कॉल फॉरवर्ड करके संदिग्ध आपस में करते थे बात, जांच में आया सामने
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
Updated:
विज्ञापन
आइएसआइ एजेंट का खुलासा मोतिहारी : पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आइएसआइ के गिरफ्तार संदिग्धों के मोबाइल कॉल डिटेल से घोड़ासहन व कानपुर रेलकांड की साजिश का एक और साक्ष्य मिला है. घोड़ासहन में रेलवे ट्रैक पर बम प्लांट, कानपुर रेल हादसा व आदापुर के दीपक राम व अरुण राम की हत्या की कड़ी आपस में […]
विज्ञापन
आइएसआइ एजेंट का खुलासा
मोतिहारी : पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आइएसआइ के गिरफ्तार संदिग्धों के मोबाइल कॉल डिटेल से घोड़ासहन व कानपुर रेलकांड की साजिश का एक और साक्ष्य मिला है. घोड़ासहन में रेलवे ट्रैक पर बम प्लांट, कानपुर रेल हादसा व आदापुर के दीपक राम व अरुण राम की हत्या की कड़ी आपस में जुड़ती जा रही है.
पड़ताल में यह बात साफ हो चुकी है कि तीनों घटनाओं में गिरफ्तार संदिग्धों का हाथ है. तीनों घटनाओं के एक दिन पहले उनका मोबाइल स्विच ऑफ और घटना के एक दिन बाद मोबाइल ऑन होना उनकी संदिग्ध गतिविधियों का प्रमाण दे रहा है.जांच अधिकारियों का कहना है कि किसी एक घटना के पहले मोबाइल स्विच ऑफ व घटना के बाद ऑन होना संयोग हो सकता है, लेकिन तीनों घटनाओं में मोबाइल का ऑपरेटिंग सिस्टम एक समान होना साजिश के अलावा कुछ
रोमिंग कॉल फॉरवार्डिंग
और नहीं हो सकता. जांच में यह भी बात सामने आयी है कि गिरफ्तार संदिग्ध उमाशंकर पटेल के अलावा फरार गजेंद्र शर्मा व राकेश यादव के मोबाइल से नेपाल व दुबई रोमिंग कॉल फॉरवार्डिंग सिस्टम से बातचीत हुई है. एक बार नहीं कई बार इस सिस्टम से उनके बीच बातचीत का सबूत मिला है. जानकार बताते हैं कि रोमिंग कॉल फॉरवार्डिंग सिस्टम से कोई एक व्यक्ति किसी दूसरे के पास फोन कर तीन-चार व्यक्ति से बातचीत कर सकता है.संदिग्धों के बीच अधिकतर बातचीत रोमिंग कॉल फॉरवार्डिंग (आरसीएफ) में ही हुई है. इसी कारण से उनके मोबाइल का टावर लोकेशन नहीं मिल पा रहा है.
नेपाल व दुबई के मोबाइल नंबरों से संदिग्धों के पास आया था कॉल
गलती से ऑन रह गया था अरुण का मोबाइल
घोड़ासहन में रेलवे ट्रैक पर बम प्लांट के बाद विस्फोट नहीं कराने को लेकर नेपाल में मौत के घाट उतारे गये अरुण राम व दीपक राम में एक का मोबाइल गलती से ऑन रह गया था. सूत्र बताते हैं कि अरुण का मोबाइल घटना के वक्त खुला था. उस समय उसके मोबाइल का टावर लोकेशन घटनास्थल के आसपास का मिला है.
रेल न्यायालय में हुई पेशी
घोड़ासहन रेलवे ट्रैक पर बम प्लांट के आरोपित उमाशंकर पटेल, मोतीलाल पासवान व मुकेश राम को रेल न्यायालय में पेशी के बाद उनको भारी सुरक्षा के बीच मंगलवार को फिर बेतिया जेल भेजा गया. रेल एसपी बीएन झा ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर तीनों को बेतिया जेल में शिफ्ट किया गया.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










