बक्सर में गंगा की सफाई को लेकर उठी आवाज, नालों का गंदा पानी रोकने और वैज्ञानिक जांच की मांग

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बक्सर में गंगा नदी में गिर रहे सीवेज और कचरे को रोकने के लिए प्रशासन से वैज्ञानिक जांच और नमामि गंगे योजना की समीक्षा की मांग की गई है।

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बक्सर में गंगा नदी की स्वच्छता और निर्मलता को लेकर स्टेशन रोड, गजाधरगंज निवासी मो. निसार अहमद ने प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया है. 'आपकी आवाज' के संयोजक मो. निसार अहमद ने जनहित और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जिलाधिकारी को आवेदन सौंपा है.

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गंगा स्नान का बक्सर में है विशेष महत्व

आवेदन में कहा गया है कि हिंदू धार्मिक परंपरा में गंगा को पवित्र नदी माना जाता है और श्रद्धालु इसे 'मां गंगा' के रूप में पूजते हैं. बक्सर में गंगा स्नान का धार्मिक और सामाजिक महत्व है. विभिन्न पर्वों और तिथियों के साथ वर्ष भर जिले और दूसरे क्षेत्रों से श्रद्धालु यहां स्नान करने पहुंचते हैं. ऐसे में गंगा की स्वच्छता धार्मिक आस्था के साथ पर्यावरण और जनस्वास्थ्य के लिए भी जरूरी है.

नालों का सीवेज और कचरा गंगा में गिरने का दावा

मो. निसार अहमद ने आवेदन में कहा है कि बक्सर नगर के विभिन्न नालों से निकलने वाला सीवेजयुक्त पानी और ठोस कचरा गंगा नदी में मिल रहा है. इससे नदी के जल की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका है. उन्होंने इस मामले में प्रशासन से प्रभावी कदम उठाने की मांग की है.

श्मशान घाट के अवशेषों की जांच की मांग

उन्होंने श्मशान घाटों की व्यवस्था को लेकर भी चिंता जतायी है. आवेदन में कहा गया है कि अंतिम संस्कार के बाद राख, अधजली लकड़ी और अन्य अवशेषों के नदी में जाने की भी जांच आवश्यक है. नदी की स्वच्छता बनाए रखने के लिए श्मशान घाटों पर बेहतर प्रबंधन की जरूरत बतायी गयी है.

बढ़ती आबादी के साथ सीवेज प्रबंधन जरूरी

आवेदन में बताया गया है कि वर्ष 2011 में बक्सर नगर की आबादी 1,02,861 थी. इसके बाद आबादी में काफी वृद्धि हुई है. ऐसे में बढ़ती आबादी को देखते हुए सीवेज और ठोस कचरा प्रबंधन की बेहतर व्यवस्था जरूरी हो गयी है.

नालों और गंगा जल की वैज्ञानिक जांच की मांग

मो. निसार अहमद ने नमामि गंगे कार्यक्रम के उद्देश्यों के अनुरूप बक्सर नगर के प्रमुख नालों और उनके डिस्चार्ज प्वाइंट का निरीक्षण कराने की मांग की है. इसके साथ ही नालों और गंगा जल की बीओडी, सीओडी, डीओ, टीएसएस और फेकल कोलीफॉर्म की वैज्ञानिक जांच कराने की भी मांग की गयी है.

अनुपचारित सीवेज को गंगा में जाने से रोकने की मांग

आवेदन में अनुपचारित सीवेज और ठोस कचरे को गंगा में जाने से रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था करने की मांग की गयी है. साथ ही श्मशान घाटों की स्वच्छता व्यवस्था में सुधार और नमामि गंगे योजनाओं की समीक्षा करने का आग्रह किया गया है.

कार्रवाई रिपोर्ट उपलब्ध कराने का आग्रह

मो. निसार अहमद ने प्रशासन से पूरे मामले में आवश्यक कार्रवाई करने और की गयी कार्रवाई की रिपोर्ट उपलब्ध कराने का भी आग्रह किया है. उनका कहना है कि गंगा की स्वच्छता बनाए रखना जनहित और पर्यावरण संरक्षण दोनों के लिए जरूरी है.

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