बक्सर: डॉ. के.के. मंडल महिला महाविद्यालय में मनाई गई मुंशी प्रेमचंद जयंती, छात्राओं ने साहित्यिक प्रस्तुतियों से बांधा समां

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photo कार्यक्रम को संबोधित करती छात्रा | Prabhat Khabar Network

बक्सर के डॉ. के.के. मंडल महिला महाविद्यालय में मुंशी प्रेमचंद की जयंती साहित्यिक गरिमा के साथ मनाई गई. शिक्षकों और छात्राओं ने उनके साहित्य को समाज का आईना बताते हुए उनके विचारों की प्रासंगिकता पर जोर दिया.

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Buxar News: बक्सर के नया बाजार स्थित डॉ. के.के. मंडल महिला महाविद्यालय में गुरुवार को हिंदी साहित्य के महान कथाकार और उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद की जयंती साहित्यिक गरिमा के साथ मनाई गई. कार्यक्रम में शिक्षकों, छात्राओं और साहित्य प्रेमियों ने प्रेमचंद के साहित्यिक योगदान को याद करते हुए उनके विचारों को आज के समय में भी अत्यंत प्रासंगिक बताया.

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प्रेमचंद के साहित्य को बताया समाज का आईना

कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य प्रो. अनिल कुमार ने की. उन्होंने कहा कि मुंशी प्रेमचंद ने अपने साहित्य के माध्यम से समाज की वास्तविक तस्वीर प्रस्तुत की. किसानों, मजदूरों, महिलाओं, दलितों और वंचित वर्गों के संघर्ष को उन्होंने जिस संवेदनशीलता और यथार्थ के साथ चित्रित किया, वह आज भी समाज को नई दिशा देता है. उन्होंने कहा कि बदलते सामाजिक परिवेश में प्रेमचंद का साहित्य पहले से अधिक प्रासंगिक हो गया है.

हिंदी विभागाध्यक्ष ने बताई साहित्य की विशेषताएं

कार्यक्रम का संचालन हिंदी विभाग के प्रो. रामाधार सिंह ने किया. उन्होंने प्रेमचंद के साहित्य की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनकी भाषा सरल, सहज और आमजन की भाषा थी. उनकी रचनाओं में सामाजिक चेतना, मानवीय संवेदना और परिवर्तन की गहरी भावना दिखाई देती है, जिसने उन्हें हिंदी साहित्य का युगद्रष्टा बनाया.

प्रेमचंद की कालजयी रचनाओं पर हुई चर्चा

इस अवसर पर प्रो. सुरेंद्र सिंह, डॉ. परमहंस सिंह, प्रो. मनोरमा कुमारी, प्रो. सुरेंद्र सिंह यादव, प्रो. इंद्रमणिलाल, प्रो. विनीता सिंह, प्रो. धीरेंद्र कुमार और प्रो. सूर्य नारायण सिंह ने अपने विचार व्यक्त किए. वक्ताओं ने 'गोदान', 'कफन' और 'ईदगाह' जैसी कालजयी कृतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन रचनाओं में भारतीय समाज की वास्तविकता, मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक न्याय का सशक्त चित्रण मिलता है.

छात्राओं ने दी साहित्यिक प्रस्तुतियां

कार्यक्रम में छात्राओं साक्षी, नंदिनी, रूबी, विद्या, रुचि, शुभांगी, रिशु और डोली ने मुंशी प्रेमचंद की कहानियों पर आधारित भाषण और साहित्यिक प्रस्तुतियां दीं. उनकी प्रस्तुतियों की शिक्षकों और छात्राओं ने जमकर सराहना की.

महान साहित्यकारों को पढ़ने का दिया संदेश

वक्ताओं ने छात्राओं से प्रेमचंद सहित अन्य महान साहित्यकारों की रचनाओं का अध्ययन करने और उनके विचारों को आत्मसात करने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि साहित्य समाज में मानवीय मूल्यों, समानता और सामाजिक न्याय की भावना को मजबूत करने का सबसे प्रभावी माध्यम है. कार्यक्रम में महाविद्यालय के सभी शिक्षक, कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्राएं मौजूद रहीं. अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ समारोह का समापन हुआ.


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