बिहार-यूपी बस सेवा: अयोध्या, वाराणसी से सीतामढ़ी और गया तक सीधी बस, बिहार-यूपी के बीच 14 नए रूटों पर चलेंगी बसें

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बिहार-UP के बीच चलेंगी 14 नई बसें

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Bihar-UP New Interstate Bus Routes: बिहार और उत्तर प्रदेश के यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है. दोनों राज्यों के बीच जल्द ही 14 नए अंतरराज्यीय रूटों पर सरकारी बसें चलेंगी. इसके साथ ही पिछले 10 साल से चल रहे 25 पुराने रूटों का करार आगे बढ़ाने पर सहमति बन गई है. इससे त्योहारों में सफर आसान होगा.

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Bihar-UP New Interstate Bus Routes: बिहार और उत्तर प्रदेश के बीच बस से सफर करने वाले यात्रियों के लिए अच्छी खबर है. दोनों राज्यों के बीच जल्द ही 14 नए अंतरराज्यीय बस रूट शुरू किए जाएंगे. इन रूटों पर बिहार राज्य पथ परिवहन निगम की बसें चलेंगी. इसके साथ ही पिछले 10 साल से चल रहे 25 पुराने बस रूटों के समझौते को आगे बढ़ाने पर भी दोनों राज्यों के बीच सहमति बनी है.

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लखनऊ में हुई बैठक

यह फैसला सोमवार को लखनऊ के एक होटल में हुई उच्च स्तर की बैठक में लिया गया. बैठक में बिहार के परिवहन मंत्री दामोदर रावत और उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह शामिल हुए. बैठक में दोनों राज्यों के बीच बस सेवा को और बेहतर बनाने पर चर्चा हुई. नए रूट शुरू होने से बिहार और यूपी के बीच आने-जाने वाले यात्रियों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है.

दिल्ली और नोएडा जाने वालों को भी फायदा

परिवहन मंत्री दामोदर रावत ने कहा कि नए बस रूट शुरू होने से रोजाना सफर करने वाले लोगों को काफी सुविधा मिलेगी. उन्होंने बताया कि बिहार और उत्तर प्रदेश के साथ-साथ दिल्ली और हरियाणा तक बिहार की सरकारी बसों की आवाजाही भी आसान हो सकेगी. दिल्ली, नोएडा, लखनऊ और कानपुर से बिहार आने-जाने वाले यात्रियों को सीधी, सुरक्षित और कम खर्च वाली सरकारी बस सेवा मिल सकेगी.

त्योहारों से पहले बढ़ेगी सुविधा

आने वाले पर्व और त्योहारों को देखते हुए भी इस फैसले को अहम माना जा रहा है. त्योहारों के समय दूसरे राज्यों में रहने वाले बड़ी संख्या में लोग बिहार अपने घर लौटते हैं. ऐसे में नए बस रूट शुरू होने से यात्रियों को आने-जाने के लिए एक और विकल्प मिलेगा.

बैठक में केवल नए रूट शुरू करने पर ही बात नहीं हुई. दोनों राज्यों के बीच पिछले 10 साल से चल रहे 25 पुराने बस रूटों के समझौते को आगे बढ़ाने पर भी सहमति बनी है. इससे पहले से चल रही बस सेवाओं को जारी रखने का रास्ता साफ हुआ है. नए रूटों को लेकर दोनों राज्यों के बीच जल्द ही समझौता ज्ञापन यानी MoU पर हस्ताक्षर किए जाएंगे.

छात्रों और तीर्थयात्रियों को भी फायदा

दामोदर रावत ने कहा कि नए रूटों से दूसरे राज्यों में रहने वाले बिहार के लोगों, छात्रों और तीर्थयात्रियों को भी फायदा मिलेगा. उन्हें अपने घर और दूसरे जरूरी स्थानों तक पहुंचने के लिए सीधी बस कनेक्टिविटी मिल सकेगी. इससे बिहार और यूपी के बीच लोगों की आवाजाही और आसान होने की उम्मीद है.

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अयोध्या से सीतामढ़ी और गया तक कनेक्टिविटी पर चर्चा

बैठक में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए रामायण सर्किट और बुद्ध सर्किट को बेहतर बस नेटवर्क से जोड़ने पर भी खास चर्चा हुई. अयोध्या, वाराणसी और प्रयागराज को सीतामढ़ी, गया, बोधगया और वैशाली जैसे बिहार के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों से सीधी बस सेवा से जोड़ने की योजना पर बात हुई. अगर इन जगहों के बीच सीधी बस सेवा शुरू होती है, तो इससे धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक पहुंचना आसान होगा. इससे पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद भी जताई गई है.

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