40,000 में खरीदे जाते एक लाख के नकली नोट

Published at :31 Mar 2017 5:00 AM (IST)
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40,000 में खरीदे जाते एक लाख के नकली नोट

खुलासा. डिलिवरी के वक्त 20 हजार रुपये व शेष खपाने के बाद किया जाता भुगतान दरभंगा : एक लाख के नकली नोट लेने के एवज में सप्लायर से 40 हजार रुपये लिये जाते हैं. इसका खुलासा जीआरपी की ओर से नकली नोट के कारोबार के भंडाफोड़ होने के बाद हुआ है. दरभंगा जंकशन पर गुरूवार […]

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खुलासा. डिलिवरी के वक्त 20 हजार रुपये व शेष खपाने के बाद किया जाता भुगतान

दरभंगा : एक लाख के नकली नोट लेने के एवज में सप्लायर से 40 हजार रुपये लिये जाते हैं. इसका खुलासा जीआरपी की ओर से नकली नोट के कारोबार के भंडाफोड़ होने के बाद हुआ है. दरभंगा जंकशन पर गुरूवार की अहले सुबह करीब साढ़े तीन बजे हुए गिरफ्तार उदेश मंडल तथा सुफल चौधरी ने रेल एसपी बीएन झा के समक्ष इसका खुलासा किया. सुफल ने बताया कि एक लाख के नकली नोट के बदले 40 हजार के असली नोट उसे देने पड़ते थे. इसमें नकली नोट लेते समय आधी राशि यानि 20 हजार का वह भुगतान करता था. 20 हजार जीआरपी थानाध्यक्ष नंदकिशोर सिंह ने गिरफ्तारी के बाद उससे बरामद किया. शेष 20 हजार नोट खप जाने के बाद उसे देना था.
दूसरी बार नोट खपाने पहुंचा सुफल: सुफल चौधरी दूसरी बार नकली नोट खपाने के लिए डिलिवरी लेने दरभंगा जंकशन पहुंचा था. उसने बताया कि वह पिछले वर्ष के अक्टूबर-नवंबर महीने से इस धंधे में है. इससे पहले 50 हजार का नकली नोट उसने लिया था, जिसे नेपाल में जाकर खपा दिया. हालांकि रेल एसपी श्री झा का कहना है कि अभी दोनों आरोपितों से पूछताछ की जा रही है. कई और अहम तथ्य सामने आना बांकी है. इनके बयान की सच्चाई की भी पड़ताल होनी है.
सुफल का पुराना आपराधिक इतिहास: गिरफ्तार सुफल चौधरी का आपराधिक इतिहास पुराना है. महिला प्रताड़ना के मामले में वह आरोपित रहा है. ठगी के मामले में भी उसपर कांड अंकित है. वह पहले नोट बदलने का काम किया करता था.
नेपाल से भी जुड़े नकली नोट कारोबार के तार
जाल बिछा कर पकड़ा
संदेह के आधार पर डिलिवरी ब्यॉय उदेश को गिरफ्त में लेने के बाद जीआरपी थानाध्यक्ष नंदकिशोर सिंह ने जाल बिछाकर सप्लायर को भी कब्जे में ले लिया. उन्होंने बताया कि उदेश से सप्लायर सुफल को फोन कराया गया. उसे जंकशन के बाहरी परिसर स्थित मंदिर के पास बुलाया गया. इधर सिविल ड्रेस में थानाध्यक्ष के नेतृत्व में पुलिस बल के जवान व अधिकारी ने नाकेबंदी कर दी. जैसे ही सुफल पहुंचा, उसे दबोच लिया गया. इधर सुफल को लेकर रेल एसपी के निर्देश पर उसके मधुबनी स्थित आवास पर भी छापा मारा गया. हालांकि वहां से कुछ खास बरामद नहीं हो सका.
गैंग के खुलासे को महकमा चौकस:भारतीय अर्थव्यवस्था को चौपट करने के लिए चलाये जा रहे इस धंधे में बड़े गैंग की संलिप्तता के संकेत मिल रहे हैं. नाम नहीं छापने की शर्त्त पर एक अधिकारी ने बताया कि इसके तार विदेश से भी जुड़े हैं. इधर रेल एसपी ने बताया कि वरीय पदाधिकारी के संज्ञान में मामला चला गया है. वहां से मिले निर्देश के आधार पर आगे की तहकीकात होगी. इसके बाद लिंक का पूरी तरह से भंडाफोड़ होगा.
उदेश बड़ा धंधेबाज
गिरफ्तार उदेश नकली नोट के कारोबार की बड़ी मछली है. जंकशन पर तो महज एक लाख दो हजार दो सौ ही बरामद हुए, लेकिन कटिहार स्थित उसके आवास से वहां की पुलिस ने 30 लाख के नकली नोट जब्त किये हैं. वैसे इस गैंग के तार काफी ऊपर तक हैं. कारण मो. नेहाल नामक आदमी पूर्णिया जिला के भवानीपुर स्थित अपने ससुराल में आकर नकली नोट की आपूर्ति किया करता थानोटों की होगी एफएसएल जांच
बरामद नकली नोटों की एफएसएल जांच करायी जायेगी. मालूम हो कि जब्त नकली करेंसी में एक ही सिरियल के कई नोट हैं. एक नजर में असली दिखनेवाले इन करेंसी में गौर से देखने पर ही गड़बड़ी मालूम पड़ती है. सौ के नोट के बांयी ओर के हिस्से में होने वाली तसवीर नहीं है. वाटर मोनोग्राम भी गायब है. और भी गड़बड़ियां होने की संभावना है. इसे लेकर बैंक की टीम से भी इसकी जांच करायी जायेगी.
थानाध्यक्ष होंगे पुरस्कृत
इस उपलब्धि में महत्ती भूमिका निभाने वाले थानाध्यक्ष नंदकिशोर सिंह को विभाग पुरस्कृत करेगा. रेल एसपी बीएन झा ने बताया कि इनकी सजगता के कारण ही यह कामयाबी मिल सकी है. उन्होंने आगे भी इस सजगता को बरकरार रखते हुए सघन अभियान चलाने का निर्देश दिया.
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