सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाले गार्ड असुरक्षित
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :28 Apr 2016 4:38 AM (IST)
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जर्जर भवन में रहकर कर रहे ड्यूटी कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा कमतौल : प्रखंड कार्यालय जाले में अधिकारियों और आम जन की सुरक्षा करने वाले अंचल गार्ड के पुलिस कर्मी खूद ही असुरिक्षत पुलिस चौकी में रह रहे हैं. प्रखण्ड मुख्यालय स्थित अंचल गार्ड की पुलिस चौकी की हालत जर्जर है. कमरा […]
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जर्जर भवन में रहकर कर रहे ड्यूटी
कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा
कमतौल : प्रखंड कार्यालय जाले में अधिकारियों और आम जन की सुरक्षा करने वाले अंचल गार्ड के पुलिस कर्मी खूद ही असुरिक्षत पुलिस चौकी में रह रहे हैं. प्रखण्ड मुख्यालय स्थित अंचल गार्ड की पुलिस चौकी की हालत जर्जर है. कमरा का छत और दीवारों में दरारें पुरानी पड़ चुकी हैं. बरसात के दिनों में छत से पानी टपकता है. बरामदे के लिंटर आदि कई जगहों से छड़ दिखने लगा है. स्थिति यह है कि ये कमरें कभी भी गिर सकते हैं. इनसे हमेशा दुर्घटना होने की संभावना बनी रहती है. भवन की स्थिति क्षतिग्रस्त की श्रेणी में है. इस ओर अविलम्ब ध्यान नहीं दिया गया,
तो कभी भी कोई गंभीर हादसा हो सकता है. बीडीओ कार्यालय से पश्चिम और आरटीपीएस भवन के पूरब रास्ते के किनारे पर बनी पुलिस चौकी में रहने वाले अंचल पुलिसकर्मी खुद मौत के साये में ड्यूटी कर पदाधिकारियों और आमजन की सुरक्षा कर रहे हैं. पुलिस चौकी भवन का निर्माण कब हुआ, कार्यरत कर्मियों को मालूम नहीं. परन्तु जर्जर भवन को देख कहना अतिशयोक्ति नहीं होनी चाहिए की भवन के रखरखाव और इसकी मरम्मति को लेकर स्थानीय पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि भी उदासीन रहे. अंचल पुलिस चौकी के जर्जर भवन का के सामने से प्रतिदिन स्थानीय पदाधिकारी गुजरते हैं. कभी-कभार वरीय अधिकारी भी गुजरते रहते हैं. किसी की नजर वहां तक नहीं पहुंची है.
जनप्रतिनिधियों ने भी इस मसले पर संज्ञान लिया. मरम्मत के बिना भवन जर्जर हो चुका है. एक कमरा और बरामदा वाले पुलिस चौकी में पांच अंचल गार्ड एक साथ रहते हैं. बिजली आपूर्ति होती है, परंतु बिजली आपूर्ति के लिए के तारों का मकड़जाल बिछाया गया है. लटके बिजली तार भी दुर्घटना को आमन्त्रित करती नजर आती है. शौचालय की व्यवस्था नहीं होने से खुले में शौच करना विवशता है. फिलहाल उधार के शौचालय से काम चल रहा है. कहना अतिश्योक्ति नहीं होनी चाहिए की दो महीने से चुनाव कार्य के सिलिसले में यहां तक कई वरीय अधिकारी आये-गए परंतु उनकी नजर भी वहां तक नहीं पहुंची, हास्यास्पद लग रहा है.
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