नालंदा: ओंदा और उथरथू में बाढ़ का डीएम-एसपी ने लिया जायजा; तटबंधों की 24 घंटे निगरानी के निर्देश, 5 मीटर ब्रीच की मरम्मत युद्धस्तर पर
बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लेते डीएम उदिता सिंह, एसपी हृदयकांत व अन्य अधिकारी. | Prabhat Khabar Network
नालंदा जिले में बाढ़ की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है. जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर हालात का जायजा लिया. तटबंधों की मजबूती और राहत वितरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.
Biharsharif News: नालंदा जिले की विभिन्न नदियों के जलस्तर में हुई बढ़ोतरी को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है. शुक्रवार को जिलाधिकारी (DM) श्रीमती उदिता सिंह एवं पुलिस अधीक्षक (SP) श्री हृदय कांत ने संयुक्त रूप से आस्थावान प्रखंड अंतर्गत ओंडा गांव तथा बींद प्रखंड के उत्तर्त्हू गांव का स्थलीय निरीक्षण किया. दोनों शीर्ष अधिकारियों ने जलस्तर के उतार-चढ़ाव, जलनिकासी की स्थिति, तटबंधों की मजबूती और प्रभावित ग्रामीणों को उपलब्ध कराई जा रही राहत सुविधाओं की मौके पर पड़ताल की.
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ओंदा में 5 मीटर ब्रीच की मरम्मत युद्धस्तर पर, उथरथू में स्थिति सामान्य
निरीक्षण के दौरान सामने आया कि अस्थावां अंचल के ओंदा में तटबंध में हुए करीब 5 मीटर के कटाव (ब्रीच) को भरने और मजबूत करने का कार्य जल संसाधन विभाग द्वारा युद्धस्तर पर कराया जा रहा है. डीएम ने तकनीकी पदाधिकारियों को बालू-मिट्टी की बोरियां डालकर तटबंध को अविलंब सुरक्षित करने का आदेश दिया. वहीं, बिंद अंचल के उथरथू में क्षतिग्रस्त तटबंध की मरम्मत का कार्य शत-प्रतिशत पूरा कर लिया गया है और वहां स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है. डीएम ने जल संसाधन विभाग के अभियंताओं को सभी संवेदनशील तटबंधों पर 24 घंटे पेट्रोलिंग और निगरानी सुनिश्चित करने की सख्त हिदायत दी.

राहत सामग्री, पेयजल और मेडिकल कैंप सक्रिय करने के निर्देश
जिलाधिकारी ने प्रखंड और अंचल स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ से घिरे परिवारों तक तत्काल राहत पहुंचाई जाए:
- राहत व पेयजल: प्रभावित परिवारों को सुरक्षित पेयजल, सूखा राशन, आवश्यक दवाइयां और पॉलीथिन शीट्स तत्काल मुहैया कराई जाएं.
- पशु चारा व स्वास्थ्य: प्रभावित क्षेत्रों के पशुपालकों के लिए पर्याप्त मात्रा में सूखा व हरा चारा उपलब्ध कराया जाए तथा पशु चिकित्सकों की टीम तैनात रहे.
- मेडिकल टीम अलर्ट: जलजनित संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए चलंत मेडिकल टीमों को सक्रिय रखने और जीवनरक्षक दवाओं का पर्याप्त स्टॉक रखने को कहा गया है.

जिले के अधिकांश अंचलों में स्थिति नियंत्रण में
आपदा प्रबंधन शाखा से प्राप्त आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, नालंदा जिले के सभी 20 अंचलों में अधिकांश नदियों का बहाव नियंत्रण में है. हालांकि रहुई, अस्थावां, बिंद, गिरियक और कतरीसराय में जलस्तर में वृद्धि दर्ज की गई है, जहां प्रशासनिक टीमें 24 घंटे मुस्तैद हैं. वहीं दूसरी ओर, हिलसा एवं करायपरसुराय में जलस्तर में गिरावट आई है, जबकि परवलपुर, नगरनौसा और चंडी में बाढ़ का कोई असर नहीं है.

अफवाहों पर न दें ध्यान, 24 घंटे सक्रिय है कंट्रोल रूम: प्रशासन (कोट)
"जिले में बाढ़ की स्थिति पूरी तरह प्रशासनिक नियंत्रण में है. संवेदनशील तटबंधों की निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है और राहत वितरण में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. ग्रामीण किसी भी तरह की भ्रामक खबर अथवा अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें." — उदिता सिंह, जिलाधिकारी (DM), नालंदा
जिला प्रशासन ने नागरिकों की सहायता और आपातकालीन सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए जिला आपातकालीन संचालन केंद्र (District Emergency Operation Centre) को 24 घंटे क्रियाशील रखा है. बाढ़ संबंधी समस्या या सहायता के लिए आम नागरिक निम्नलिखित हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं:
- दूरभाष (लैंडलाइन): 06112-233168
- मोबाइल नंबर: 8789858336
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