जिले में जन-धन योजना का मिला पहला क्लेम

Published at :26 May 2015 8:13 AM (IST)
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जिले में जन-धन योजना का मिला पहला क्लेम

सिमरी प्रखंड के नियाजीपुर की संध्या को मिला 30 हजार रुपये 26 अक्तूबर, 2014 को संध्या के पति की हुई थी स्वाभाविक मृत्यु बक्सर : जन-धन योजना के तहत सिंडिकेट बैंक ने मंगलवार को गोला बाजार की रहनेवाली संध्या मिश्र को योजना की क्लेम की राशि दी. संध्या मिश्र को 30 हजार की राशि एनइएफटी […]

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सिमरी प्रखंड के नियाजीपुर की संध्या को मिला 30 हजार रुपये
26 अक्तूबर, 2014 को संध्या के पति की हुई थी स्वाभाविक मृत्यु
बक्सर : जन-धन योजना के तहत सिंडिकेट बैंक ने मंगलवार को गोला बाजार की रहनेवाली संध्या मिश्र को योजना की क्लेम की राशि दी. संध्या मिश्र को 30 हजार की राशि एनइएफटी के तहत उनके खाते में डाल दी गयी. इस योजना के तहत क्लेम पानेवाली संध्या मिश्र जिले की पहली उपभोक्ता हैं.
इन्हें यह राशि नोमीनी के लिए मिला है. दरअसल, संध्या मिश्र के पति संजय मिश्र की स्वाभाविक मृत्यु 26 अक्तूबर को हो गयी थी. संजय मिश्र ने 11 सितंबर को जन-धन योजना के तहत पुराना थाना रोड स्थित सिंडिकेट बैंक में खाता खुलवाया था. खाता खुलवाने के एक माह बाद ही संजय मिश्र की मृत्यु हो गयी.
ऐसे में योजना का लाभ पाने के लिए नोमीनी बनी उनकी पत्नी संध्या मिश्र ने इसकी जानकारी बैंक को दी और क्लेम के लिए आवश्यक कागजात को जमा किया. इसके बाद संध्या को क्लेम की राशि मिल गयी. मंगलवार को बैंक में क्लेम के लाभ दिलाने के मौके पर बैंक के प्रबंधक अभिषेक कुमार, बैंक अधिवक्ता संजय कुमार सिंह एवं सहायक मैनेजर सुबोध कुमार निराला मौजूद थे.
योजना से मिली राशि से बच्चों की पढ़ाई में मदद : संध्या मिश्र के पति संजय मिश्र सिमरी प्रखंड के नियाजीपुर के रहनेवाले थे. वे अपने बच्चों की पढ़ाई कराने के लिए गांव को छोड़कर बक्सर शहर में वर्षो से रह रहे थे. शहर में होम ट्यूशन और सहारा बैंक में एजेंट का काम कर घर परिवार चलाते थे. 26 अक्तूबर 2014 को ब्रेन हैंम्ब्रेज होने से उनकी मौत हो गयी.
अब संध्या अपने तीन बेटों आनंद मिश्र(15), आशीष मिश्र(13) और आर्यन मिश्र(5) के साथ घर में अकेले रहती हैं. घर का खर्च गांव पर के कुछ कमरों को किराया पर देने से मुश्किल से चल पाता है. संध्या बतातीं हैं कि किराये के रूप में उनका किराया तीन हजार रुपये ही मिलता है. जबकि शहर में किराये के मकान में रहने और बच्चों को पढ़ाने में काफी खर्च होता है.
वे कहती हैं कि बैंक से मिले तीस हजार रुपये कोई ज्यादा नहीं हैं, लेकिन यह राशि अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए इस्तेमाल करूंगी.
अभी और दो लोगों को क्लेम मिलना बाकी : गोला बाजार के ही सोनी कुमारी और रामेश्वर प्रसाद की मृत्यु हाल ही में हुई है. ये दोनों सिंडिकेट बैंक के जन-धन योजना के ग्राहक हैं. इनके नामीनी इस राशि को पाने के लिए बैंक में क्लेम किये हैं. बैंक प्रबंधक ने बताया कि इन्हें भी शीघ्र ही राशि मुहैया करायी जायेगी.
क्या है योजना
जन-धन योजना के तहत स्वाभाविक मृत्यु होने पर 30 हजार एवं दुर्घटना में मृत्यु होने पर एक लाख रुपये मिलते हैं. योजना के शर्त के अनुसार इस राशि को दिया जाता है. बैंक में 1644 खाता इस योजना के तहत खोले गये हैं.
क्या कहते हैं बैंक प्रबंधक
बैंक प्रबंधक अभिषेक कुमार ने बताया कि इस योजना के तहत 15 अगस्त 2014 से 26 जनवरी 2015 के बीच खाता खुलवानेवाले उपभोक्ताओं को यह लाभ दिया जायेगा. रू-पे डेबिट कार्डवाले इसके लाभार्थी हैं.
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