बिहार में 9 अफसर-कर्मचारियों पर एक्शन, किसी की पेंशन कटी तो किसी पर FIR की तैयारी, जानें पूरा मामला
दिलीप जायसवाल की फाइल फोटो
Bihar Revenue Department: बिहार में जमीन और राजस्व से जुड़े मामलों में लापरवाही पर सरकार ने सख्ती बढ़ा दी है. विभाग ने 9 अधिकारियों और कर्मचारियों पर अलग-अलग कार्रवाई शुरू की है. किसी की पेंशन काटने का फैसला हुआ है, तो कहीं विभागीय जांच और कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ी है.
Bihar Revenue Department: बिहार में जमीन और राजस्व से जुड़े मामलों में लापरवाही पर सरकार ने एक बार फिर सख्ती दिखाई है. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने 9 अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ अलग-अलग कार्रवाई शुरू की है. यह कार्रवाई विभागीय मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल के निर्देश पर की गई है.
इन मामलों में जमीन की जमाबंदी में गड़बड़ी, दाखिल-खारिज में लापरवाही और डिजिटल लॉगिन डोंगल के गलत इस्तेमाल जैसे मामले शामिल हैं. कुछ अधिकारियों की पेंशन में कटौती का फैसला हुआ है. वहीं, कुछ के खिलाफ विभागीय जांच, आरोप पत्र और कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है.
रिटायर्ड CO की पेंशन में 10 फीसदी कटौती
दरभंगा सदर के तत्कालीन अंचल अधिकारी अरुण कुमार सक्सेना के खिलाफ जमीन के दाखिल-खारिज से जुड़ा मामला सामने आया था. आरोप है कि गैरमजरूआ खास जमीन का गलत तरीके से दाखिल-खारिज किया गया. इसके बाद रैयती जमाबंदी कायम कर दी गई.
विभाग ने मामले में कार्रवाई करते हुए सेवानिवृत्त सीओ की पेंशन में 10 फीसदी कटौती का फैसला लिया है. यह कटौती पांच साल तक की जाएगी.
डोंगल के अनधिकृत इस्तेमाल पर 15 फीसदी पेंशन कटेगी
पूर्वी चंपारण के बंजरिया के तत्कालीन अंचल अधिकारी मणि कुमार वर्मा के खिलाफ भी कार्रवाई हुई है. उन पर राजस्व कर्मचारी के डिजिटल लॉगिन डोंगल का अनधिकृत इस्तेमाल करने का आरोप है. विभाग ने मामले में उनकी पेंशन में 15 फीसदी कटौती का आदेश दिया है. यह कटौती पांच वर्षों तक जारी रहेगी.
अंचल कार्यालय के खाते से निकासी का मामला
बेलछी के तत्कालीन अंचल अधिकारी पियुष मिश्रा से जुड़े मामले में भी विभाग ने कार्रवाई का फैसला लिया है. अंचल कार्यालय के खाते से निकाली गई राशि को लेकर सवाल उठे थे.
इस मामले में छपरा प्रमंडल आयुक्त के सचिव की ओर से पृच्छा की गई थी. अब विभाग ने कानूनी कार्रवाई का प्रस्ताव मंजूर कर लिया है.
दाखिल-खारिज में गड़बड़ी के दो मामले
एकंगरसराय के तत्कालीन राजस्व कर्मचारी अमोद कुमार के खिलाफ दो अलग-अलग मामलों में आरोप पत्र गठित किया गया है.
पहले मामले में अस्वीकृत दाखिल-खारिज वसीका के आधार पर दोबारा आए आवेदन को मंजूरी देने की अनुशंसा करने का आरोप है.
दूसरे मामले में दाखिल-खारिज वाद संख्या 2997/2022-23 से जुड़ी कार्रवाई है. आरोप है कि गलत पारिवारिक सूची के आधार पर बिना नोटिस दिए आवेदन की स्वीकृति की अनुशंसा की गई.
जमीन सत्यापन रिपोर्ट में मिली विसंगति
कटिहार के कदवा के तत्कालीन राजस्व अधिकारी-सह-प्रभारी अंचल अधिकारी मयंक आशुतोष आनंद के खिलाफ भी अनुशासनिक कार्रवाई शुरू की गई है.
मामला कटिहार-कुमेदपुर और कटिहार-मुकुरिया दोहरीकरण परियोजना से जुड़ा है. परियोजना के लिए अर्जनाधीन जमीन की सत्यापन रिपोर्ट में विसंगति मिलने के बाद विभाग ने कार्रवाई का आदेश दिया है.
ऑनलाइन जमाबंदी में फर्जीवाड़े का आरोप
फुलवारीशरीफ के तत्कालीन अंचल अधिकारी चंदन कुमार के खिलाफ भी आरोप पत्र गठित किया गया है. उन पर ऑफलाइन जमाबंदी को ऑनलाइन जमाबंदी में बदलने के दौरान फर्जीवाड़ा करने का आरोप है. विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की है.
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पोर्टल के खराब प्रदर्शन पर भी कार्रवाई
अररिया के कुर्साकांटा के अंचल अधिकारी आलोक कुमार के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई का आदेश दिया गया है.
अंचल कार्यालय के निरीक्षण और ऑनलाइन पोर्टल पर खराब प्रदर्शन को लेकर उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया था. विभाग के मुताबिक, उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया. इसके बाद आगे की कार्रवाई शुरू की गई.
मंत्री ने दिया सख्ती का संदेश
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की इन कार्रवाइयों से जमीन और राजस्व से जुड़े काम में लापरवाही को लेकर सरकार का रुख साफ है. विभागीय मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने अधिकारियों और कर्मचारियों को पारदर्शिता के साथ काम करने का संदेश दिया है.
मंत्री ने आम लोगों से जुड़े मामलों का समय पर निपटारा करने पर भी जोर दिया है. विभाग का कहना है कि सरकारी काम में अनियमितता या लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
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