Darbhanga News: 12 सितंबर को लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत, 30 बेंचों पर बैंक लोन से चेक बाउंस तक मामलों का निपटारा

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12 सितंबर को दरभंगा, बेनीपुर और बिरौल में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन होगा, जहाँ 30 बेंचों का गठन किया गया है. बैंक लोन, चेक बाउंस, वैवाहिक विवाद और अन्य समझौता योग्य मामलों का त्वरित निस्तारण किया जाएगा.

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Darbhanga News: दरभंगा. व्यवहार न्यायालय दरभंगा, बेनीपुर और बिरौल में शनिवार यानी 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा. बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देश पर होने वाली लोक अदालत में आपसी सुलहनामे के आधार पर शमनीय और अन्य समझौता योग्य मामलों का त्वरित निस्तारण किया जाएगा. इसके लिए कुल 30 बेंचों का गठन किया गया है. इनमें दरभंगा में 22, बेनीपुर में चार और बिरौल में चार बेंच शामिल हैं.

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दरभंगा, बेनीपुर और बिरौल में 30 बेंच गठित

राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल संचालन के लिए तीनों न्यायालयों में कुल 30 बेंच बनायी गयी हैं. दरभंगा व्यवहार न्यायालय में सबसे अधिक 22 बेंच होंगी, जबकि बेनीपुर और बिरौल में चार-चार बेंच गठित की गयी हैं.

प्रत्येक बेंच में पीठासीन पदाधिकारी, अधिवक्ता और पीठ लिपिक की प्रतिनियुक्ति की गयी है. इससे लोक अदालत में आने वाले मामलों की सुनवाई और निस्तारण के लिए आवश्यक व्यवस्था पूरी कर ली गयी है.

बैंक लोन से चेक बाउंस तक मामले होंगे निपटारे

लोक अदालत में लंबित और मुकदमा पूर्व विभिन्न मामलों की सुनवाई होगी. इनमें शमनीय आपराधिक वाद, एनआई एक्ट की धारा 138 यानी चेक बाउंस से जुड़े मामले और बैंक ऋण वसूली के मामले शामिल हैं.

इसके अलावा मोटर दुर्घटना दावा, श्रम विवाद, बिजली-पानी बिल तथा राजस्व से जुड़े मामलों का भी आपसी समझौते के आधार पर निस्तारण किया जाएगा.

वैवाहिक विवाद और जमीन से जुड़े मामले भी शामिल

राष्ट्रीय लोक अदालत में वैवाहिक विवाद, भूमि अधिग्रहण और सेवा संबंधी मामलों की भी सुनवाई होगी. संबंधित पक्षकार आपसी सहमति के आधार पर मामलों का समाधान करा सकेंगे.

इसके साथ ही किराया, सुखाधिकार, निषेधाज्ञा और संविदा के विनिर्दिष्ट पालन से जुड़े दीवानी वादों का भी निस्तारण किया जाएगा.

बीएसएनएल से जुड़े मामलों का भी होगा निष्पादन

लोक अदालत में बीएसएनएल से संबंधित मामलों को भी शामिल किया गया है. ऐसे मामलों में भी पक्षकार आपसी सुलह के माध्यम से विवाद का समाधान करा सकेंगे.

लोक अदालत का उद्देश्य लंबित मामलों को सरल प्रक्रिया और आपसी सहमति के माध्यम से जल्दी खत्म करना है, जिससे पक्षकारों को लंबे समय तक मुकदमेबाजी में नहीं रहना पड़े.

कम खर्च और कम समय में न्याय दिलाना उद्देश्य

राष्ट्रीय लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य पक्षकारों को सरल, त्वरित और कम खर्च में न्याय उपलब्ध कराना है. आपसी सुलहनामे के आधार पर मामलों का निस्तारण होने से पक्षकारों को समय और संसाधन दोनों की बचत हो सकती है.

12 सितंबर को आयोजित होने वाली लोक अदालत में विभिन्न श्रेणियों के मामलों को निपटाने के लिए न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं और संबंधित कर्मचारियों की बेंचवार व्यवस्था की गयी है.

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