केंद्रों पर मेनू के अनुसार पोषाहार नहीं देने वाली सेविकाओं पर होगी कार्रवाई

By Prabhat Khabar Digital Desk
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बक्सर : जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर अब मेनू के अनुसार बच्चों को पोषाहार नहीं मिलने पर सेविकाओं पर कार्रवाई की जायेगी. सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को दी जाने वाली पूरक पोषाहार में लापरवाही बरतने पर कार्रवाई करने का निर्देश बाल विकास परियोजना के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ने जारी किया है. जारी दिशा निर्देश में कहा गया है कि सप्ताह में एक दिन तीन से छह साल के बच्चे को एक गिलास दूध देना अनिवार्य है.

इसकी मॉनीटरिंग की जवाबदेही पर्यवेक्षिकाओं को दी गयी है. सभी लाभार्थियों को साप्ताहिक पोषाहार सूची के ही अनुसार पूरक पोषाहार ही प्रदान किया जाना है . नाश्ते में चुड़ा-गुड़ के अलावा अंकुरित चना-गुड़ को भी अलग-अलग देने का प्रावधान है. वहीं प्रत्येक बुधवार को नाश्ते में 3 से 6 वर्ष के बच्चों को 18 ग्राम सुधा दूध पाउडर, 150 मिलीलीटर शुद्ध पानी में घोलकर देना है.
महीने के 25 दिन गर्म पका हुआ भोजन
मेनू के आधार पर 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों को सप्ताह में तीन दिन खिचड़ी, एक दिन चावल पुलाव या पोहा पुलाव, एक दिन रसियाव एवं एक दिन सूजी का हलवा दिया जा रहा है. माह के अलावा एक दिन खिचड़ी/ चावल पुलाव/ पोहा पुलाव दिया जा सकता है.
इस तरह महीने में कुल 25 दिन गर्म पका हुआ भोजन सभी जिलों के आंगनबाड़ी केन्द्रों पर समान रूप से दिया जा रहा है. प्रत्येक शुक्रवार को सुबह में नाश्ते के साथ एक उबला हुआ अंडा भी दियाजा रहा है. 3 वर्ष से 6 वर्ष तक के अति-कुपोषित बच्चों को दोगुना पूरक आहार दिया जा रहा है.
टीएचआर दिवस पर बच्चे ,गर्भवती एवं प्रसूति महिलाओं को अंडा
गर्भवती, प्रसूति एवं 6 माह से 3 साल तक के सामान्य/ कुपोषित/ अति-कुपोषित बच्चों को टेक होम राशन( टीएचआर) के रूप में एक महीने में एक बार 25 दिन के लिए सूखा राशन का वितरण किया गया है .
गर्भवती एवं प्रसूति महिलाओं में अंडा खाने वाले को टीएचआर दिवस पर प्रत्येक लाभार्थी को 7 अंडा दिया जा रहा है . अंडा नहीं खाने वाली महिलाओं को पूर्ववत सोयाबड़ी मिल रहा है . 6 माह से 3 साल के अंडा खाने वाले बच्चों को टीएचआर दिवस पर प्रत्येक लाभार्थी को 8 अंडा दिया जा रहा है . अंडा नहीं खाने वाले बच्चों को पूर्ववत सोयाबड़ी प्राप्त हो रहा है . 6 माह से 3 साल तक के अति-कुपोषित बच्चों ओ टीएचआर के साथ 12 अंडा दिया जा रहा है.
छह माह से 72 माह तक के सामान्य/ कुपोषित बच्चे को प्रतिदिन मिलता है प्रति लाभार्थी आठ रुपये
आइसीडीएस के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी शशिकांत पासवान ने बताया आंगनबाड़ी केंद्रों पर पूरक पोषाहार कार्यक्रम के तहत 6 माह से 72 माह के सामान्य/ कुपोषित बच्चे एवं अति-कुपोषित बच्चे के साथ गर्भवती एवं धात्री माताओं को पूरक पोषाहार प्रदान किये जाने का प्रावधान है.
6 माह से 72 माह तक के सामान्य/ कुपोषित बच्चे को प्रतिदिन प्रति लाभार्थी 8 रुपये, अति-कुपोषित बच्चे को प्रतिदिन प्रति लाभार्थी 12 रुपये एवं गर्भवती एवं धात्री माताओं को प्रतिदिन प्रति लाभार्थी 9.50 रुपये दिये जा रहे हैं, जिसमें सामान्य/ कुपोषित बच्चे को 500 किलो -कैलोरी एवं 12-15 ग्राम प्रोटीन, अति-कुपोषित बच्चों को 800 किलो -कैलोरी एवं 20-25 ग्राम प्रोटीन एवं गर्भवती/ धात्री माताओं को 600 किलो -कैलोरी एवं 18-20 ग्राम प्रोटीन प्राप्त हो रहा है.
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