दरभंगा: बाढ़ का असर बरकरार, स्कूल, नौकरी और इलाज के लिए नाव ही सहारा

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चौकिया गाँव के बाढ़ पीड़ित नाव से यातायात करते हुए। | Prabhat Khabar Network

चौकिया गाँव के बाढ़ पीड़ित नाव से यातायात करते हुए। | Prabhat Khabar Network

कुशेश्वरस्थान पूर्वी प्रखंड के बाढ़ प्रभावित गांवों में कोसी और कमला बलान नदी का जलस्तर घटने के बावजूद लोगों की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं. सड़क संपर्क बहाल न होने से हजारों ग्रामीण आज भी नाव के सहारे आवागमन करने को मजबूर हैं, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है.

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Darbhanga News: कोसी और कमला बलान नदी का जलस्तर लगातार घट रहा है. इससे बाढ़ का खतरा कम जरूर हुआ है, लेकिन कुशेश्वरस्थान पूर्वी प्रखंड के बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों की परेशानियां अभी भी खत्म नहीं हुई हैं. इटहर, चौकिया, लक्ष्मिनियां और भरैन गांव का सड़क संपर्क अब भी पूरी तरह बहाल नहीं हो सका है. ऐसे में हजारों ग्रामीण आज भी नाव के सहारे आवागमन करने को मजबूर हैं.

Kusheshwarsthan Flood News: नाव के सहारे चल रहा जनजीवन

बाढ़ का पानी कम होने के बावजूद बाजार, अस्पताल, बैंक, प्रखंड कार्यालय और अन्य जरूरी कार्यों के लिए लोगों को नाव का सहारा लेना पड़ रहा है. कई स्थानों पर सड़कें अब भी पानी में डूबी हैं या क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं, जिससे सामान्य यातायात बहाल नहीं हो पाया है.

शिक्षा, स्वास्थ्य और खेती पर पड़ा असर

सड़क संपर्क बाधित रहने से सबसे अधिक असर छात्र-छात्राओं की पढ़ाई पर पड़ा है. विद्यालय खुलने के बावजूद कई बच्चे सुरक्षित तरीके से स्कूल नहीं पहुंच पा रहे हैं. वहीं बीमार लोगों और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल ले जाने में भी काफी परेशानी हो रही है. किसानों को खेतों तक पहुंचने में दिक्कत होने से कृषि कार्य भी प्रभावित हो रहा है.

नाविकों पर अवैध किराया वसूली का आरोप

बाढ़ प्रभावित लोगों का कहना है कि अंचल प्रशासन की ओर से चलाई जा रही सरकारी नावों पर कोई पहचान चिन्ह नहीं लगाया गया है. इस कारण नाविक यात्रियों से मनमाना किराया वसूल रहे हैं. ग्रामीणों ने इसकी शिकायत अंचल कार्यालय में भी की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है.

सीओ ने जांच और सुधार का दिया भरोसा

अंचलाधिकारी राकेश रोशन भारती ने कहा कि नाविकों द्वारा किराया वसूली की शिकायत मिली है. उन्होंने बताया कि मंगलवार को स्वयं मौके पर जाकर स्थिति का निरीक्षण करेंगे. सरकारी नावों पर पहचान के लिए झंडा लगाया जाएगा. उन्होंने बताया कि लोगों की सुविधा के लिए छह स्थानों पर सरकारी नावों का संचालन किया जा रहा है और व्यवस्था को और बेहतर बनाया जाएगा.


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संतोष पोद्दार

लेखक के बारे में

By संतोष पोद्दार

संतोष पोद्दार को पत्रकारिता का 20 वर्षों का लंबा अनुभव है. ये सामाजिक, राजनीतिक, आपराधिक व धार्मिक-सांस्कृतिक गतिविधियों पर पैनी नजर रखते हैं और सटीक रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं.

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