बेतिया पुलिस के िरकॉर्ड में 17 साल से फरार हैं परमेश्वर

Updated at : 14 Feb 2017 6:14 AM (IST)
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बेतिया पुलिस के िरकॉर्ड में 17 साल से फरार हैं परमेश्वर

पेपर लीक मामला. दो थानों में दर्ज हैं तीन मामले मैनाटांड़ (बेतिया) : पर लीक मामले में बीएसएससी के निलंबित अध्यक्ष परमेश्वर का चरित्र शुरुआती दौर से ही विवादित और भ्रष्ट रहा है. पश्चिमी चंपारण के मैनाटांड़ में सीओ के रूप में पदस्थापित परमेश्वर की कारगुजारियों का ही परिणाम है कि उनके खिलाफ मैनाटांड़ अंचल […]

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पेपर लीक मामला. दो थानों में दर्ज हैं तीन मामले

मैनाटांड़ (बेतिया) : पर लीक मामले में बीएसएससी के निलंबित अध्यक्ष परमेश्वर का चरित्र शुरुआती दौर से ही विवादित और भ्रष्ट रहा है. पश्चिमी चंपारण के मैनाटांड़ में सीओ के रूप में पदस्थापित परमेश्वर की कारगुजारियों का ही परिणाम है कि उनके खिलाफ मैनाटांड़ अंचल के दो थानों में तीन मामले दर्ज कराये गये थे. इनमें से एक मामले में वारंट होने के कारण वह पुलिस की नजर में 17 साल से फरार हैं. जानकारी के अनुसार उनका पदस्थापन 15 अप्रैल, 1997 में हुआ. तब से 28 मार्च, 2000 तक वह सीओ मैनाटांड़ के पद पर काम किये. बताते हैं कि इस दौरान भगहां बाजार के ग्रामीण इतिहाक अंसारी ने उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी
. 1998 में भंगहा थाने में दर्ज प्राथमिकी में आरोप लगाया कि भंगहा बाजार में शरणार्थियों की जमीन को आधा दर्जन लोगों के नाम पर नाजायज तरीके से बंदोबस्त कर दिया. इसी दौरान ग्रामीणों ने पिटाई की, तो थाने की शरण लेकर उन्होंने जान बचायी. इसी तरह भंगहा थाने के नकरदेही में आम गैरमजरूआ जमीन पर दो लाख के हरे पेड़ की लकड़ी कटवा कर बेचने का आरोप लगा है. मामले की जांच तत्कालीन एडीएम ललन सिंह ने की थी.
उधर 1998 में मैनाटांड़ के पूर्व सरपंच शिवाजी आर्य की ओर से रजिस्ट्री जमीन का गलत ढंग से बासगीत परचा काटने का आरोप लगाते हुए मैनाटांड़ थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी. इस मामले में पूर्व अमीन भी आरोपित हैं. इसी मामले में 2000 तक सीओ रहे निलंबित अध्यक्ष परमेश्वर पर वारंट निर्गत है और पुलिस उन्हें फरार मान चुकी है.
डाटा इंट्री ऑपरेटर भी शक के घेरे में, होगी पूछताछ
पटना : एसएससी के सचिव परमेश्वर राम व डाटा इंट्री ऑपरेटर अविनाश की गिरफ्तारी के बाद एसआइटी अब आयोग के अध्यक्ष सुधीर कुमार के डाटा इंट्री ऑपरेटर से पूछताछ की तैयारी कर रही है. एसआइटी प्रश्नपत्र के लीक होने से पहले आंसर लीक होने की जांच को आगे बढ़ा रही है. आशंका है कि सिर्फ पेपर लीक ही नहीं, बल्कि माडल आंसर ‘की’ को भी लीक किया गया था. यह कहां से लीक हुआ, इसकी जांच चल रही है. इस संबंध में अध्यक्ष का डाटा इंट्री ऑपरेटर कुछ अहम जानकारी दे सकता है.
दो हैंडराइटिंग में आंसर. अब तक की जांच के बाद एसआइटी यह मान रही है कि जो आंसर लीक हुआ है, उसे दो हैंडराइटिंग में लिखा गया है. इसकी जांच में हैंडराइटिंग एक्सपर्ट की मदद ली जायेगी. पहले तो यह देखा जा रहा है कि माॅडल आंसर ‘की’ प्रिंटिंग प्रेस से निकलने के बाद किसके पास पहुंचती है, एसआइटी वहां पहुंचना चाहती है. मालूम हो कि प्रश्नपत्र लीक होने से पहले जो आंसर लीक किया गया था, उसमें पहले सवाल का जवाब पीयूष ग्रंथी था. इसकी जांच की जा रही है.
एवीएन स्कूल की नौबतपुर शाखा में पहुंची एसआइटी . पटना के एवीएन स्कूल की नौबतपुर शाखा में साेमवार को एसआइटी पहुंची थी. पुलिस ने स्कूल में छानबीन की. कुछ दस्तावेज भी देखे. कुछ लोगों से पूछताछ भी हुई है. सूत्राें की मानें, तो एसआइटी को गिरफ्तार शिक्षक अटल बिहारी से कुछ खास जानकारी मिली है, जिसके आधार पर छानबीन गयी है. हालांकि, वहां से किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है. छानबीन जारी है.
सात आरोपितों को रिमांड के लिए पुलिस ने कोर्ट में दी अर्जी. एसआइटी ने सोमवार को सात आरोपितों को रिमांड के लिए कोर्ट में अर्जी दी. इनमें नितिन उर्फ सनोज, अटल बिहारी, राम आशीष, राम सुमेर, गौरीशंकर, आलोक, रामेश्वर उर्फ रमेश शामिल हैं. संभावना है कि मंगलवार को रिमांड मिल जायेगा. एसआइटी एक बार फिर से इन सभी आरोपितों से अलग-अलग पूछताछ करेगी.
रिमांड के लिए अगली अर्जी परमेश्वर राम के लिए . सात लोगों को रिमांड पर लेने के बाद एसआइटी परमेश्वर राम और उनके
डाटा इंट्री ऑपरेटर
डाटा इंट्री ऑपरेटर अविनाश कुमार को रिमांड लेगी. अब तक की जांच में मिले तथ्यों के आधार पर उनसे दोबारा पूछताछ होगी. एसआइटी जिस तरह से छानबीन कर रही है, उससे साफ है कि जांच दायरा अभी और बढ़ेगा. कुछ और सबूत परमेश्वर राम के खिलाफ एसआइटी के हाथ लगेंगे.
पश्चिम बंगाल से लौटी पुलिस टीम, सेटर नहीं लगा हाथ
परमेश्वर और अविनाश की गिरफ्तारी के बाद एसआइटी को कुछ सेटरों की जानकारी मिली थी. इनमें एक खास शख्स था, जिसका लोकेशन कोलकाता में मिला था. एसआइटी की एक टीम पश्चिम बंगाल भेजी गयी थी. लेकिन वहां किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी. टीम जिसे पकड़ने गयी थी, उसे पहले ही भनक लग गया था और वह पश्चिम बंगाल से निकल गया था.
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