छात्रों को कंप्यूटर की शिक्षा देने वाले पीजी बायोइंफॉरमेटिक्स विभाग में पढ़ाई बंद, रीजनल स्टडी सेंटर भी विवि प्रशासन की लापरवाही का शिकार

Updated:
विज्ञापन
  टीएमबीयू का  पीजी बायोइंफॉरमेटिक्स विभाग  | Prabhat Khabar Network

टीएमबीयू का  पीजी बायोइंफॉरमेटिक्स विभाग  | Prabhat Khabar Network

तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के बायोइंफॉरमेटिक्स विभाग और रीजनल स्टडी सेंटर में पढ़ाई बंद होने से छात्रों का भविष्य खतरे में है। प्रशासन की लापरवाही जारी।

विज्ञापन

भागलपुर. तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (टीएमबीयू) का प्रशासन गहरी नींद में सोया है और इसकी कीमत चुका रहे हैं देश का भविष्य-हमारे छात्र. विवि प्रशासन की घोर लापरवाही और अदूरदर्शिता के कारण बिहार और झारखंड का इकलौता गौरव कहे जाने वाले दो संस्थान आखिरी सांस गिन रहे हैं. पीजी बायोइंफॉरमेटिक्स विभाग और ऐतिहासिक रीजनल स्टडी सेंटर आज दम तोड़ रहे हैं. बायोइंफॉर्मेटिक्स में जहां कभी 100 से अधिक छात्र कंप्यूटर शिक्षा पाकर अपने सुनहरे भविष्य का निर्माण कर रहे थे, आज वहां सन्नाटा पसरा है. रीजनल स्टडी सेंटर में कई महत्वपूर्ण शोध प्रोजेक्ट धूल फांक रहे हैं, लेकिन विवि के आला अधिकारियों को इन सबसे कोई मतलब नहीं है. संस्थानों को बंद करना अपराध : पूर्व निदेशक

यह विभाग भारत सरकार द्वारा संचालित है और लोकभवन से मान्यता प्राप्त है. ऐसे रोजगारपरक और शोध से जुड़े संस्थान को बंद करना किसी भी सूरत में उचित नहीं है. विवि तुरंत यहां पढ़ाई शुरू कराये. ऐसी स्थिति में तो सब बर्बाद हो जायेगा : पूर्व निदेशक

पिछले छह महीने से सेंटर में कोई निदेशक ही नहीं है. अगर विवि खुद निगरानी नहीं करेगा और नया निदेशक नहीं बनायेगा, तो यह ऐतिहासिक केंद्र पूरी तरह बर्बाद हो जायेगा. प्रो एसएन पांडेय, पूर्व निदेशक, रीजनल स्टडी सेंटर रजिस्ट्रार प्रो रामाशीष पूर्वे से सीधी बात


जब इस पूरे मामले पर विवि के रजिस्ट्रार से सवाल पूछे गये, तो उनके पास टालमटोल वाले जवाब थे. सवाल: रीजनल स्टडी सेंटर और बायोइंफाॅरमेटिक्स विभाग में पढ़ाई क्यों बंद है? रजिस्ट्रार: सेंटर में नये निदेशक और विभाग में पढ़ाई बंद रहने की जानकारी प्रभारी कुलपति को दी जायेगी. (यानी अब तक जानकारी भी नहीं दी गयी थी.) सवाल: कब तक मिलेंगे नये निदेशक? रजिस्ट्रार: प्रभारी कुलपति के दिशा-निर्देश के बाद ही रीजनल स्टडी सेंटर में नये निदेशक बनाये जायेंगे. (प्रक्रिया कब शुरू होगी, कोई टाइमलाइन नहीं.) सवाल: बायोइंफाॅरमेटिक्स विभाग में पढ़ाई कब शुरू होगी? रजिस्ट्रार: फाइल पर प्रभारी कुलपति के निर्देश के बाद ही आगे की प्रक्रिया की जायेगी. (फाइलें दफ्तरों के चक्कर काट रही हैं और छात्रों का भविष्य अधर में लटका है.) पीजी बायोइंफॉर्मेटिक्स विभाग के बारे में इस विभाग की स्थापना वर्ष 2005 में हुई थी. यह बिहार का इकलौता ऐसा विभाग था, जहां शोध के साथ-साथ वोकेशनल कोर्स की पढ़ाई भी होती थी. विभाग में मुख्य रूप से पीजी डीसीए, बीसीए और पीजी डिप्लोमा इन बायोइंफॉर्मेटिक्स जैसे रोजगारपरक पाठ्यक्रमों की पढ़ाई होती थी. यहां कंप्यूटर शिक्षा देने के साथ-साथ सरकार के विभिन्न शोध प्रोजेक्ट्स पर भी काम किया जाता था, जिससे शिक्षकों, शोधार्थियों और छात्रों को काफी लाभ मिल रहा था. सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच हुए एमओयू के तहत विभाग में तीन फैकल्टी मेंबर (शिक्षक) और तीन कर्मचारी कार्यरत थे. विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो जवाहर लाल के मौखिक आदेश पर विभाग में नामांकन की प्रक्रिया पूरी तरह बंद कर दी गयी. वर्तमान में विभाग के फैकल्टी मेंबर्स और कर्मचारी रोज आते हैं, लेकिन काम न होने के कारण सिर्फ बैठकर चले जाते हैं पिछले करीब चार महीनों से विभाग के कर्मचारियों को वेतन का भुगतान नहीं किया गया है. विभाग के समस्त कर्मियों को अब नये कुलपति से नामांकन प्रक्रिया को दोबारा शुरू करने के आदेश का बेसब्री से इंतजार है. रीजनल स्टडी सेंटर के बारे में

इसकी स्थापना वर्ष 1983 में हुई थी. बिहार और झारखंड का इकलौता रीजनल स्टडी सेंटर होने के कारण इसका महत्व काफी बढ़ जाता है. सरकार द्वारा इस सेंटर के लिए आठ पद सृजित किये गये हैं. यहां हुए कई महत्वपूर्ण शोध कार्यों के आधार पर नीतियां तैयार करने के लिए सरकार को रिपोर्ट भेजी गयी थीं. वर्ष 2013 के बाद से इस सेंटर में शोध का सारा काम पूरी तरह बंद पड़ा है. वर्तमान में पिछले छह महीनों से सेंटर में कोई निदेशक नियुक्त नहीं है. केवल एक कर्मचारी और एक दरबान रह गये हैं. सेंटर को पुनर्जीवित करने के लिए अब विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा इस पर विशेष ध्यान दिये जाने का इंतजार है.


विज्ञापन
आरफीन जुबैर

लेखक के बारे में

By आरफीन जुबैर

आरफीन जुबैर प्रिंट माध्यम में पिछले 16 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत दैनिक आज से की. अभी प्रभात खबर के भागलपुर कार्यालय में काम कर रहे हैं. शिक्षा और खेल में रुचि रखते हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन