डुमरांव स्कूल कांड में कब-क्या हुआ : छात्राओं के आरोप से लेकर तीनों शिक्षकों की गिरफ्तारी तक की पूरी कहानी
सांकेतिक तस्वीर
Buxar-Dumraon Student Rape Case : डुमरांव के एक स्कूल में छात्राओं से कथित यौन शोषण और आपत्तिजनक वीडियो मामले ने शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. इस पूरी घटनाक्रम में आरोपों, वीडियो वायरल होने, गिरफ्तारियों और विभागीय कार्रवाई की कहानी जानें.
Buxar-Dumraon Student Rape Case : बक्सर के डुमरांव में छात्राओं से कथित यौन शोषण और आपत्तिजनक वीडियो से जुड़े मामले ने शिक्षा व्यवस्था और स्कूलों में छात्राओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. मामले में एक पीड़िता की मां के बयान पर कृष्णाब्रह्म थाने में प्रधानाध्यापक और दो शिक्षकों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट समेत संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गयी. इसके बाद पुलिस और शिक्षा विभाग की कार्रवाई लगातार आगे बढ़ती गयी. आज मुख्य आरोपी को बक्सर स्टेशन से गिरफ्तार किया गया. इस पूरे मामले में शिकायत, वायरल वीडियो, गिरफ्तारी, विभागीय कार्रवाई और राजनीतिक-सामाजिक विरोध से लेकर आरोपी शिक्षक के रेलवे स्टेशन से पकड़े जाने तक कई घटनाएं सामने आयीं.
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घटना का आरोप
मामले की शुरुआत एक नाबालिग छात्रा के साथ कथित दुष्कर्म के आरोप से हुई. पीड़िता की मां ने पुलिस को दिये आवेदन में बताया कि आरोपितों ने उसकी नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर उसके साथ गलत किया. आवेदन में घटना जनवरी 2026 की बतायी गयी है. परिजनों को जानकारी मिलने के बाद उन्होंने पुलिस से शिकायत की, जिसके आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गयी.
खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासनिक कार्रवाई तेज हुई
मामले को लेकर 3 तारीख को प्रभात खबर में खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासनिक स्तर पर गतिविधियां तेज हुईं. इसके बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई बढ़ायी और गिरफ्तारी का सिलसिला आगे बढ़ा. हालांकि उस समय नामजद आरोपी शिक्षकों की गिरफ्तारी को लेकर सवाल भी उठ रहे थे.
शिक्षक पर पास कराने का झांसा देने का आरोप
स्कूल से आठवीं पास कर चुकी एक लड़की ने शिक्षक अरविंद कुमार पर गंभीर आरोप लगाए. उसके अनुसार शिक्षक ने सभी विषयों में पास कराने का भरोसा देकर उसे अपने प्रभाव में लिया. लड़की का आरोप है कि शिक्षक ने फोन पर बात करने, साथ घूमने और संबंध बनाने का दबाव बनाया. इसके बाद कथित तौर पर उसे होटल ले जाया गया, जहां दुष्कर्म किया गया और वीडियो भी बनाया गया.

वीडियो वायरल होने के बाद मामला आया सामने
अरविंद कुमार और लड़की से जुड़ा कथित वीडियो वायरल होने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आया. वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि वीडियो कहां बनाया गया था और उसमें दिखाई दे रही लड़की की पहचान क्या है. वायरल वीडियो की सत्यता की भी जांच की जा रही है.
प्रधानाध्यापक के खिलाफ भी दर्ज हुई प्राथमिकी
पीड़िता की मां के बयान पर कृष्णाब्रह्म थाने में प्रधानाध्यापक मो. इमाम अली अंसारी और दोनों आरोपी शिक्षकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी. मामला पॉक्सो एक्ट समेत अन्य संबंधित धाराओं में दर्ज किया गया. शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपों की जांच के साथ नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी की कार्रवाई शुरू कर दी.
पहले गिरफ्तारी, राजकीय शिक्षक पुरस्कार भी रोका गया
प्राथमिकी दर्ज होने के बाद गुरुवार देर शाम पुलिस ने विद्यालय के प्रधानाध्यापक मो. इमाम अली अंसारी को गिरफ्तार कर लिया. उनकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने अन्य नामजद आरोपियों की तलाश तेज कर दी. वहीं, शिक्षा विभाग ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए विभागीय स्तर पर कार्रवाई शुरू की.

मामला सामने आने के बाद प्रधानाध्यापक मो. इमाम अली अंसारी को मिलने वाला राजकीय शिक्षक पुरस्कार 2026 रोक दिया गया. शिक्षा विभाग ने उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू की. इस कदम के जरिए विभाग ने मामले को लेकर अपनी सख्ती का संकेत दिया.
पुलिस ने होटलों में भी की जांच
वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे कमरे की पहचान के लिए पुलिस ने शहर के अलग-अलग होटलों में छापेमारी की. प्रभारी डीएसपी समीर कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गयी. पुलिस ने विद्यालय पहुंचकर भी जांच की और ग्रामीणों से जानकारी जुटायी. जांच का उद्देश्य यह पता लगाना था कि कथित वीडियो किस स्थान पर बनाया गया था.

