बक्सर के 11 प्रखंडों में खुले आदर्श विद्यालय, अब सरकारी स्कूलों में मिलेगी निजी स्कूलों जैसी हाईटेक सुविधा

Author Ashutosh Singh|Edited by Vivek Singh
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फोटो - शीला पट का अनावरण करती जिला पदाधिकारी  फोटो- मौके पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान उपस्थित अधिकारी | Prabhat Khabar Network

फोटो - शीला पट का अनावरण करती जिला पदाधिकारी फोटो- मौके पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान उपस्थित अधिकारी | Prabhat Khabar Network

बक्सर जिले में शिक्षा के क्षेत्र में एक नई शुरुआत हुई है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 11 सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालय) का शुभारंभ किया, जिसका उद्देश्य ग्रामीण और शहरी विद्यार्थियों को आधुनिक संसाधनों से युक्त बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराना है. इन विद्यालयों में निजी स्कूलों जैसी सुविधाएं मिलेंगी.

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Buxar News : बक्सर जिले के सभी प्रखंडों में रविवार को शिक्षा के क्षेत्र में नई शुरुआत हुई. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बेगूसराय स्थित कार्यक्रम स्थल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्यभर के सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालय) का शुभारंभ किया. इसके साथ ही बक्सर जिले में स्थापित सभी 11 मॉडल विद्यालयों में उत्सवी माहौल के बीच कार्यक्रम आयोजित किए गए.

एमपी हाई स्कूल में हुआ मुख्य कार्यक्रम, अधिकारी और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद

नगर स्थित एमपी उच्च विद्यालय परिसर में भी सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालय) के शुभारंभ को लेकर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम में जिला पदाधिकारी साहिला ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सहभागिता दर्ज की. इस दौरान उप विकास आयुक्त निहारिका छवि, जिला शिक्षा पदाधिकारी इंद्र कुमार कर्ण, विद्यालय के प्रधानाध्यापक अरविंद सिंह, भाजपा नेता एवं विधान परिषद सभापति अवधेश नारायण सिंह के प्रतिनिधि पुनीत सिंह, भाजपा नेता शिवजी खेमका सहित कई लोग मौजूद रहे.

सात निश्चय-3 के तहत बदलेगी सरकारी स्कूलों की तस्वीर

बिहार सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक, समावेशी और गुणवत्तापूर्ण बनाने के उद्देश्य से सात निश्चय-3 के तहत सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालय) योजना की शुरुआत की है. इसके अंतर्गत राज्य के सभी जिला स्कूलों और प्रत्येक प्रखंड में एक-एक विद्यालय को आदर्श विद्यालय के रूप में विकसित किया जा रहा है.

बक्सर जिले में कुल 11 आदर्श विद्यालय स्थापित किए गए हैं. इन विद्यालयों का उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के विद्यार्थियों को आधुनिक संसाधनों से युक्त बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराना है.

निजी स्कूलों की तर्ज पर मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

आदर्श विद्यालयों में विद्यार्थियों को निजी स्कूलों जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. इनमें स्मार्ट क्लास, आधुनिक कक्षाएं, स्वच्छ शौचालय, आईसीटी लैब, अत्याधुनिक विज्ञान प्रयोगशाला, समृद्ध पुस्तकालय और विशेष कोचिंग व्यवस्था शामिल हैं.

सरकार का उद्देश्य है कि सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को भी बेहतर संसाधन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर मिले, ताकि वे प्रतियोगी परीक्षाओं और भविष्य की चुनौतियों के लिए पूरी तरह तैयार हो सकें.

शिक्षकों की कमी होगी दूर, पारदर्शी तरीके से हुई प्रतिनियुक्ति

इन विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए शिक्षकों की उपलब्धता पर भी विशेष ध्यान दिया गया है. जहां शिक्षकों की कमी थी, वहां पारदर्शी प्रक्रिया के तहत योग्य शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति की गई है. इससे विद्यार्थियों को नियमित और बेहतर पढ़ाई का लाभ मिलेगा.

खेल और सह-शैक्षणिक गतिविधियों पर भी रहेगा जोर

आदर्श विद्यालयों में केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर भी ध्यान दिया जाएगा. बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए खेलकूद, सांस्कृतिक और अन्य सह-शैक्षणिक गतिविधियों को शिक्षा व्यवस्था का हिस्सा बनाया गया है.

इसके अलावा जीविका दीदियों के माध्यम से विद्यार्थियों के लिए विशेष पोशाक तैयार कर वितरण की व्यवस्था की गई है, जिससे विद्यालयों में एकरूपता और समानता को बढ़ावा मिलेगा.

बिहार की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने की पहल

सरकार का मानना है कि आदर्श विद्यालय योजना से सरकारी स्कूलों की तस्वीर बदलेगी और विद्यार्थियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए बेहतर मंच मिलेगा. बक्सर जिले में शुरू हुए ये मॉडल स्कूल आने वाले समय में शिक्षा के क्षेत्र में नई पहचान स्थापित कर सकते हैं.


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