बिहारशरीफ में 82 जर्जर मकानों की होगी जांच, 16 पर सबसे ज्यादा खतरा, नगर निगम भेजेगा नोटिस

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BiharSharif Dilapidated House : दिल्ली में जर्जर मकान गिरने की घटना के बाद बिहारशरीफ नगर निगम हरकत में आ गया है. शहर में 82 जर्जर मकानों की पहचान की गई है, जिनमें से 16 बेहद जोखिम भरे हैं. नगर निगम ने कार्रवाई से पहले तकनीकी जांच के निर्देश दिए हैं.

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BiharSharif Dilapidated House : दिल्ली में जर्जर मकान गिरने की घटना के बाद बिहारशरीफ नगर निगम भी सतर्क हो गया है. शहर में जर्जर और संभावित रूप से खतरनाक मकानों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी तेज कर दी गयी है. नगर निगम की प्रारंभिक रिपोर्ट में शहर के अलग-अलग इलाकों में कुल 82 जर्जर मकान चिन्हित किये गये हैं.

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16 मकान कभी भी गिरने की स्थिति में

नगर आयुक्त कृत्यानंद रंजन के अनुसार, चिन्हित मकान काफी पुराने हैं और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में स्थित हैं. इनमें 16 मकान ऐसे हैं, जिन्हें बेहद जोखिम वाला माना गया है. इन मकानों की स्थिति आसपास रहने वाले लोगों के लिए खतरा बन सकती है. इसके बावजूद कुछ लोग अब भी इन भवनों में रह रहे हैं.

नोटिस से पहले होगी तकनीकी जांच

नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि बिना जांच के किसी मकान के खिलाफ सीधे कार्रवाई नहीं की जायेगी. प्रत्येक चिन्हित भवन का भौतिक और तकनीकी सत्यापन कराया जायेगा. इसके लिए वास्तुविद और अभियंताओं की टीम मौके पर जाकर भवन की स्थिति की जांच करेगी.

संरचना देखकर तय होगा आगे की कार्रवाई

तकनीकी टीम भवन की संरचना, उसकी मजबूती और जोखिम की गंभीरता का आकलन करेगी. जांच रिपोर्ट के आधार पर तय किया जायेगा कि संबंधित मकान को खाली कराया जाना है या उसे गिराने की जरूरत है. इस प्रक्रिया के बाद ही नगर निगम की ओर से अगला कदम उठाया जायेगा.

मकान मालिकों को पहले भेजा जायेगा नोटिस

नगर निगम के अनुसार, मकान मालिकों और उसमें रहने वाले लोगों को पहले नोटिस दिया जायेगा. नोटिस के जरिये भवन की स्थिति और संभावित खतरे की जानकारी देते हुए निर्धारित समय में जरूरी कार्रवाई के लिए कहा जायेगा. लोगों को मकान खाली करने के लिए भी समय दिया जा सकता है.

समय सीमा के बाद निगम करेगा कार्रवाई

यदि निर्धारित अवधि के भीतर जर्जर मकान खाली नहीं किया गया, तो नगर निगम आगे की कार्रवाई करेगा. कार्रवाई का स्वरूप तकनीकी जांच की रिपोर्ट और भवन की स्थिति के आधार पर तय किया जायेगा. निगम का उद्देश्य संभावित हादसे से पहले जोखिम वाले भवनों की पहचान कर सुरक्षा सुनिश्चित करना है.

घनी आबादी वाले इलाकों पर विशेष नजर

चिन्हित जर्जर मकानों में कई भवन घनी आबादी वाले इलाकों में स्थित हैं. ऐसे भवनों के गिरने की स्थिति में आसपास के लोगों और राहगीरों को भी खतरा हो सकता है. इसलिए नगर निगम की टीम पहले भवनों का सत्यापन कर जोखिम के स्तर के अनुसार कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ायेगी.

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