरघाटी व बाराचट्टी में दो-दो एंबुलेंस से सेवा ली जायेगी.

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