नालंदा: लगातार बारिश से हरनौत में धोवा और पंचाने नदी का बढ़ा जलस्तर; तटवर्ती गांवों में घुसा पानी का डर, ग्रामीणों ने प्रशासन से की निगरानी की मांग
धोवा नदी के जलस्तर में हुई बढ़ोतरी। | Prabhat Khabar Network
लगातार बारिश के कारण नालंदा के हरनौत अंचल की नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. आधा दर्जन से अधिक गांवों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है, जिससे ग्रामीण भयभीत हैं. किसानों की खड़ी फसलें भी डूबने की कगार पर हैं.
Nalanda News: जिले के हरनौत अंचल क्षेत्र में मौसम के मिजाज में आए बदलाव और भादो माह की लगातार बारिश के चलते स्थानीय नदियों के जलस्तर में अप्रत्याशित वृद्धि दर्ज की जा रही है. कभी मूसलाधार तो कभी रुक-रुक कर हो रही तेज बारिश के कारण पंचाने नदी की शाखाओं और चेरो पंचायत से सटी धोवा नदी सहित अन्य बरसाती नदियों में पानी का दबाव तेजी से बढ़ रहा है. नदियों के तेजी से बढ़ते जलस्तर ने तटवर्ती इलाकों और निचले भू-भागों में बसे ग्रामीणों की धड़कनें बढ़ा दी हैं.
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आधा दर्जन से अधिक तटवर्ती गांवों में बाढ़ की आशंका
नदियों के उफान के चलते हरनौत प्रखंड और नवगठित नगर पंचायत क्षेत्र के कई गांवों पर बाढ़ व जलजमाव का खतरा मंडराने लगा है:
- प्रभावित ग्रामीण इलाके: डिहरी पंचायत अंतर्गत मुसहरी व हासनचक, चेरो पंचायत का चेरो बाजार तथा नेहुसा पंचायत का दैली-महेशपुर गांव सीधे तौर पर नदी के किनारे अवस्थित होने के कारण सबसे अधिक संवेदनशील बने हुए हैं.
- नगर पंचायत क्षेत्र: नगर पंचायत हरनौत के जोरारपुर सहित आसपास के रिहायशी मोहल्लों में भी नदी का पानी खेतों व बस्तियों के मुहाने तक पहुंचने लगा है.
तटवर्ती इलाकों में संभावित कटाव और बस्तियों में पानी प्रवेश करने की आशंका से ग्रामीणों में भय का माहौल है. विशेष रूप से तेज बहाव के कारण छोटे बच्चों, मवेशियों और बुजुर्गों के नदी किनारे जाने पर बड़े जल हादसे की आशंका बनी हुई है.
लगातार जलस्तर बढ़ने से फसलों और रास्तों पर संकट
स्थानीय किसानों और ग्रामीणों का कहना है कि यदि कैचमेंट एरिया में बारिश का सिलसिला इसी तरह जारी रहा और नदियों का जलस्तर और बढ़ा, तो खेतों में खड़ी धान की फसलें डूब जाएंगी और संपर्क मार्ग जलमग्न हो सकते हैं. ग्रामीणों ने जिला व प्रखंड प्रशासन से गुहार लगाई है कि जल संसाधन विभाग की टीमों को तैनात कर नदियों के जलस्तर की 24 घंटे मॉनिटरिंग कराई जाए.
ग्रामीणों ने की समय रहते सुरक्षा व अलर्ट की मांग
तटवर्ती बस्तियों के लोगों ने स्थानीय प्रशासन से मांग की है कि:
- नदी किनारे स्थित संवेदनशील गांवों में चौकसी बढ़ाई जाए और लाउडस्पीकर के माध्यम से ग्रामीणों व बच्चों को नदी के गहरे पानी से दूर रहने की चेतावनी जारी की जाए.
- जलस्तर में अत्यधिक वृद्धि होने की दशा में ग्रामीणों और उनके मवेशियों को सुरक्षित ऊंचे स्थानों पर स्थानांतरित करने की पूर्व कार्ययोजना तैयार रखी जाए.
- आपात स्थिति से निपटने के लिए नावों, राहत सामग्री और मेडिकल टीमों की अग्रिम व्यवस्था सुनिश्चित की जाए.
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