भागलपुर: 10 दिन में चीनी हुई ₹70 किलो! चाय की चुस्की पड़ी महंगी, त्योहारों से पहले मिठाई के दाम 10% तक बढ़े
चाय दुकान की प्रतीकात्मक तस्वीर
भागलपुर में चीनी की कीमतों में भारी उछाल से आम जनजीवन प्रभावित है. महज 10 दिनों में चीनी ₹70 किलो तक पहुंच गई है, जिससे चाय और मिठाई महंगी हो गई है. त्योहारी सीजन के नजदीक आते ही पिस्ता, बादाम, काजू और किशमिश जैसे मेवों के दामों में भी बेतहाशा वृद्धि हुई है.
देशभर के साथ-साथ अंग क्षेत्र (भागलपुर) में भी चीनी की कीमतों में अचानक आए उछाल ने आम लोगों और व्यापारियों की चिंता बढ़ा दी है. रक्षाबंधन और आगामी त्योहारी सीजन से ठीक पहले महंगाई की इस मार ने रसोई से लेकर बाजार तक का बजट बिगाड़ दिया है. महज 10 दिनों के भीतर खुदरा बाजार में चीनी 15 से 25 रुपये महंगी होकर 70 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है. इसका सीधा असर शहर की चाय दुकानों और मिठाई कारोबार पर दिख रहा है, जहां दुकानदारों को मजबूरन कीमतें बढ़ानी पड़ रही हैं.
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चाय की चुस्की पर महंगाई का असर
चीनी और कोयले की लागत बढ़ने के कारण शहर के चौक-चौराहों पर बिकने वाली चाय अब महंगी हो गई है:
- छोटे कप पर ₹1 की बढ़ोतरी: आकाशवाणी चौक के चाय दुकानदार पवन सिंह ने बताया कि पहले जो छोटा कप 5 रुपये में मिलता था, उसकी कीमत 1 रुपया बढ़ाकर 6 रुपये करनी पड़ी है.
- बड़े कप पर ₹2 का इजाफा: तिलकामांझी के एक दुकानदार के अनुसार, 10 रुपये वाली चाय अब 12 रुपये में बिक रही है.
- वेट एंड वाच: आदमपुर चौक के दुकानदार मिट्ठू कुमार साह ने बताया कि फिलहाल उन्होंने कीमत में बदलाव नहीं किया है, लेकिन अगर यही स्थिति रही तो छोटे स्तर पर चाय का कारोबार चलाना मुश्किल हो जाएगा और दाम बढ़ाने ही पड़ेंगे.
मिठाई 10% महंगी, मेवों के दामों में लगी आग
चीनी के साथ-साथ दूध, तेलहन और ड्राई फ्रूट्स की कीमतों में भारी इजाफे ने मिठाई की लागत काफी बढ़ा दी है:
- ब्रांडेड मिठाई शोरूम के प्रोपराइटर बलराम झुनझुनवाला ने बताया कि कच्चे माल की कीमत बढ़ने से उन्हें मजबूरन सभी तरह की मिठाइयों पर 10 प्रतिशत तक दाम बढ़ाने पड़े हैं.
त्योहारी सीजन में ड्राई फ्रूट्स (मेवा) की कीमतों में भी भारी उछाल आया है:
| मेवा (Dry Fruits) | पहले का भाव (प्रति किलो) | नया भाव (प्रति किलो) |
| पिस्ता | ₹2800 | ₹4400 |
| बादाम | ₹720 | ₹1100 |
| काजू | ₹700 | ₹850 |
| किशमिश | ₹200 - ₹300 | ₹400 |
सरकार का एक्शन: आयात नीति में बदलाव से राहत की उम्मीद
व्यापारियों के अनुसार, बाजार में मांग ज्यादा और सप्लाई कम होने के कारण चीनी के दामों पर दबाव बना हुआ है:
- थोक बाजार का हाल: थोक चीनी कारोबारी राजा जैन के मुताबिक, कुछ दिन पहले तक चीनी करीब 45 से 50 रुपये प्रति किलो बिक रही थी, जो अब 65-70 रुपये पहुंच गई है. इसका सबसे ज्यादा असर गरीब परिवारों पर पड़ रहा है.
- घटेगी चीनी की कीमत: इस्टर्न बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के पदाधिकारी रूपेश बैद ने बताया कि केंद्र सरकार चीनी की कीमत को नियंत्रित करने के लिए 'इंपोर्ट (आयात) पॉलिसी' में संशोधन कर रही है. इसके लागू होने पर थोक में चीनी 64 से घटकर 55 रुपये प्रति किलो तक आने की उम्मीद है, जिससे आम उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिल सकती है.
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