बक्सर: संस्कृत सिर्फ भाषा नहीं, भारतीय ज्ञान परंपरा की पहचान; रामपुर में संस्कृत सप्ताह का भव्य समापन

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फोटो - कार्यक्रम में शामिल शिक्षक व छात्र | Prabhat Khabar Network

बक्सर के शिव प्रसाद संस्कृत डिग्री कॉलेज में संस्कृत सप्ताह का समापन हुआ। इस दौरान विशेषज्ञों ने संस्कृत भाषा को उन्नति का मूल स्रोत बताया।

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Buxar News : शिव प्रसाद संस्कृत डिग्री कॉलेज, रामपुर में 25 से 31 अगस्त तक आयोजित संस्कृत सप्ताह का समापन समारोह सोमवार को उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ. सप्ताह के दौरान विद्यार्थियों के लिए विभिन्न अकादमिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए. पूरे आयोजन का ध्येय वाक्य “ग्रामे ग्रामे, नगरे नगरे विलसतु संस्कृतवाणी” रहा.

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संस्कृत अध्ययन से विद्यार्थियों की उन्नति का रास्ता : नागेन्द्र मिश्र

समापन समारोह के मुख्य अतिथि शिव प्रसाद संस्कृत उच्च माध्यमिक विद्यालय के आचार्य नागेन्द्र मिश्र ने विद्यार्थियों को संस्कृत भाषा के अध्ययन के प्रति जागरूक किया. उन्होंने कहा कि संस्कृत भाषा विद्यार्थियों की उन्नति का मूल स्रोत है. विद्यार्थियों को संस्कृत के अध्ययन के साथ इसके साहित्य और ज्ञान परंपरा को भी समझना चाहिए.

संस्कृत के गूढ़ विषयों से विद्यार्थियों को कराया परिचित

सारस्वत वक्ता एवं महाविद्यालय के व्याकरण विषय के आचार्य डॉ. उमाकान्त शुक्ल ने विद्यार्थियों को संस्कृत भाषा और व्याकरण से जुड़े गूढ़ विषयों की जानकारी दी. उन्होंने संस्कृत के अध्ययन को ज्ञान के व्यापक क्षेत्र से जोड़ते हुए विद्यार्थियों को इसके प्रति रुचि विकसित करने के लिए प्रेरित किया.

गुरुकुल परंपरा और संस्कृत सेवकों को किया याद

विशिष्ट वक्ता डॉ. चन्द्रेश उपाध्याय ने गुरुकुल परंपरा का स्मरण करते हुए संस्कृत भाषा के महत्व पर प्रकाश डाला. उन्होंने संस्कृत भाषा के प्रचार-प्रसार और संरक्षण में योगदान देने वाले विद्वानों एवं सेवकों की सराहना की.

संस्कृत के चिंतन-मनन से निखरता है चरित्र : रंजीत कुमार राणा

कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रभारी प्राचार्य सह विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र संकायाध्यक्ष रंजीत कुमार राणा ने की. उन्होंने कहा कि संस्कृत भाषा के चिंतन और मनन मात्र से मनुष्य का चरित्र स्वतः उत्तम होता जाता है. संस्कृत केवल भाषा नहीं, बल्कि भारतीय ज्ञान, संस्कृति और जीवन मूल्यों की समृद्ध परंपरा है.

शिक्षक और विद्यार्थियों ने लिया समापन समारोह में हिस्सा

समापन समारोह में डॉ. आनन्द कुमार शुक्ल, डॉ. शिवानन्द शुक्ल, डॉ. ब्रजराज कुमार द्विवेदी, डॉ. देवेन्द्र कुमार यादव, डॉ. अनिल कुमार, डॉ. पवन कुमार समेत महाविद्यालय के शिक्षक, कर्मी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे. सप्ताहभर चले आयोजन के समापन पर संस्कृत भाषा के प्रचार-प्रसार और अध्ययन को बढ़ावा देने का संकल्प लिया गया.

फोटो - कार्यक्रम में शामिल शिक्षक व छात्र | Prabhat Khabar Network
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