बक्सर में BEO के आदेश के बाद भी कनीय शिक्षक बने प्रभारी, 3 महीने बाद भी आधे से अधिक स्कूलों में नहीं बदला प्रभार

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ब्रह्मपुर प्रखंड स्थित बीआरसी | Prabhat Khabar Network

ब्रह्मपुर प्रखंड में बीईओ के आदेश के बावजूद कनीय शिक्षक अभी भी प्रभारी बने हुए हैं। वरीय शिक्षकों की अनदेखी और विभागीय आदेशों की अवहेलना पर उठ रहे हैं सवाल।

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Buxar News : स्थानीय प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) जितेंद्र कुमार की ओर से तीन माह पहले स्पष्ट निर्देश जारी किए जाने के बावजूद ब्रह्मपुर प्रखंड के कई विद्यालयों में कनीय शिक्षक अब भी प्रभारी के पद पर बने हुए हैं. कई स्कूलों में वरीय शिक्षकों की मौजूदगी के बावजूद कनीय शिक्षकों के पास विद्यालय का प्रभार रहने से विभागीय व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं. हैरानी की बात यह है कि इस संबंध में खुद बीईओ को भी यह जानकारी नहीं है कि वर्तमान में कितने कनीय शिक्षक प्रभारी के रूप में कार्यरत हैं.

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13 मई को जारी हुआ था आदेश, तीन दिन में प्रभार सौंपने का निर्देश

प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने 13 मई को 16 विद्यालयों के कनीय शिक्षकों को पत्र जारी कर तीन दिनों के भीतर विद्यालय का प्रभार संबंधित वरीय शिक्षक को सौंपने का निर्देश दिया था. आदेश के करीब तीन माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी आधे से अधिक विद्यालयों में प्रभार हस्तांतरण नहीं होने की बात सामने आ रही है. इससे विभागीय आदेश के अनुपालन और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं.

आदेश के बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर उठ रहे सवाल

बीईओ की ओर से प्रभार हस्तांतरण का स्पष्ट निर्देश दिए जाने के बावजूद कई कनीय शिक्षकों ने अब तक प्रभार नहीं सौंपा है. स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि ऐसे मामलों में अब तक ठोस कार्रवाई नहीं होने से संबंधित शिक्षकों के हौसले बढ़े हुए हैं. हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है.

बीआरसी में प्रतिनियुक्त शिक्षक की भूमिका भी चर्चा में

कनीय शिक्षकों के प्रभार से जुड़े मामलों में बीआरसी में प्रतिनियुक्त लिपिक के रूप में कार्य कर रहे एक शिक्षक की भूमिका भी चर्चा में है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रभार से जुड़े मामलों के निपटारे में उनकी भूमिका की भी जांच होनी चाहिए. वहीं, कुछ ऐसे शिक्षक भी चर्चा में हैं जो प्रभार छोड़ने के बाद कुछ समय बीतते ही दोबारा प्रभारी बना दिए जाते हैं.

प्रभारी बीईओ का पद भी प्रभार में चल रहा

मामले का एक दिलचस्प पहलू यह भी है कि ब्रह्मपुर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी का पद भी फिलहाल प्रभार में चल रहा है. ऐसे में विद्यालयों में प्रभार व्यवस्था को लेकर विभागीय स्तर पर उठ रहे सवाल और महत्वपूर्ण हो जाते हैं.

'प्रभार नहीं देने वाले शिक्षकों से स्पष्टीकरण पूछा जा रहा'

इस संबंध में प्रभारी बीईओ जितेंद्र कुमार ने कहा कि प्रभार नहीं देने वाले कनीय शिक्षकों से स्पष्टीकरण पूछा जा रहा है. स्पष्टीकरण के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.

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