भागलपुर: पीरपैंती में बनेगा 500 बाछियों की क्षमता वाला 'हीफर स्टेशन' व कृत्रिम गर्भाधान केंद्र, 30 एकड़ जमीन की तलाश तेज
कृत्रिम गर्भाधान केंद्र AI Image
भागलपुर के पीरपैंती में 500 युवा बाछियों के वैज्ञानिक पालन-पोषण और नस्ल सुधार के लिए 'हीफर स्टेशन' की स्थापना की जा रही है. यह आधुनिक केंद्र उन्नत कृत्रिम गर्भाधान सुविधा से लैस होगा, जिसका लक्ष्य स्थानीय पशुपालकों की आय बढ़ाना और दूध उत्पादन में क्रांति लाना है.
बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी पशुपालन विकास योजना के तहत भागलपुर जिले के पीरपैंती अंचल में पशुपालकों और किसानों के लिए एक बड़ी सौगात की तैयारी शुरू हो गई है. पीरपैंती में 500 बाछियों (हीफर) के आधुनिक पालन-पोषण और उच्च नस्ल सुधार के लिए 'हीफर स्टेशन' (Heifer Station) और उन्नत कृत्रिम गर्भाधान केंद्र की स्थापना का निर्णय लिया गया है. इस वृहद परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है. अपर समाहर्ता ने पीरपैंती के अंचलाधिकारी (सीओ) को पत्र जारी कर एक सप्ताह के भीतर 20 से 30 एकड़ निःशुल्क सरकारी भूमि चिह्नित कर प्रस्ताव भेजने का सख्त निर्देश दिया है.
आपके शहर में
सीओ को 7 दिनों का अल्टीमेटम, 20-30 एकड़ जमीन की तलाश
परियोजना के लिए भूमि चयन की प्रक्रिया तेज कर दी गई है:
- प्रशासनिक निर्देश: अपर समाहर्ता द्वारा जारी पत्र के अनुसार, पीरपैंती अंचल क्षेत्र में 20 से 30 एकड़ उपयुक्त, गैर-विवादित और निःशुल्क सरकारी भूमि की तलाश प्राथमिकता के आधार पर की जा रही है.
- एक सप्ताह में रिपोर्ट: सीओ को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि वे स्थल का भौतिक सत्यापन कर सात दिनों के भीतर विस्तृत प्रस्ताव जिला मुख्यालय को समर्पित करें, ताकि केंद्र सरकार और राज्य सरकार की संयुक्त योजना पर आगे का निर्माण कार्य शुरू हो सके.
क्या होता है 'हीफर स्टेशन' और कैसे करेगा काम?
पशुपालन को आधुनिक और वैज्ञानिक रूप देने वाला यह एक अत्याधुनिक केंद्र होगा:
- हीफर का अर्थ: 'हीफर' (Heifer) उन युवा बाछियों को कहा जाता है, जिन्होंने अभी तक किसी बछड़े को जन्म नहीं दिया है.
- वैज्ञानिक पालन-पोषण: इस केंद्र में 500 उन्नत नस्ल की बाछियों को विशेष देखरेख में रखा जाएगा. उनके संतुलित पोषण (आहार), समयबद्ध टीकाकरण और नियमित स्वास्थ्य परीक्षण की वैज्ञानिक व्यवस्था होगी, ताकि वे भविष्य में उच्च दुग्ध उत्पादन क्षमता वाली स्वस्थ गाय बन सकें.
- इनबिल्ट कृत्रिम गर्भाधान केंद्र: केंद्र के भीतर ही एक आधुनिक आर्टिफिशियल इनसेमिनेशन (AI) सेंटर भी स्थापित होगा, जहां उच्च कोटि के सीमेन से गर्भाधान कराया जाएगा.
भागलपुर और आसपास के किसानों-पशुपालकों को क्या होंगे बड़े फायदे?
यह परियोजना स्थानीय ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में मील का पत्थर साबित होगी:
- नस्ल सुधार व दुग्ध क्रांति: स्थानीय स्तर पर उत्तम नस्ल की बछियों और गायों की उपलब्धता बढ़ेगी, जिससे जिले में दूध उत्पादन कई गुना बढ़ जाएगा.
- बीमारियों से बचाव: वैज्ञानिक पद्धतियों से पाले जाने के कारण पशुओं में फैलने वाले संक्रामक रोगों पर रोक लगेगी.
- किसानों की आय में भारी इजाफा: उन्नत नस्ल की गायों से मिलने वाले अधिक दूध से डेयरी किसानों का मुनाफा और आमदनी बढ़ेगी.
- स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन: 500 की क्षमता वाले इस विशाल केंद्र के संचालन, चारा प्रबंधन और रखरखाव से पीरपैंती के ग्रामीण इलाकों में स्थानीय युवाओं और श्रमिकों के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए