लापरवाही की हद: पैथोलॉजी विभाग में एक दर्जन डॉक्टरों की टीम तैनात, पर नहीं करते जांच

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Bihar News पैथोलॉजी विभाग में सबसे पहले खून लिया जाता है. अगर ग्रुप की जांच करनी है, तो पहले जांच क्लिनिक पैथोलॉजी करेगा़ ब्लड ग्रुप की जो रिपोर्ट होगी, उसे खून के सैंपल के साथ ब्लड बैंक में भेजा जायेगा

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भागलपुर के जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल के पैथोलॉजी विभाग में ब्लड ग्रुप की जांच नहीं होती, जबकि इस विभाग में एक दर्जन डॉक्टर की टीम है. इनके अलावा लैब टेक्नीशियन की संख्या भी अलग से है. पैथोलॉजी विभाग में सीनियर डॉक्टर दिखते ही नहीं है़ विभाग में डॉक्टर एक बजे आकर हाजिरी बनाते हैं और आधे घंटे बाद घर चले जाते हैं.

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इस मामले की जानकारी होने पर अस्पताल अधीक्षक डॉ एके दास भी हैरान हो गये़ उन्होंने कहा कि इसे लेकर प्राचार्य व एचओडी के साथ बैठक कर निर्णय लिया जायेगा़ जानकारी होने पर मामले की जांच की गयी, तो सही निकला. ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी. पैथोलॉजी विभाग का अपना ही नियम है.

पैथोलॉजी विभाग में सबसे पहले खून लिया जाता है. अगर ग्रुप की जांच करनी है, तो पहले जांच क्लिनिक पैथोलॉजी करेगा. ब्लड ग्रुप की जो रिपोर्ट होगी, उसे खून के सैंपल के साथ ब्लड बैंक में भेजा जायेगा. ब्लड बैंक इस जांच का वैरिफिकेशन करेंगे. जिसके बाद अगर मरीज को रक्त चढ़ाने की जरूरत होगी, तो चढ़ाया जायेगा.

गलती हुई, तो जा सकती है मरीज की जान

क्लिनिकल पैथोलॉजी से खून का सैंपल देकर मरीज के परिजन को ब्लड बैंक भेज दिया जाता है़ बैंक जब सैंपल जाता है, तो वहां क्लिनिकल पैथोलॉजी की कोई रिपोर्ट नहीं होती है़ बैंक कर्मी खून का सैंपल लेकर मरीज के परिजन को रिपोर्ट दे देते है. अब यहां लापरवाही होगी, तो मरीज की जान तक जा सकती है.

Posted by: Radheshyam Kushwaha

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