इस्लामपुर में प्रसव के बाद 21 वर्षीय महिला की मौत, परिजनों का हंगामा; चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप
रोते-बिलखते परिजन | Prabhat Khabar Network
इस्लामपुर के एक निजी अस्पताल में प्रसव के बाद 21 वर्षीय महिला की मौत हो गई, जिससे परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो उठे. उन्होंने अस्पताल में तोड़फोड़ की और चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए सड़क जाम कर दिया. मामले की जांच जारी है.
Biharsharif News (अजीत केसरी) : बिहारशरीफ जिले के इस्लामपुर नगर के गयाजी रोड स्थित एक निजी अस्पताल में प्रसव के बाद इलाज के दौरान 21 वर्षीय महिला की मौत हो गयी. मौत की सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो उठे. लोगों ने अस्पताल में हंगामा करते हुए तोड़फोड़ की तथा चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल के समीप इस्लामपुर-गयाजी मार्ग को करीब आधे घंटे तक जाम कर दिया.
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घटना की सूचना मिलने पर इस्लामपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आक्रोशित लोगों को समझा-बुझाकर सड़क जाम हटवाया. पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है.
मृतका की पहचान जहानाबाद जिले के घोसी थाना क्षेत्र के ठिकरौर गांव निवासी सर्वदीप बिंद की पत्नी संजू देवी के रूप में हुई है. परिजनों के अनुसार, संजू देवी की यह पहली प्रसव की घटना थी. उसका पति सर्वदीप बिंद मद्रास में रहकर मजदूरी करता है.
आशाकर्मी पर निजी अस्पताल ले जाने का आरोप
मृतका की सास शनिचरी देवी और भैसुर रवि बिंद ने बताया कि संजू देवी प्रसव के लिए अपने मायके इस्लामपुर थाना क्षेत्र के सोनामा गांव आयी हुई थी. रक्षाबंधन पर्व के दो दिन बाद, 29 अगस्त को अचानक प्रसव पीड़ा होने पर मायके के परिजन उसे इलाज के लिए इस्लामपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाना चाह रहे थे.
परिजनों का आरोप है कि इसी दौरान सोनामा गांव की रहने वाली माया देवी, जो इस्लामपुर सरकारी अस्पताल में आशाकर्मी है, ने उन्हें सरकारी अस्पताल ले जाने के बजाय गयाजी रोड स्थित संजीवनी हेल्थ केयर में इलाज कराने की सलाह दी.
परिजनों के अनुसार, आशाकर्मी ने बताया कि अस्पताल नया खुला है और वहां जहानाबाद जिले के कोकरसा भगवानपुर गांव निवासी डॉ. रवि रंजन इलाज करते हैं. परिजनों का कहना है कि आशाकर्मी की बात पर भरोसा कर वे संजू देवी को प्रसव कराने के लिए संजीवनी हेल्थ केयर में भर्ती करा दिये.
प्रसव के बाद बिगड़ने लगी महिला की हालत
परिजनों के अनुसार, 30 अगस्त को संजू देवी का प्रसव कराया गया. प्रसव के बाद नवजात बच्चा काफी कमजोर बताया गया. इसके बाद बच्चे को इलाज के लिए एकंगरसराय स्थित निजी चिकित्सक डॉ. संतोष कुमार के यहां सीसा में रखने के लिए भेजा गया.
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इधर, प्रसव के बाद संजू देवी की तबीयत लगातार बिगड़ने लगी. परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी हालत गंभीर होती चली गयी और सोमवार की सुबह उसकी मौत हो गयी. महिला की मौत के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गयी.
अस्पताल में हंगामा, सड़क जाम और चिकित्सक फरार
महिला की मौत की खबर मिलते ही परिजन और ग्रामीण अस्पताल पहुंच गये. लोगों ने चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया. आक्रोशित लोगों द्वारा अस्पताल में तोड़फोड़ किये जाने की भी बात सामने आयी है.
इसके बाद लोगों ने अस्पताल के समीप इस्लामपुर-गयाजी मुख्य सड़क को जाम कर दिया. सड़क जाम की सूचना पर इस्लामपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची.
पुलिस ने आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों को समझा-बुझाकर मामले में उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया, जिसके बाद करीब आधे घंटे बाद सड़क जाम हटाया जा सका.
सड़क जाम रहने के कारण मार्ग पर कुछ देर तक आवागमन प्रभावित रहा. परिजनों और ग्रामीणों के अस्पताल पहुंचने के बाद निजी अस्पताल के चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मियों के वहां से चले जाने की बात भी सामने आयी है. पुलिस के पहुंचने के बाद अस्पताल में मौजूद लोगों से घटना के संबंध में जानकारी ली गयी. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है.
एक महीने में प्रसव के बाद मौत की दूसरी घटना
इस्लामपुर बाजार में निजी अस्पतालों में प्रसव के दौरान महिलाओं की मौत को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गये हैं. स्थानीय लोगों के अनुसार, करीब एक माह के अंदर निजी क्लीनिक में प्रसव के बाद महिला की मौत की यह दूसरी घटना है.
बताया जाता है कि इससे पूर्व 31 जुलाई को इस्लामपुर बाजार के राजगीर रोड स्थित पूजा सेवा सदन नामक निजी क्लीनिक में प्रसव कराने पहुंची दो महिलाओं की मौत हो गयी थी. उस घटना के बाद प्रशासन ने संबंधित निजी क्लीनिक को सील कर दिया था.
ताजा घटना के बाद स्थानीय लोगों ने निजी अस्पतालों के संचालन, चिकित्सकों की योग्यता, अस्पतालों के पंजीकरण और स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठाये हैं. लोगों का कहना है कि यदि निजी अस्पतालों और क्लीनिकों की नियमित जांच और कार्रवाई होती रहे तो इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकता है.

स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस्लामपुर बाजार और आसपास के क्षेत्रों में कई निजी क्लीनिकों में निर्धारित मानकों के पालन को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है.
ऐसे में लोगों की मांग है कि स्वास्थ्य विभाग सभी निजी अस्पतालों और क्लीनिकों की जांच कराये तथा बिना आवश्यक अनुमति या निर्धारित मानकों के संचालित संस्थानों पर कार्रवाई करे. हालांकि, संजू देवी की मौत वास्तव में चिकित्सकीय लापरवाही के कारण हुई या इसके पीछे कोई अन्य चिकित्सकीय कारण था.
यह जांच और संबंधित चिकित्सकीय रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा. पुलिस घटना की जांच में जुटी है. परिजनों ने मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.
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