बिहार में प्रधानमंत्री आवास योजना के 80000 लाभार्थियों पर दर्ज होगा केस, जानें पूरा मामला

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प्रधानमंत्री आवास योजना की दूसरी किस्त लेकर बिहार के 80 हजार लाभुकों ने बीते तीन माह से प्रधानमंत्री आवास का निर्माण नहीं कराया है. इसमें गया और नवादा के सबसे अधिक लाभुक हैं. ऐसे लाभुकों पर सर्टिफिकेट केस करने का निर्देश दिया गया.

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पटना. बिहार में प्रधानमंत्री आवास योजना के तकरीबन 80 हजार ऐसे लाभूक हैं जिन्होंने निर्माण के लिए सरकार से दूसरी किस्त की रकम तो ले ली है. लेकिन बीते तीन महीने से किसी तरह का भी निर्माण नहीं कराया. सरकार अब इन लोगों पर कार्रवाई करने जा रही है. दरअसल, ग्रामीण विकास विभाग के सचिव एन सरवन कुमार ने सोमवार को राज्य के सभी डीडीसी के साथ मनरेगा योजनाओं की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से समीक्षा की. इस दौरान पूरे राज्य में 1.34 लाख प्रधानमंत्री आवास लंबित पाये गये. इनमें से गया और नवादा में सबसे अधिक आवास अपूर्ण हैं. इस पर सचिव ने नाराजगी जताते हुए 15 अगस्त से पूर्व सभी अपूर्ण आवासों को पूरा करने का निर्देश दिया.

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सर्टिफिकेट केस करने का निर्देश

विकास विभाग के सचिव एन सरवन कुमार ने पूरे राज्य में प्रतिदिन 1500 प्रधानमंत्री आवास निर्माण का अधिकारियों को लक्ष्य दिया. दूसरी किस्त लेकर राज्य के 80 हजार लाभुकों ने बीते तीन माह से प्रधानमंत्री आवास का निर्माण नहीं कराया है. इसमें गया और नवादा के सबसे अधिक लाभुक हैं. ऐसे लाभुकों पर सर्टिफिकेट केस करने का निर्देश दिया गया. वहीं, नवादा, गया, पश्चिमी चंपारण व बेगूसराय में पूर्ण आवासों की सबसे कम आधार सीडिंग पायी गयी.

मानव दिवस सृजन की भी सचिव ने समीक्षा की

मनरेगा में मानव दिवस सृजन की भी सचिव ने समीक्षा की. इसमें मधुबनी, खगड़िया, बेगूसराय तथा पश्चिमी चंपारण की स्थिति खराब पायी गयी. सचिव ने शीघ्र स्थिति में सुधार का निर्देश दिया. इसके साथ ही लोहिया स्वच्छता मिशन, जल-जीवन-हरियाली की समीक्षा की गयी. मौके पर मुख्यालय से मनरेगा आयुक्त राहुल कुमार समेत अन्य वरीय पदाधिकारी मौजूद थे.

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