आरोपी शिक्षक अरविंद कुमार भी पकड़ा गया
इसके बाद पुलिस ने आरोपी शिक्षक अरविंद कुमार को जिले के ब्रह्मपुर इलाके से गिरफ्तार कर लिया. पुलिस टीम ने उसके संभावित ठिकाने की जानकारी मिलने के बाद कार्रवाई की. गिरफ्तारी के बाद मामले में आरोपित शिक्षकों से पूछताछ और घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों को जोड़ने का काम शुरू हुआ.
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दूसरे आरोपी शिक्षक की तलाश जारी रही
मामले में नामजद दूसरे शिक्षक विरेन्द्र प्रसाद की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने लगातार छापेमारी की. पुलिस अलग-अलग संभावित ठिकानों पर उसकी तलाश करती रही. मामले में आरोपों की गंभीरता को देखते हुए पुलिस पर जल्द गिरफ्तारी का दबाव भी बढ़ता गया.
ग्रामीणों और अभिभावकों में बढ़ा आक्रोश
मामला सामने आने के बाद विद्यालय के ग्रामीणों और अभिभावकों में नाराजगी बढ़ गयी. ग्रामीण स्कूल पहुंचे और मामले को लेकर विरोध जताया. इसके बाद पुलिस और शिक्षा विभाग की कार्रवाई तेज हुई. लोगों की मांग थी कि आरोपों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाये.
दोनों शिक्षकों को शिक्षा विभाग ने किया निलंबित
डुमरांव के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने 31 अगस्त को जिला शिक्षा विभाग को जांच रिपोर्ट भेजी. इसके बाद दोनों आरोपी शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया. निलंबन के बाद दोनों को प्रखंड संसाधन केंद्र से संबद्ध किया गया. विभागीय कार्रवाई के साथ मामले की पुलिस जांच भी जारी रही.

शिक्षा मंत्री ने बर्खास्तगी का दिया निर्देश
मामले में शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिये. उन्होंने दोनों आरोपी शिक्षकों को बर्खास्त करने की प्रक्रिया शुरू करने और बक्सर के डीएम को इसका प्रस्ताव शिक्षा विभाग को भेजने को कहा. साथ ही पुलिस अधीक्षक को फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए तत्काल कार्रवाई का निर्देश दिया गया.
फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की बात
शिक्षा मंत्री ने मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने की बात कही. उनका कहना था कि कानूनी प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जाना चाहिए, ताकि यदि आरोप साबित होते हैं तो दोषियों के खिलाफ जल्द न्यायिक कार्रवाई हो सके.
बीईओ से भी मांगा गया जवाब
छात्राओं से कथित दुर्व्यवहार, आपत्तिजनक वीडियो और धमकी से जुड़े आरोपों के बीच डुमरांव के बीईओ को भी शोकॉज किया गया. शिक्षा विभाग ने यह जानने की कोशिश की कि मामले की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय स्तर पर क्या कार्रवाई की गयी और किसी तरह की लापरवाही तो नहीं हुई.
आरोपी शिक्षक के प्रमाणपत्र पर उठा सवाल
जांच के दौरान आरोपी शिक्षक अरविंद कुमार के टीचर ट्रेनिंग सर्टिफिकेट से जुड़ा पुराना मामला भी सामने आया. उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वर्ष 2023 में विभागीय जांच के दौरान उसका प्रमाणपत्र फर्जी पाया गया था. इस पुराने मामले की जानकारी भी मौजूदा जांच के दौरान सामने आयी, जिसकी भूमिका और स्थिति को संबंधित विभागीय रिकॉर्ड के आधार पर देखा जा रहा है.
वायरल वीडियो में दिख रही लड़की को लेकर अलग दावा
प्रधानाध्यापक की ओर से दिये गये प्रतिवेदन में दावा किया गया कि वायरल वीडियो में दिखाई दे रही लड़की विद्यालय में अध्ययनरत नहीं है. वहीं पुलिस वीडियो की सत्यता और उसमें दिख रही लड़की समेत पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है. इसलिए इस दावे और आरोपों के बीच वास्तविक स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी.
करीब 12 छात्राओं के आरोप की भी चर्चा
मामले के बीच करीब 12 नाबालिग छात्राओं के यौन शोषण से जुड़े आरोपों की भी चर्चा सामने आयी. हालांकि इन आरोपों की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच में अभी स्पष्ट होनी बाकी है. पुलिस अलग-अलग शिकायतों और सामने आ रही जानकारियों का सत्यापन कर रही है.
देह व्यापार के आरोप पर एसपी ने स्थिति स्पष्ट की
कुछ लोगों की ओर से विद्यालय की पास आउट छात्राओं से देह व्यापार कराने का आरोप भी लगाया गया. इस संबंध में बक्सर के एसपी शुभम आर्य ने कहा कि फिलहाल ऐसा कोई मामला पुलिस के संज्ञान में नहीं आया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच के दौरान यदि ऐसा कोई तथ्य सामने आता है तो उसके आधार पर कार्रवाई की जायेगी.
मामले ने ब्रह्मपुर में भी पकड़ा तूल
आरोपी शिक्षक अरविंद कुमार के ब्रह्मपुर नगर पंचायत का निवासी होने की जानकारी सामने आने के बाद वहां भी मामले की चर्चा शुरू हो गयी. स्थानीय स्तर पर लोगों में घटना को लेकर नाराजगी और हैरानी देखी गयी. पुलिस आरोपी से जुड़े स्थानीय स्तर के तथ्यों को भी जांच का हिस्सा बना रही है.
राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने उठायी कार्रवाई की मांग
मामले के सामने आने के बाद राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने भी आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की. पूर्व विधायक संजय तिवारी ने त्वरित कार्रवाई और मामले की जल्द सुनवाई की मांग की. सामाजिक कार्यकर्ता रामजी सिंह ने जिलाधिकारी को आवेदन देकर स्पीडी ट्रायल और आरोप साबित होने पर कठोर सजा की मांग की.

