बक्सर स्कूल कांड : अखबार में खबर छपने के बाद जागी पुलिस, तीन दिन तक वायरल होता रहा नाबालिग छात्राओं से जुड़ा वीडियो

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स्कूल का फोटो | Prabhat Khabar Network

बिहार के बक्सर में स्कूल की छात्राओं के साथ दरिंदगी का वीडियो वायरल हुआ। मीडिया में खबर आने के बाद पुलिस ने प्रधानाध्यापक को हिरासत में लिया, मुख्य आरोपी फरार।

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बक्सर के ब्रह्मपुर से जुड़ा यह मामला बेहद गंभीर आरोपों के कारण चर्चा में है. डुमरांव प्रखंड के एक मध्य विद्यालय में नाबालिग छात्राओं के साथ दुष्कर्म और अश्लील वीडियो बनाए जाने के आरोप सामने आए हैं. घटना से जुड़ा वीडियो कथित तौर पर तीन दिनों तक सोशल मीडिया पर वायरल होता रहा. इसके बावजूद स्थानीय पुलिस और प्रशासन की ओर से तत्काल कार्रवाई नहीं किए जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं.

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वीडियो वायरल होने के बाद परिजनों और ग्रामीणों को मिली जानकारी

बताया गया कि इंटरनेट पर वीडियो वायरल होने के बाद परिजनों और ग्रामीणों को मामले की जानकारी मिली. इसके बाद लोगों में आक्रोश बढ़ता गया. आरोपों की गंभीरता के बावजूद शुरुआती तीन दिनों में पुलिस और प्रशासन की ओर से त्वरित कार्रवाई नहीं होने पर स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी गई.

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अखबार में खबर छपने के बाद प्रशासन हरकत में आया

मामले को लेकर 3 तारीख को प्रभात खबर में खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासनिक अमला हरकत में आया. खबर सामने आने के बाद पुलिस पर कार्रवाई को लेकर दबाव बढ़ा. इसके बाद स्कूल के प्रधानाध्यापक को हिरासत में लिया गया. हालांकि, मामले में नामजद दोनों आरोपी शिक्षक अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर बताए जा रहे हैं.

आरोपी शिक्षकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई पर भी सवाल

मामले में शिक्षा विभाग की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं. विभाग ने दोनों आरोपी शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया. आरोप है कि गंभीर संज्ञेय अपराध के बावजूद प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी की ओर से थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने के बजाय जांच रिपोर्ट जिला शिक्षा पदाधिकारी को भेजी गई.

बीईओ ने जांच रिपोर्ट जिला शिक्षा पदाधिकारी को भेजी

मामला सामने आने के बाद डुमरांव के बीईओ सुधांशु कुमार विद्यालय पहुंचे और जांच रिपोर्ट जिला शिक्षा पदाधिकारी को भेजी. इसके बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी इंदु कुमार कर्ण के निर्देश पर दोनों शिक्षकों के निलंबन की कार्रवाई पूरी की गई.

निलंबन के बाद भी जीवन निर्वाह भत्ते का प्रावधान

बताया गया कि निलंबन की अवधि में दोनों आरोपी शिक्षक नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते के हकदार रहेंगे. उन्हें अलग-अलग बीआरसी से संबद्ध किया गया है. इसी व्यवस्था को लेकर स्थानीय लोगों और बुद्धिजीवियों में नाराजगी है.

गिरफ्तारी नहीं होने से लोगों में बढ़ रहा आक्रोश

स्थानीय लोगों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई जरूरी है. मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से लोगों में आक्रोश बढ़ रहा है. वहीं, मामले की जांच और आरोपों की वास्तविकता सामने आने के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.

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