10 घंटे के लिए हटा कर्फ्यू, सीमा पर नाकेबंदी जारी
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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रक्सौल : जारी मधेशी आंदोलन के क्रम में सोमवार को हुए विवाद के बाद वीरगंज में कायम तनावपूर्ण स्थिति में गुरुवार से सुधार हुआ है. प्रशासन के द्वारा गुरुवार की सुबह 9:30 बजे से लेकर शाम के सात बजे तक कर्फ्यू को हटाया गया, जिसके बाद वीरगंज में दिन के समय हालात सामान्य दिखे. इधर, […]
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रक्सौल : जारी मधेशी आंदोलन के क्रम में सोमवार को हुए विवाद के बाद वीरगंज में कायम तनावपूर्ण स्थिति में गुरुवार से सुधार हुआ है. प्रशासन के द्वारा गुरुवार की सुबह 9:30 बजे से लेकर शाम के सात बजे तक कर्फ्यू को हटाया गया, जिसके बाद वीरगंज में दिन के समय हालात सामान्य दिखे.
इधर, वीरगंज में स्थिति सामान्य होने के साथ ही भारत-नेपाल सीमा पर मधेशी दलों के द्वारा जारी आर्थिक नाकेबंदी और प्रदर्शन का क्रम जारी है. गुरुवार को भी काफी संख्या में मधेशी कार्यकर्ता ने धरना में शामिल होकर आर्थिक नाकेबंदी को सशक्त किया. रक्सौल बॉर्डर पर आंदोलन का नेतृत्व कर रहे मोरचे के नेता राजेंद्र महतो के साथ-साथ अन्य दलों के भी प्रमुख नेताओं ने धरना में भाग लिया और प्रदर्शन में शामिल होने के लिए आये लोगों का हौसला बढ़ाया. यहां बता दें कि बीते 45 दिनों से मधेशी मोरचे के कार्यकर्ता भारत-नेपाल सीमा की आर्थिक नाकेबंदी कर अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे हैं.
इसी बीच सोमवार को पुलिस ने आंदोलनकारियों का टेंट जला दिया और उनपर लाठीचार्ज किया. इसके बाद से स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई थी. इसमें गुरुवार से सुधार देखा गया है. वहीं मधेशी मोरचे के कार्यकर्ताओं ने आंदोलन को मांग पूरा होने तक जारी रखने का निर्णय लिया है.
सरकार और मधेशी मोरचे के बीच बढ़ीं दूरियां
नेपाल सरकार और आंदोलनरत मधेशी मोरचे के बीच सोमवार की घटना के बाद दूरी बढ़ गयी हैं. सबसे बड़ी बात है कि बढ़ती दूरी के बीच दोनों पक्ष के बीच मध्यस्थता की भूमिका के लिए कोई भी नहीं है.
गुरुवार को मधेशी मोरचे ने यह स्पष्ट कर दिया कि सरकार के साथ अब की परिस्थिति में तत्काल वार्ता की संभावना नहीं है. यहां बता दें कि इसके पूर्व सरकार और आंदोलनकारी पक्ष के बीच तीन चरणों में औपचारिक वार्ता हो चुकी है. इसके बाद भी किसी प्रकार का निष्कर्ष नहीं निकल सका है.
सरकार और मधेशी मोरचे के बीच बढ़ीं दूरियां
नेपाल सरकार और आंदोलनरत मधेशी मोरचे के बीच सोमवार की घटना के बाद दूरी बढ़ गयी हैं. बढ़ती दूरी के बीच दोनों पक्ष के बीच मध्यस्थता की भूमिका के लिए कोई भी नहीं है. गुरुवार को मधेशी मोरचे ने यह स्पष्ट कर दिया कि सरकार के साथ अब की परिस्थिति में तत्काल वार्ता की संभावना नहीं है. यहां बता दें कि इसके पूर्व सरकार और आंदोलनकारी पक्ष के बीच तीन चरणों में औपचारिक वार्ता हो चुकी है.इसके बाद भी किसी प्रकार का निष्कर्ष नहीं निकल सका है.
कैंडल मार्च निकाल मारे गये युवक को दी गयी श्रद्धाजंलि
शहर के युवाओं के द्वारा गुरुवार को कैंडल मार्च निकाल कर मधेशी आंदोलन के क्रम में मारे गये भारतीय युवक आशीष कुमार राम को श्रद्धाजंलि दी गयी. युवाओं ने पोस्ट ऑफिस चौक से कैंडल मार्च निकाल कर कस्टम तक मार्च किया. इस दौरान युवाओं ने कहा कि आशीष के परिवार को 20 लाख का मुआवजा दिया जाये. वहीं, मृतक के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाये.
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