खेती में आधुनिक यंत्रों का प्रयोग करें किसान : डीएम

Updated at : 17 Feb 2018 12:14 AM (IST)
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खेती में आधुनिक यंत्रों का प्रयोग करें किसान : डीएम

बक्सर : कृषि विज्ञान केंद्र बक्सर कार्यालय के परिसर में कृषि मशीनीकरण और सुनिश्चितता खेती पर भागीदारी विषय को लेकर किसानों को एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया. एक दिवसीय तकनीकी प्रदर्शन मेला-2018 का आयोजन पूर्वी अनुसंधान परिसर पटना द्वारा प्रायोजित किया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन जिलाधिकारी अरविंद कुमार वर्मा ने द्वीप जला कर किया. डॉ […]

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बक्सर : कृषि विज्ञान केंद्र बक्सर कार्यालय के परिसर में कृषि मशीनीकरण और सुनिश्चितता खेती पर भागीदारी विषय को लेकर किसानों को एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया. एक दिवसीय तकनीकी प्रदर्शन मेला-2018 का आयोजन पूर्वी अनुसंधान परिसर पटना द्वारा प्रायोजित किया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन जिलाधिकारी अरविंद कुमार वर्मा ने द्वीप जला कर किया.

डॉ विश्वेन्दु द्विवेदी कार्यक्रम समन्वयक ने उपस्थित अतिथियों का स्वागत करते हुए बताया कि तकनीकी प्रदर्शन मेले में नये व उन्नतशील आधुनिक कृषि यंत्रों का प्रदर्शन किया गया है, जो खेत समतलीकरण, खेत की तैयारी, जुताई, बुआई, दवा का छिड़काव, मड़ाई व बीज प्रसंस्करण में प्रयोग होते हैं.

इन मशीनों का उपयोग करते हुए किसान अपनी उत्पादकता को बढ़ा सकते हैं. कृषि विज्ञान केंद्र के द्वारा किये जा रहे कार्यों व संचालित हो रही विभिन्न परियोजनाओं जैसे संस्थान डाकघर योजना पूसा नयी दिल्ली, जलवायु समुत्थानशील कृषि पर राष्ट्रीय नवाचार परियोजना, बीज हब, दलहनी व तिलहनी फसलों का समूह प्रदर्शन, सीसा परियोजना, कस्टम हायरिंग सेंटर आदि के बारे में तकनीकी जानकारी संक्षेप में प्रस्तुत की.

कृषि को बना सकते हैं आसान : मुख्य अतिथि जिलाधिकारी अरविंद कुमार वर्मा ने संबोधित करते हुए बताया कि यह एक अलग तरह का आधुनिक किसान मेला है, जिसमें किसानों को जागरूक बनाने के लिए ट्रैक्टर चालित पावर स्प्रेयर, हैप्पी सीडर, जीरो टीलेज, मल्टीक्राप थ्रेसर तथा बीज प्रसंस्करण के यंत्र एक ही स्थान पर किसानों के लिए प्रदर्शित किये गये हैं. इन यंत्रों का उपयोग करके किसान अपनी उत्पादन क्षमता को बढ़ा सकते हैं तथा कृषि को और आसान बना सकते हैं. आज की खेती मशीनों के ऊपर आश्रित हो चुकी है, जिसमें किसान आधुनिक यंत्रों का प्रयोग करके कम लागत में ज्यादा मुनाफा प्राप्त कर सकते हैं.
भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं किसान : किसान भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं. आवश्यकता इस बात की है कि किसान उन्नतशील तकनीक, प्रभेद कृषि यंत्रों व तकनीक में वैज्ञानिक परिवर्तन कर कृषि लागत कम करते हुए अपनी उत्पादकता बढ़ाकर आय को बढ़ा सकते हैं. बीजेपी राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य परशुराम चतुर्वेदी ने कहा कि इस संस्था के प्रयासों द्वारा जिले के किसानों को काफी लाभ प्राप्त हो रहा है. इससे फसलों के उत्पादकता में भी वृद्धि हो रही है.
उन्होंने जानकारी दी कि सरकार द्वारा चलायी जा रही मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना व यंत्रों पर अनुदान के माध्यम से सरकार किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए कार्य कर रही है. कार्यक्रम का संचालन कृषि विज्ञान केंद्र बक्सर के डाॅ मान्धाता सिंह एवं धन्यवाद ज्ञापन डाॅ प्रेम कुमार सुंदरम पटना ने दिया. मेले में 224 की संख्या में जिले के विभिन्न प्रखंडों से किसान पहुंचे थे. जिसमें सविता देवी, निर्मला देवी, गीता देवी, विनोद कुमार सिंह, अरुण कुमार सिंह आदि मौजूद थे.
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