दरभंगा: पुराने रूट पर रेल लाइन नहीं तो आंदोलन तेज होगा, हरनगर स्टेशन पर पांच सूत्री मांगों को लेकर धरना

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कुशेश्वरस्थान में सकरी-हसनपुर रेल परियोजना के तहत हरनगर-बिथान रेल लाइन के निर्माण को लेकर स्थानीय लोगों ने धरना दिया. मुख्य मांग रेल लाइन को पुराने रूट पर ही बनाने की है, जिसके पूरा होने का दावा किया गया है.

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Darbhanga News: कुशेश्वरस्थान. सकरी-हसनपुर रेल परियोजना के तहत हरनगर-बिथान वाया कुशेश्वरस्थान प्रस्तावित रेल लाइन का निर्माण पुराने रूट पर कराने समेत पांच सूत्री मांगों को लेकर बाबा कुशेश्वरधाम रेल परिचालन संघर्ष समिति के बैनर तले गुरुवार को हरनगर स्टेशन पर धरना दिया गया. धरना कार्यक्रम में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता शामिल हुए. प्रदर्शन के बाद स्टेशन मास्टर, दंडाधिकारी सह सीओ राकेश सिंह यादव और थानाध्यक्ष गौरव कुमार को मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा गया.

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हरनगर स्टेशन पर धरना को संबोधित करते शंकर कुमार झा व अन्य  मांग पत्र सौंपते धरनार्थी व अन्य | Prabhat Khabar Network

Kusheshwarsthan News: पुराने रूट पर रेल लाइन निर्माण की मांग

धरना के दौरान प्रदर्शनकारियों ने हरनगर-बिथान वाया कुशेश्वरस्थान रेल लाइन का निर्माण पुराने रूट पर कराने की मांग को लेकर नारेबाजी की. समिति के सदस्यों ने कहा कि पुराने रूट पर रेल परियोजना का काम काफी आगे बढ़ चुका था और इसे बदलने से क्षेत्र के लोगों के सामने नई परेशानी खड़ी हो सकती है.

दरभंगा-हरनगर ट्रेन नियमित करने की मांग

समिति की प्रमुख मांगों में दरभंगा-हरनगर ट्रेन का नियमित और समय पर परिचालन सुनिश्चित करना भी शामिल है. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि ट्रेन सेवा क्षेत्र के लोगों के लिए महत्वपूर्ण है और इसके परिचालन में नियमितता जरूरी है.

इसके साथ ही हरनगर स्टेशन से दिल्ली, मुंबई, कोलकाता सहित अन्य बड़े महानगरों के लिए रेल सेवा शुरू करने की मांग भी उठायी गयी.

पक्षी विहार को लेकर काम रोकने पर सवाल

सभा को संबोधित करते हुए शंकर कुमार झा ने कहा कि हरनगर से कुशेश्वरस्थान तक पुराने रूट पर रेल लाइन का काम आगे नहीं बढ़ने से किसान, आमलोग और राजनीतिक कार्यकर्ताओं में नाराजगी है.

उन्होंने दावा किया कि पक्षी विहार के नाम पर पुराने रूट पर काम रोका गया था, जबकि पिछले करीब 15 वर्षों से वहां विदेशी पक्षियों का आना बंद है. वक्ताओं ने यह भी दावा किया कि पुराने रूट पर करीब 80 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है.

नये रूट से बढ़ेगा खर्च, जमीन अधिग्रहण का भी मुद्दा

वक्ताओं ने कहा कि पुराने रूट की जगह नये रूट से रेल लाइन निर्माण की तैयारी होने पर जमीन अधिग्रहण, पुल-पुलिया निर्माण और अन्य कार्यों में अतिरिक्त खर्च बढ़ सकता है. उनके अनुसार इससे सरकारी राशि का बड़ा हिस्सा अतिरिक्त रूप से खर्च होने की आशंका है.

निर्णय नहीं हुआ तो चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी

धरना की अध्यक्षता मधुकांत झा मिन्टू ने की, जबकि संचालन जयप्रकाश पासवान ने किया. सभा को उप प्रमुख संतोष कुमार यादव, मुखिया संघ अध्यक्ष विमल चन्द्र खां, पूर्व मुखिया विद्यानंद झा, मुख्य पार्षद शत्रुघ्न पासवान समेत कई नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने संबोधित किया.

वक्ताओं ने कहा कि मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं हुआ तो चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और कार्यकर्ता मौजूद रहे.

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