सायंस कॉलेज के पास अब मेट्रो कंपनी बनाएगी रैंप, जाम से मिलेगी मुक्ति

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Now the metro company will build a ramp near the Science College.

Bihar News: अशोक राजपथ पर बने डबल डेकर फ्लाइओवर से ट्रैफिक दबाव तो कम हुआ, लेकिन पटना के लोगों को अब भी अधूरे रैंप की परेशानी झेलनी पड़ रही है. पटना साइंस कॉलेज के पास रैंप नहीं बनने से एनआईटी मोड़ जाने वालों को लंबा रास्ता लेना पड़ता है. अब इस अधूरे काम को मेट्रो निर्माण कंपनी पूरा करेगी.

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Bihar News: पटना में करगिल चौक से एनआईटी मोड़ के बीच बने राज्य के पहले डबल डेकर फ्लाइओवर का आखिरी पेंच अब सुलझ गया है.

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सायंस कॉलेज के पास जिस रैंप का इंतजार पिछले कई महीनों से हो रहा था, उसे बनाने की जिम्मेदारी अब मेट्रो कंपनी ने संभाल ली है. अब फ्लाइओवर और मेट्रो का काम एक साथ रफ्तार पकड़ेगा.

सायंस कॉलेज रैंप का सस्पेंस खत्म

अशोक राजपथ पर बने 422 करोड़ रुपये के डबल डेकर फ्लाइओवर का निर्माण कार्य तो लगभग पूरा हो चुका है, लेकिन सायंस कॉलेज के पास रैंप नहीं होने से यात्रियों को भारी परेशानी हो रही थी. करगिल चौक से आने वाले लोग सीधे एनआईटी मोड़ नहीं पहुंच पा रहे थे, उन्हें पटना विश्वविद्यालय के पास ही उतरना पड़ रहा था.

मेट्रो स्टेशन के निर्माण कार्य की वजह से यहां रैंप का काम अटका हुआ था. अब बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के अनुरोध पर मेट्रो निर्माण कंपनी इस रैंप को बनाने पर सहमत हो गई है. इसके लिए लगने वाली राशि पुल निर्माण निगम द्वारा मेट्रो कंपनी को ट्रांसफर की जाएगी, जिससे काम में दोहराव और देरी की गुंजाइश खत्म हो जाएगी.

पीएमसीएच के पास गड्ढों से राहत

फ्लाइओवर के नीचे पीएमसीएच के पास सफर करना फिलहाल किसी चुनौती से कम नहीं है. पाया संख्या 24 से 40 के बीच की सर्विस रोड पूरी तरह जर्जर हो चुकी है. चूंकि पीएमसीएच के पास अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशन का काम चल रहा है, इसलिए मेट्रो कंपनी ने ही इस क्षतिग्रस्त सर्विस रोड को दुरुस्त करने का जिम्मा लिया है.

बहुत जल्द यहां पानी के छिड़काव के साथ-साथ सड़क को समतल किया जाएगा, जिससे पीएमसीएच आने-जाने वाले एम्बुलेंस और वाहनों को फिसलन और धूल से निजात मिल सकेगी.

पांच में से चार रैंप चालू

अशोक राजपथ के इस आधुनिक फ्लाइओवर पर चढ़ने और उतरने के लिए कुल पांच रैंप बनाए जाने हैं. राहत की बात यह है कि इनमें से चार रैंप—करगिल चौक (चढ़ने), पटना विश्वविद्यालय (उतरने), पटना कॉलेज (चढ़ने) और बीएन कॉलेज (उतरने)—पहले ही चालू हो चुके हैं.

सायंस कॉलेज के पास वाला अंतिम रैंप जैसे ही तैयार होगा, गांधी मैदान से एनआईटी मोड़ तक का सफर महज चंद मिनटों का रह जाएगा. इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि पटना के सबसे व्यस्ततम इलाकों में से एक अशोक राजपथ को ट्रैफिक जाम के पुराने कलंक से मुक्ति मिल जाएगी.

प्रशासन ने की जनता से अपील

फ्लाइओवर के पिलरों के पास हरियाली और सुंदरता बढ़ाने के लिए पुल निर्माण निगम ने छोटे-छोटे पौधे लगाए थे. लेकिन चिंता की बात यह है कि ये पौधे धीरे-धीरे गायब हो रहे हैं. जानकारों का कहना है कि कुछ लोग इन पौधों को उखाड़ ले जा रहे हैं, जिससे फ्लाइओवर की खूबसूरती बिगड़ रही है.

विभाग ने आम लोगों से सहयोग की अपील की है कि वे इस सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा करें. पटना को स्मार्ट बनाने की इस मुहिम में जनता की भागीदारी भी उतनी ही जरूरी है जितनी कि प्रशासन की सक्रियता.

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