फर्जी क्लिनिक चलानेवालों पर होगी कार्रवाई : सीएस

Updated at : 02 Jun 2018 5:50 AM (IST)
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फर्जी क्लिनिक चलानेवालों पर होगी कार्रवाई : सीएस

पीड़ितों से मिल रही शिकायतों पर स्वास्थ्य विभाग हुआ सख्त बक्सर : बगैर लाइसेंस के जिले में चल रहे निजी क्लिनिकों और बगैर डिग्री के उपचार कर रहे चिकित्सकों की अब खैर नहीं है. इनके खिलाफ स्वास्थ्य विभाग कार्रवाई करने की योजना बना रहा है. फर्जी चिकित्सकों के नाम पर निजी क्लिनिक खोलकर मरीजों की […]

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पीड़ितों से मिल रही शिकायतों पर स्वास्थ्य विभाग हुआ सख्त

बक्सर : बगैर लाइसेंस के जिले में चल रहे निजी क्लिनिकों और बगैर डिग्री के उपचार कर रहे चिकित्सकों की अब खैर नहीं है. इनके खिलाफ स्वास्थ्य विभाग कार्रवाई करने की योजना बना रहा है. फर्जी चिकित्सकों के नाम पर निजी क्लिनिक खोलकर मरीजों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर रहे अस्पताल संचालकों पर स्वास्थ्य विभाग की पैनी नजर है.
बता दें कि जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में बिना डिग्री के फर्जी चिकित्सक एवं प्राइवेट अस्पताल सैकड़ों की संख्या में चल रहे हैं, जहां आये दिन इन अस्पतालों में मरीजों के साथ खिलवाड़ करने एवं आर्थिक दोहन करने की शिकायतें मिलती रही हैं. बताया जाता है कि नर्सिंग होम के संचालकों द्वारा कुछ बिचौलिये किस्म के लोगों को संपर्क में रखा जाता है जो मरीजों को बहला-फुसलाकर अच्छी सुविधा के नाम पर अस्पताल में भर्ती कराते हैं और मरीजों से ज्यादा रकम की उगाही भी करने से बाज नहीं आते हैं. कभी-कभी तो ऐसी स्थिति हो जाती है कि फर्जी डिग्री पर चल रहे नर्सिंग होम में अकारण मौत के आगोश में समा जाते हैं.
अभी कुछ ही दिन पहले नगर के सिविल लाइन स्थित एक फर्जी नर्सिंग होम में झोलाछाप चिकित्सकों के द्वारा इलाज के दौरान यूपी की रहनेवाली एक प्रसव पीड़ित महिला के ऑपरेशन के दौरान बच्चे के बदन पर ब्लेड लगने से बच्चे की मौत हो गयी थी. वहीं गत बुधवार को शहर के बाइपास रोड स्थित जीवन ज्योति अस्पताल नामक नर्सिंग होम में प्रसव कराने आयी औद्योगिक थाने के भटवलिया गांव की महिला रीमा देवी को नर्सिंग होम के संचालकों ने मनमानी फीस नहीं देने पर बंधक बना लिया था. इस तरह के आ रहे मामले को देखते हुए सिविल सर्जन ने कड़ा रुख अख्तियार किया है.
इन बिंदुओं पर होगी जांच
निजी क्लिनिक चलानेवाले चिकित्सकों के पास वैध डिग्री है कि नहीं.
निजी क्लिनिक में ऑपरेशन की क्या व्यवस्था है.
ऑपरेशन करनेवाले सर्जन हैं या नहीं.
मूच्छर्क चिकित्सक हैं कि नहीं.
प्रसव करानेवाली महिला चिकित्सक के पास डिग्री है कि नहीं.
नर्सिंग होम चिकित्सकीय मानक पर खरा है कि नहीं.
पारा मेडिकल स्टॉफ हैं या नहीं. उनके अनुभव प्रमाणपत्र एवं योग्यता.
क्या कहते हैं अधिकारी
जिले में संचालित नर्सिंग होम से ज्यादा शिकायतें मिलती रही हैं. हाल ही में कई ऐसे मामले भी सामने आये हैं, जहां मरीजों के साथ शोषण किया जा रहा है. इन सभी मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग के द्वारा एक मेडिकल टीम का गठन किया जायेगा, जो टीम जिले में संचालित हो रहे नर्सिंग होम एवं अवैध चिकित्सकों की डिग्री की जांच करेगी. जांचोपरांत रिपोर्ट आने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी.
डॉ धीरेंद्र नाथ ठाकुर,सीएस, बक्सर
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