आम आदमी पार्टी ने भी सौंपा ज्ञापन
आम आदमी पार्टी ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर आरोपी शिक्षकों को सेवा से बर्खास्त करने और मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने की मांग की. पार्टी की ओर से प्रधानाध्यापक की भूमिका और विद्यालय में निगरानी व्यवस्था की भी जांच की मांग उठायी गयी.
आरवाईए ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की
आरवाईए नेताओं ने विद्यालय पहुंचकर शिक्षकों, छात्र-छात्राओं और ग्रामीणों से जानकारी ली. संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व डुमरांव विधायक अजीत कुमार सिंह ने दोनों आरोपी शिक्षकों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की. उन्होंने कहा कि आरोप सही पाये जाने पर पॉक्सो एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए.
बीईओ ने स्कूल पहुंचकर जांच की
मामला सामने आने के बाद डुमरांव के बीईओ सुधांशु कुमार विद्यालय पहुंचे और वहां जांच की. उन्होंने अपनी रिपोर्ट जिला शिक्षा पदाधिकारी को भेजी. इसके बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी इंदु कुमार कर्ण के निर्देश पर दोनों शिक्षकों के निलंबन की कार्रवाई की गयी.
अधिवक्ताओं ने मुकदमा नहीं लड़ने का लिया फैसला
मामले को लेकर बक्सर व्यवहार न्यायालय के युवा अधिवक्ताओं ने भी विरोध दर्ज कराया. अधिवक्ता धीरज कुमार ठाकुर के अनुसार, नाबालिग छात्राओं से कथित दुर्व्यवहार के मामले में आरोपित शिक्षकों का मुकदमा नहीं लड़ने का निर्णय लिया गया. अधिवक्ताओं ने ऐसे मामलों की शीघ्र सुनवाई और दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की.

फरार आरोपी की तलाश में पुलिस लगातार सक्रिय रही
मामले में एक आरोपी शिक्षक की गिरफ्तारी के बाद भी पुलिस दूसरे नामजद आरोपी की तलाश में जुटी रही. उसके संभावित ठिकानों पर नजर रखी गयी और पुलिस टीम ने छापेमारी जारी रखी. इसी दौरान पुलिस को आरोपी के बक्सर रेलवे स्टेशन पहुंचने की सूचना मिली.
रेलवे स्टेशन से आरोपी शिक्षक गिरफ्तार
इसके बाद पुलिस ने बक्सर रेलवे स्टेशन पर कार्रवाई करते हुए आरोपी शिक्षक बीरेंद्र प्रसाद को गिरफ्तार कर लिया. जानकारी के अनुसार, वह ट्रेन पकड़कर भागने की फिराक में था. पुलिस को उसके स्टेशन पहुंचने की सूचना मिली थी, जिसके बाद टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और उसे पकड़ लिया. यह गिरफ्तारी मामले की जांच में महत्वपूर्ण कड़ी मानी जा रही है.
अब पुलिस की जांच में आगे क्या होगा
आरोपी शिक्षक की गिरफ्तारी के बाद पुलिस मामले से जुड़े अन्य तथ्यों को जोड़ने में जुटी है. उससे पूछताछ के जरिए पुलिस कथित वीडियो, छात्राओं से जुड़े आरोपों और अन्य नामजद आरोपियों की भूमिका के बारे में जानकारी जुटा सकती है. साथ ही वायरल वीडियो की सत्यता, उसमें दिख रही लड़की की पहचान और वीडियो बनाए जाने की जगह की जांच भी महत्वपूर्ण होगी.
जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर
डुमरांव स्कूल मामले में कई गंभीर आरोप सामने आये हैं, लेकिन आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी. फिलहाल पुलिस ने नामजद आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी की कार्रवाई आगे बढ़ायी है, जबकि शिक्षा विभाग ने निलंबन और बर्खास्तगी की प्रक्रिया शुरू की है. अब पुलिस जांच में सामने आने वाले तथ्यों और अदालत की कार्रवाई से यह स्पष्ट होगा कि मामले में कौन-कौन दोषी है और आरोपों की वास्तविकता क्या है.
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