गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ा, भागलपुर में 40 हजार लोगों की बढ़ीं मुश्किलें, अगले कुछ दिनों में और बढ़ सकती है नदी

गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ा
Bhagalpur Ganga Water Level: भागलपुर में गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे दियारा क्षेत्र के 40 हजार से अधिक लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. जमुनिया नाला और बूढ़ानाथ के पास बने चचरी पुल डूबने से आवाजाही प्रभावित हुई है. सावन को देखते हुए प्रशासन घाटों पर बैरिकेडिंग कर रहा है.
भागलपुर से रिपोर्ट
Bhagalpur Ganga Water Level: भागलपुर में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और इसके असर अब जमीन पर साफ दिखाई देने लगे हैं. पिछले 24 घंटे में गंगा का जलस्तर 32 सेंटीमीटर बढ़कर 29.65 मीटर पहुंच गया है. केंद्रीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष ने आने वाले दिनों में जलस्तर में और बढ़ोतरी की संभावना जताई है. हालांकि नदी अभी खतरे के निशान 33.68 मीटर से 4.03 मीटर नीचे है, लेकिन लगातार बढ़ते पानी ने गंगा किनारे रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ा दी है.
इस बीच बढ़ते जलस्तर का सबसे बड़ा असर दियारा क्षेत्र में दिख रहा है. जमुनिया नाला और बूढ़ानाथ के पास बने चचरी पुल डूब गए हैं, जिससे दो दर्जन से अधिक गांवों के करीब 40 हजार लोगों का जिला मुख्यालय से संपर्क प्रभावित हो गया है. उधर सावन में गंगा स्नान के लिए उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए नगर निगम ने प्रमुख घाटों पर बैरिकेडिंग का काम भी शुरू कर दिया है.
24 घंटे में 32 सेंटीमीटर बढ़ा गंगा का जलस्तर
जल संसाधन विभाग के आंकड़ों के अनुसार भागलपुर में गंगा का जलस्तर पिछले 24 घंटे में 29.33 मीटर से बढ़कर 29.65 मीटर हो गया. इससे पहले भी एक दिन में 30 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई थी.
केंद्रीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष की रिपोर्ट के मुताबिक फिलहाल जलस्तर बढ़ने का सिलसिला जारी रहने की संभावना है. ऐसे में निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
कहलगांव में भी गंगा का जलस्तर बढ़ा है. यहां पिछले 24 घंटे में नदी 12 सेंटीमीटर बढ़कर 28.51 मीटर पर पहुंच गई.
चचरी पुल डूबा, 40 हजार लोगों की बढ़ी परेशानी
बढ़ते जलस्तर का असर अब दियारा क्षेत्र की आवाजाही पर भी पड़ने लगा है. शंकरपुर और अजमेरीपुर बेरिया पंचायत को जोड़ने वाला ग्रामीणों की मेहनत से बना चचरी पुल पानी में डूब गया है. वहीं किला घाट के पास जमुनिया नाला पर बना चचरी पुल भी जलमग्न हो गया है.
अब इन इलाकों के लोगों के लिए नाव ही मुख्य सहारा बचा है. इससे शंकरपुर, दारापुर, बिंद टोली, सहूनिया, बंडाल, मोहनपुर दियारा, रसीदपुर और अजमेरीपुर समेत दो दर्जन से अधिक गांवों की लगभग 40 हजार आबादी को जिला मुख्यालय आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
बूढ़ानाथ मंदिर के सीढ़ी घाट तक पहुंचा गंगा का पानी
गंगा का बढ़ता जलस्तर अब धार्मिक स्थलों तक भी पहुंच गया है. बूढ़ानाथ मंदिर के सीढ़ी घाट तक नदी का पानी पहुंच चुका है. सावन के दौरान यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए पहुंचते हैं. ऐसे में प्रशासन अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है.
Bhagalpur Ganga Water Level: सावन को देखते हुए घाटों पर बैरिकेडिंग शुरू
नगर निगम ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए बरारी रिवर फ्रंट घाट से बैरिकेडिंग का काम शुरू कर दिया है. अतिक्रमण शाखा प्रभारी जयप्रकाश यादव के अनुसार अगले तीन दिनों में शहर के सभी प्रमुख गंगा घाटों पर बैरिकेडिंग पूरी कर ली जाएगी.
इसका उद्देश्य भीड़ को नियंत्रित करना और किसी भी संभावित हादसे से बचाव सुनिश्चित करना है.
सबौर में बाढ़ और कटाव को लेकर हुई समीक्षा बैठक
सबौर प्रखंड सभागार में बाढ़, कटाव और आपदा प्रबंधन को लेकर अनुश्रवण समिति की बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता प्रमुख अभय कुमार सिंह ने की. इसमें सीओ दिव्या कुमारी, बीडीओ नितेश कुमार, जनप्रतिनिधियों और पंचायत प्रतिनिधियों ने भाग लिया.
बैठक में पिछले वर्ष के बाढ़ पीड़ितों को राहत राशि नहीं मिलने, सर्वे में गड़बड़ी, राहत वितरण में अनियमितता और अवैध वसूली जैसे मुद्दे उठाए गए. अधिकारियों ने समस्याओं के समाधान का आश्वासन देते हुए बाढ़ के दौरान पेयजल, स्वास्थ्य शिविर, शौचालय, रोशनी और पशुओं के चारे की व्यवस्था समय पर सुनिश्चित करने की बात कही.
हालांकि कई विभागों के अधिकारियों की अनुपस्थिति पर भी सवाल उठे.
स्थायी पुल बनने से अगले साल मिल सकती है राहत
ग्रामीणों के लिए राहत की बात यह है कि जमुनिया नाला पर स्थायी पुल का निर्माण कार्य जारी है. हालांकि बाढ़ के कारण फिलहाल निर्माण प्रभावित हो सकता है, लेकिन पुल बनने के बाद हर साल बाढ़ के दौरान चचरी पुल डूबने की समस्या से स्थायी राहत मिलने की उम्मीद है.
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लेखक के बारे में
By प्रत्युष प्रशांत
महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.
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