अतिथि सत्कार में आयी कमी, तो रूठ गये मेहमान पक्षी

Updated:
विज्ञापन

राष्ट्रीय पक्षी दिवस पर विशेष हजारों मील की दूरी तय कर आनेवाली चिड़ियों की संख्या में आयी भारी कमी रंग-बिरंगे विदेशी पक्षियों के कलरव से गुंजायमान रहने वाला कुशेश्वरस्थान पक्षी अभयारण्य खामोश कुशेश्वरस्थान पूर्वी : अतिथि सत्कार के लिए मशहूर मिथिला की सांस्कृतिक राजधानी दरभंगा से मेहमान पक्षी रुठ गये हैं. शरद ऋतु के दस्तक […]

विज्ञापन

राष्ट्रीय पक्षी

आपके शहर में

विज्ञापन
दिवस पर विशेष
हजारों मील की दूरी तय कर आनेवाली चिड़ियों की संख्या में आयी भारी कमी
रंग-बिरंगे विदेशी पक्षियों के कलरव से गुंजायमान रहने वाला कुशेश्वरस्थान पक्षी अभयारण्य खामोश
कुशेश्वरस्थान पूर्वी : अतिथि सत्कार के लिए मशहूर मिथिला की सांस्कृतिक राजधानी दरभंगा से मेहमान पक्षी रुठ गये हैं. शरद ऋतु के दस्तक के साथ ही मेहमान विदेशी पक्षियों से गुलजार नजर आनेवाला कुशेश्वरस्थान का चौर वीरान पड़ा है. पक्षियों के कलरव से तरंगित रहनेवाला यह पक्षी अभयारण्य खामोश हो गया है.
इसका मूल कारण पक्षियों की शिकारमाही व बदला परिवेश है. यहां का लरैल, मदारिया व महरौली चौर विदेशी पक्षियों से पट जाता था. शाम ढलते ही रंग-बिरंगी पक्षियों के चहचहाट व उनकी जलक्रीड़ा से बननेवाले नयनाभिराम नजारे के दीदार को दूर-दूर से लोग आया करते थे, लेकिन अब यह बीती बात होती जा रही है.
साल-दर-साल मेहमान पक्षियों की संख्या कम होती जा रही है. सीएम कॉलेज के सेवानिवृत्त जीवविज्ञान के प्रोफेसर डॉ आरपी सिन्हा शिकारमाही के साथ ही इस क्षेत्र की बदली भौगोलिक स्थिति को इसकी वजह बताते हैं. कहते हैं कि मोबाइल टावर खड़े होने तथा जलवायु में आये बदलाव भी इसके कारण हैं.
विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन