नेपाल के रास्ते बिहार में बाढ़ आने का खतरा, वैशाली, सारण समेत इन जिलों में हाई अलर्ट
नदी किनारे मुआयना करते अधिकारी | Prabhat Khabar Network
चीन में डैम टूटने की सूचना के बाद नेपाल से सटे बिहार के इलाकों में बाढ़ का गंभीर खतरा मंडरा रहा है. गंडक नदी में पानी छोड़े जाने से बिहार की नदियों का जलस्तर बढ़ने की आशंका है.
Nepal Flood : नेपाल में बाढ़ और भारी बारिश को लेकर नेपाल से सटे सीमावर्ती इलाकों में बाढ़ का गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है. नेपाल द्वारा गंडक नदी में भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण बिहार के कई जिलों से गुजरने वाली नदियों के जलस्तर में अचानक भारी वृद्धि की संभावना जतायी गयी है. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वैशाली जिला प्रशासन ने युद्ध स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं और निचले इलाकों में हाई अलर्ट जारी कर दिया है. वैशाली, सारण, बेगूसराय में भी प्रशासन अलर्ट मोड़ पर है.
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बेगूसराय में प्रशासन अलर्ट, 189 गांव चिह्नित
बेगूसराय में भी गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है. जिला आपदा प्रबंधन शाखा की ओर से व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई हैं. इसी क्रम में जिला पदाधिकारी ने साम्हो प्रखंड का निरीक्षण कर बाढ़ की संभावित स्थिति, प्रशासनिक तैयारियों, नाव परिचालन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. जिले के 8 प्रखंडों की 39 पंचायतें और 189 गांवों को चिह्नित किया गया है. इस दौरान एक मरीज को लोग खाट पर लेकर अस्पताल पहुंचे. फिलहाल चिह्नित गांवों में प्रशासन लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है.

सारण में गंडक तटीय इलाकों का डीएम ने दौरा किया
नेपाल के रसुवा में तिब्बत क्षेत्र से आयी बाढ़ ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है. नेपाल से सटे बिहार के कई जिलों में बाढ़ का असर पड़ने की आशंका जतायी जा रही है, जिसमें सारण भी शामिल है. जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने सभी संबंधित अधिकारियों की बैठक बुलाकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिये. इसके बाद उन्होंने खुद सारण के गंडक तटीय इलाकों का दौरा किया और कई प्रखंडों में स्थिति का जायजा लिया. जिलाधिकारी ने अधिकारियों को पूरी तरह अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया है. बताया जा रहा है कि गंडक में करीब तीन मीटर ऊंची बाढ़ की लहर आने की संभावना है. हालांकि, प्रशासन का कहना है कि सारण तक पानी पहुंचने में जलस्तर और रफ्तार में कमी आने की संभावना है.

तेजस्वी यादव ने कार्यकर्ताओं को दिए निर्देश
नेपाल में फ़्लैश फ्लड से हुए जान माल के नुक़सान और बिहार में संभावित ख़तरे को देखते हुए नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने लोगों से अपील की कहा कि नेपाल में आकस्मिक बाढ़ के कारण बिहार में जलप्रवाह बढ़ने की संभावना है. संबंधित तटवर्ती जिलों के संवेदनशील व प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को सजग एवं विशेषकर बिहार सरकार को सचेत व सतर्क रहना होगा.
प्रशासन को किसी भी प्रतिकूल आपात परिस्थिति और खतरे से निपटने के लिए लगातार निगरानी तथा राहत-बचाव कार्यों के अलावा सभी जरूरी प्रशासनिक व तकनीकी तैयारियां रखनी चाहिए. सरकार बांध एवं तटबंधों की 24*7 निगरानी रख उनकी मजबूती एवं सुरक्षा सुनिश्चित करें.
पार्टी कार्यकर्ताओं से हमारा आग्रह है कि विशेषकर गंडक नदी से जुड़े जिलों पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर एवं वैशाली के स्थानीय लोगों को आवश्यक सूचना और चेतावनी देकर जागरूक करते रहें.
विभागीय अधिकारियों को किया गया अलर्ट
जिले में बाढ़ के खतरे को देखते हुए सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया गया है. सूचना मिलने के बाद जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने गंगा और गंडक नदी के तटवर्ती इलाकों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया. अधिकारियों ने नदी किनारे बसे गांवों के लोगों से सुरक्षित स्थानों पर चले जाने की अपील की.
जिला प्रशासन के अलर्ट के बाद अधिकारियों की टीम ने कौनहारा घाट, तेरसिया, दियारा, राघोपुर, महनार समेत कई इलाकों का दौरा किया. इस दौरान नदी के जलस्तर में संभावित वृद्धि को देखते हुए आवश्यक एहतियाती कदम उठाने और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गयी.
सात प्रखंडों में मंडरा रहा बाढ़ का खतरा
डीएम ने बताया कि चीन में डैम टूटने के बाद उत्पन्न प्राकृतिक आपदा का असर नेपाल के रास्ते बिहार की नदियों पर पड़ने की आशंका है. नारायणी नदी का पानी बढ़ने से गंडक और गंगा नदी का जलस्तर तेजी से ऊपर उठ सकता है. इससे उत्तर बिहार के कई जिलों में बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है.
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वैशाली के इन जगहों पर हाई अलर्ट जारी
वैशाली जिले में भी इसका सीधा असर पड़ने की संभावना है. विशेष रूप से गंडक और गंगा नदी के किनारे बसे निचले इलाकों में पानी घुसने की आशंका जतायी गयी है. इसे देखते हुए लालगंज, हाजीपुर सदर, राघोपुर, बिदुपुर, देसरी, सहदेई बुजुर्ग और महनार प्रखंड में हाई अलर्ट जारी किया गया है. प्रशासन का उद्देश्य आपदा से होने वाले नुकसान और जान-माल की क्षति को कम करना है.
लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील
जिला प्रशासन ने गंडक और गंगा के तटीय इलाकों तथा निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से किसी भी अनहोनी से बचने के लिए सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर चले जाने की अपील की है. प्रशासन ने कहा है कि अगले 48 घंटे स्थिति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण हैं. इस दौरान पानी का बहाव चरम पर पहुंच सकता है.
आम नागरिकों को नदी किनारे, घाटों और अन्य जलस्रोतों के पास नहीं जाने की सख्त सलाह दी गयी है. बच्चों और पशुओं को भी पानी से दूर रखने को कहा गया है. प्रशासन की ओर से ध्वनि विस्तारक यंत्रों के माध्यम से लगातार लोगों को जागरूक किया जा रहा है.
24 घंटे काम कर रहा आपातकालीन सूचना केंद्र
डीएम ने बताया कि किसी भी आपातकालीन स्थिति, बचाव कार्य या सहायता के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह तैयार है. जिला मुख्यालय में नियंत्रण कक्ष 24 घंटे काम कर रहा है. किसी भी संकट की स्थिति में नागरिक 06224-260233, 06224-260234 और मोबाइल नंबर 9470082146 पर अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं.
प्रशासन की ओर से निर्देश जारी
जिला प्रशासन ने लोगों को भरोसा दिलाया है कि आपदा की स्थिति में हर संभव राहत और बचाव कार्य मुस्तैदी से चलाया जाएगा. प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे सतर्क रहें, अफवाहों पर ध्यान नहीं दें और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन करें.
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