कुशेश्वरस्थान: अनियमित नाव परिचालन से शिक्षक-छात्र परेशान, समय पर नहीं पहुंच पा रहे विद्यालय

कमला बलान नदी पार करने के लिए नाव का इंतजार करते शिक्षक, छात्र और ग्रामीण.
कुशेश्वरस्थान में बाढ़ के कारण शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से नाव परिचालन पर निर्भर हो गई है. शिक्षक और छात्र स्कूल पहुंचने के लिए नाव का लंबे समय तक इंतजार कर रहे हैं, जिससे पढ़ाई प्रभावित हो रही है. नाविकों पर अधिक किराया वसूलने का भी आरोप है.
Kusheshwarsthan News: बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था इन दिनों नाव परिचालन पर निर्भर हो गई है. उत्क्रमित मध्य विद्यालय बर्निया के शिक्षक घनश्याम ठाकुर और पप्पू ठाकुर का कहना है कि वे समय पर घर से निकलते हैं, लेकिन चौकिया से कमला बलान के पश्चिमी तटबंध तक पहुंचने के लिए नाव का लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है. इससे विद्यालय में पहली और दूसरी अवधि की पढ़ाई प्रभावित हो रही है.
नाविक पर अधिक किराया वसूलने का आरोप
शिक्षकों ने आरोप लगाया कि संबंधित नाविक नीरज कुमार 50 रुपये लेकर ही लोगों को नदी पार कराते हैं. उनका कहना है कि अनियमित परिचालन और कथित अधिक किराया वसूली के कारण शिक्षक, छात्र और आम लोग सभी परेशान हैं.
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कई गांवों के छात्र हो रहे प्रभावित
इटहर, चौकिया, लक्ष्मीनिया, बल्थरबा, पोखर, गोबराही, तिलकेश्वर, उजुआ, सिमरटोका, झाझा, गाइजोडी और सुघराईन गांवों के छात्र नियमित रूप से विद्यालय नहीं पहुंच पा रहे हैं. गोबराही निवासी देवदत्त यादव ने बताया कि इलाज के लिए भी लोगों को नाव का लंबा इंतजार करना पड़ता है.
एसडीओ ने जांच और कार्रवाई का दिया आश्वासन
ग्रामीणों ने सभी घाटों पर सूचना बोर्ड लगाने, नाव परिचालन की निर्धारित समय-सारिणी जारी करने तथा नियमित निगरानी की मांग की है. इस संबंध में एसडीओ शशांक राज ने कहा कि शिकायतों की जांच कराई जाएगी और घाटों पर सूचना बोर्ड लगाए जाएंगे. यदि जांच में अवैध वसूली या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित नाविकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
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By संतोष पोद्दार
संतोष पोद्दार को पत्रकारिता का 20 वर्षों का लंबा अनुभव है. ये सामाजिक, राजनीतिक, आपराधिक व धार्मिक-सांस्कृतिक गतिविधियों पर पैनी नजर रखते हैं और सटीक रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं.
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