थाने में 10 घंटे रखने के बाद आरोपित को छोड़ा

Updated at : 13 Jan 2015 11:31 AM (IST)
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थाने में 10 घंटे रखने के बाद आरोपित को छोड़ा

कार्रवाई सिफर : गत वर्ष 11 जुलाई को पुलिस व बीडीओ आवास पर हुआ था हमला रक्सौल : रामगढ़वा पुलिस ने पांच जनवरी को मनोहर कुमार नामक युवक को गिरफ्तार किया, फिर छोड़ दिया. मनोहर पर बीते 11 जुलाई को रामगढ़वा पुलिस पर हमला करने का आरोप है. पुलिस की ओर से दर्ज प्राथमिकी 121/14 […]

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कार्रवाई सिफर : गत वर्ष 11 जुलाई को पुलिस व बीडीओ आवास पर हुआ था हमला
रक्सौल : रामगढ़वा पुलिस ने पांच जनवरी को मनोहर कुमार नामक युवक को गिरफ्तार किया, फिर छोड़ दिया. मनोहर पर बीते 11 जुलाई को रामगढ़वा पुलिस पर हमला करने का आरोप है.
पुलिस की ओर से दर्ज प्राथमिकी 121/14 में मनोहर का नाम 28 वें नंबर पर अंकित है. पांच जनवरी को पुलिस उसे निर्धारित मूल्य से अधिक दाम पर यूरिया खाद बेचने के आरोप में थाना लायी थी.
क्या है मामला
पांच जनवरी को पुलिस को सूचना मिली थी कि रामगढ़वा बाजार स्थित शंकर मंदिर के पास अधिक दाम पर यूरिया बेचा जा रहा है.
शिकायत के बाद पुलिस ने दुकानदार मनोहर को थाना लायी. दूसरी तरफ प्रखंड कृषि पदाधिकारी द्वारा पुलिस को प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए कोई आवेदन नहीं दिया गया. हालांकि इस दौरान प्रखंड कृषि पदाधिकारी राजीव कुमार व रामगढ़वा थानाध्यक्ष कुमार रौशन के बीच बातचीत हुई. इस दौरान प्रखंड कृषि पदाधिकारी द्वारा प्राथमिकी के लिए आवेदन देने से इनकार किया गया. तब थानाध्यक्ष द्वारा कृषि पदाधिकारी को बताया गया कि उस पर बिजली से संबंधित मामला दर्ज है. उसे नहीं छोड़ा जायेगा, लेकिन लगभग 9 बजे सुबह की गिरफ्तारी के बाद रात के आठ बजे मनोहर को पुलिस ने छोड़ दिया.
11 जुलाई का है मामला
बीते 11 जुलाई की संध्या सात बजे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के पास बिजली का तार टूट कर गिरा. उसकी चपेट में आने से तीन लोगों की मौत हो गयी. घटना की सूचना पर पहुंची रामगढ़वा पुलिस की लोगों ने जम कर पिटाई की. इसके बाद गुस्साये लोगों ने प्रखंड विकास पदाधिकारी के आवास पर पथराव भी किया. मामले में पुलिस ने 33 लोगों को नामजद अभियुक्त बनाते हुए कांड संख्या 121/14 दर्ज किया, जिसमें मनोहर का नाम 28 वें नंबर पर दर्ज है.
क्या कहते हैं बीएओ
प्रखंड कृषि पदाधिकारी राजीव कुमार ने कहा कि पुलिस ने मनोहर को गिरफ्तार किया था. जांच में पाया गया कि उसने यूरिया के लिए जो रसीद काटी है, वह सही है.
इसके बाद पुलिस ने उसे डांट-फटकार कर छोड़ दिया. प्राथमिकी दर्ज नहीं करायी गयी. ऐसे भी हमलोग अपने विभाग के लोगों को नहीं फंसाते हैं. थाना प्रभारी से बात हुई है, उन्होंने कहा है कि उस पर बिजली का केस है. उसे नहीं छोड़ा जायेगा.
कहते हैं आइओ
कांड संख्या 121/14 के आइओ नौशाद अहमद सिद्दीकी से जब इस संबंध में पूछा गया तो पहले उन्होंने इनकार कर दिया. फिर कहा कि वह रात भर हाजत में नहीं बंद था. मैं नौ बजे रात को थाना पहुंचा तो वह छूट गया था. वह दिन में ही आया था. बाकी बड़ा बाबू बतायेंगे.
कहते हैं थानाध्यक्ष
थानाध्यक्ष कुमार रौशन का कहना है कि मनोहर का नाम नामजद लोगों की सूची में नहीं है.
अभी केस का सुपरविजन नहीं हुआ है. सभी प्राथमिक अभियुक्तों को जेल भेजा जा चुका है, जबकि मनोहर का नाम प्राथमिकी में दर्ज है.
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