बिहार के नर्सिंग कॉलेजों को अब एक क्लिक पर मिलेगी मान्यता, 656 कॉलेजों को मिलेगा फायदा

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स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने पटना के शास्त्रीनगर स्थित ऊर्जा स्टेडियम में ऑनलाइन मान्यता प्रणाली का शुभारंभ किया

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Bihar News: बिहार में नर्सिंग संस्थानों की मान्यता प्रक्रिया अब पूरी तरह डिजिटल हो गई है. स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने ऑनलाइन मान्यता प्रणाली का शुभारंभ करते हुए कहा कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और संस्थानों को लंबी और जटिल प्रक्रिया से राहत मिलेगी.

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Bihar News: बिहार में अब राज्य के नर्सिंग संस्थानों को एनओसी और मान्यता के लिए फाइलों का बोझ उठाकर सरकारी दफ्तरों की सीढ़ियां नहीं चढ़नी पड़ेंगी. स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने बुधवार को पटना के शास्त्रीनगर स्थित ऊर्जा स्टेडियम में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ‘ऑनलाइन मान्यता प्रणाली’ का विधिवत शुभारंभ किया.

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सरकार के इस कदम से न केवल भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी, बल्कि मान्यता प्रक्रिया में अभूतपूर्व पारदर्शिता और रफ्तार भी देखने को मिलेगी.

अब सब कुछ ऑनलाइन

नई व्यवस्था के तहत नर्सिंग संस्थानों को एनओसी और अन्य अन्य दफ्तरी कामों के लिए अब चक्कर नहीं लगाने होंगे. पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए पूरी की जाएगी.

राज्य में फिलहाल 656 नर्सिंग कॉलेज संचालित हैं, जहां 41,065 सीटों पर छात्र-छात्राएं विभिन्न मेडिकल कोर्सो में पढ़ाई कर रहे हैं. सरकार का लक्ष्य आने वाले समय में इन संस्थानों की संख्या और बढ़ाना है, ताकि स्वास्थ्य क्षेत्र में मेडिकल एक्सपर्ट तैयार किया जा सके.

पारदर्शिता पर सरकार का फोकस

नई डिजिटल प्रणाली में संस्थानों को अपनी सभी सुविधाओं और संसाधनों की जानकारी पोर्टल पर अपलोड करनी होगी. इससे आम लोगों को भी संस्थानों की वास्तविक स्थिति की जानकारी मिल सकेगी.

विभागीय सचिव लोकेश कुमार सिंह ने इस मौके पर कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि डिजिटल होने का मतलब यह कतई नहीं है कि नियमों में ढील दी जाएगी. बल्कि, अब निगरानी और भी सख्त होगी. सभी संस्थानों को अपनी सुविधाओं, लैब, फैकल्टी और बुनियादी ढांचे की पूरी जानकारी पोर्टल पर सार्वजनिक करनी होगी. इससे आम जनता भी घर बैठे जान पाएगी कि कौन सा संस्थान मानकों पर खरा उतर रहा है.

नीतीश कुमार का विजन

एक दौर था जब बिहार में नर्सिंग संस्थानों की भारी कमी थी और यहां के छात्रों को पढ़ाई के लिए दूसरे राज्यों का रुख करना पड़ता था. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस समस्या को भांपते हुए ‘सात निश्चय योजना’ के तहत नर्सिंग शिक्षा को प्राथमिकता दी. उसी विजन का परिणाम है कि आज बिहार में नर्सिंग की सीटों का आंकड़ा 41 हजार को पार कर चुका है.

कार्यक्रम के दौरान पांच नर्सिंग संस्थानों को ऑनलाइन एनओसी का जारी भी दिया गया.अधिकारियों का कहना है कि इस सिस्टम से न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि गुणवत्ता नियंत्रण भी बेहतर होगा.

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