श्रावण शुरू होते ही महादेवपुर गंगा घाट पर उमड़ी आस्था, बढ़ते जलस्तर के बीच सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल

Author Anjani Kumar|Edited by Amit Kr Sinha
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महादेवपुर गंगा घाट पर सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं. | Prabhat Khabar Network

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Bhagalpur News: महादेवपुर गंगा घाट श्रावण मास में आस्था का प्रमुख केंद्र बन गया है, जहाँ से हजारों शिवभक्त गंगाजल लेकर शिवालयों के लिए रवाना हो रहे हैं. हालांकि, बढ़ते गंगा जलस्तर के बीच सुरक्षा इंतजामों की कमी श्रद्धालुओं की चिंता बढ़ा रही है, जो पहले की दर्दनाक घटनाओं को देखते हुए मजबूत व्यवस्था की मांग कर रहे हैं.

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Bhagalpur News: नवगछिया पुलिस जिला के परवत्ता थाना क्षेत्र स्थित महादेवपुर गंगा घाट पर श्रावण मास के पहले दिन से ही श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ने लगा है. यहां से हजारों शिवभक्त गंगाजल लेकर बैद्यनाथ धाम, सिंहेश्वर महादेव और विभिन्न शिवालयों के लिए रवाना हो रहे हैं. हालांकि बढ़ते गंगा जलस्तर के बीच सुरक्षा इंतजामों की कमी लोगों की चिंता बढ़ा रही है.

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श्रावण में आस्था का प्रमुख केंद्र बना महादेवपुर घाट

महादेवपुर गंगा घाट पर गुरुवार से श्रद्धालुओं और कांवरियों की आवाजाही तेज हो गई है. गंगा स्नान के बाद श्रद्धालु यहां से जल भरकर बैद्यनाथ धाम, मधेपुरा के सिंहेश्वर महादेव, मड़वा बिहपुर शिव मंदिर, नवगछिया गोपाल गौशाला शिव मंदिर सहित कई प्रमुख शिवालयों में जलाभिषेक के लिए रवाना हो रहे हैं. रविवार और सोमवार को यहां श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ने की संभावना है.

बढ़ते जलस्तर के बीच सुरक्षा व्यवस्था पर चिंता

स्थानीय लोगों के अनुसार गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे घाट पहले की तुलना में अधिक संवेदनशील हो गया है. फिलहाल घाट पर केवल बांस, रस्सी और लाल झंडे के सहारे सीमांकन किया गया है. मजबूत बैरिकेडिंग, सुरक्षित स्नान क्षेत्र और व्यापक सुरक्षा प्रबंध का अभाव श्रद्धालुओं की चिंता बढ़ा रहा है. लोगों का कहना है कि भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम बेहद जरूरी हैं.

पहले भी हो चुके हैं कई दर्दनाक हादसे

महादेवपुर गंगा घाट पर पूर्व में डूबने की कई घटनाएं हो चुकी हैं. हाल ही में कदवा थाना क्षेत्र से दाह संस्कार में आए एक युवक की गंगा में डूबने से मौत हो गई थी, जबकि सुपौल जिले की 26 वर्षीय अनीता कुमारी की भी इसी घाट पर गहरे पानी में डूबने से जान चली गई थी. इन घटनाओं के कारण स्थानीय लोग सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग कर रहे हैं.

प्रशासन से की गई व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की मांग

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मजबूत बैरिकेडिंग, श्रावण मास तक एसडीआरएफ की तैनाती, प्रशिक्षित गोताखोरों की उपलब्धता, नियमित माइकिंग, सुरक्षित स्नान क्षेत्र, महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम, पर्याप्त शौचालय, अतिरिक्त पुलिस बल, हाईमास्ट लाइट और साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है. लोगों का कहना है कि आस्था के इस बड़े केंद्र पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि श्रावण मास शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न हो सके.


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