मायागंज समेत सभी सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की बायोमेट्रिक व CCTV से होगी निगरानी, पटना कमांड सेंटर रखेगा नजर

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मायागंज अस्पताल  | Prabhat Khabar Network

बिहार के सभी सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए नई व्यवस्था लागू की गई है. अब डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की हाजिरी की सीधी निगरानी पटना स्थित कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से सीसीटीवी और बायोमेट्रिक सिस्टम के ज़रिए की जाएगी.

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भागलपुर के जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल (मायागंज अस्पताल) समेत बिहार के सभी सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है. ओपीडी (OPD), आईपीडी (IPD) और 24 घंटे चलने वाली इमरजेंसी सेवाओं में डॉक्टरों व स्वास्थ्यकर्मियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए पटना स्थित कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से सीधे निगरानी की जाएगी.

CCTV और बायोमेट्रिक से होगी डॉक्टरों की हाजिरी की जांच

स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों के अनुसार:

  • डिजिटल निगरानी: सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की रोस्टर के अनुसार मौजूदगी को जांचने के लिए सीसीटीवी (CCTV) कैमरों और बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम की मदद ली जाएगी.
  • सीधी रिपोर्टिंग: यदि कोई चिकित्सक या कर्मी अपनी ड्यूटी से अनुपस्थित (Absent) पाया जाता है, तो कमांड एंड कंट्रोल सेंटर इसकी रिपोर्ट सीधे स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों को भेजेगा.
  • विभागीय कार्रवाई: बिना पूर्व सूचना या अनुमति के ड्यूटी से गायब रहने वाले चिकित्सकों के खिलाफ विभागीय नियमों के तहत सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.

रेफरल सिस्टम और ICU सेवाओं को प्रभावी बनाने की कवायद

स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि राज्य में लागू की जा रही नई रेफरल प्रणाली, आईसीयू (ICU) की निरंतर क्रियाशीलता और आपातकालीन सेवाओं के सुचारु संचालन के लिए डॉक्टरों की मौजूदगी अनिवार्य है.

उल्लेखनीय है कि 7 से 17 जुलाई के बीच आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) समीक्षा बैठकों के दौरान भी विभाग ने सभी क्षेत्रीय अधिकारियों और सिविल सर्जनों को डॉक्टरों की रोस्टर-वार उपस्थिति सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए थे.

अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था होगी चाक-चौबंद

रेफरल व्यवस्था प्रभावी होने के बाद सदर अस्पतालों, अनुमंडलीय अस्पतालों और ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों की संख्या बढ़ना तय है. इसे देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं:

  • स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा: मायागंज और सदर अस्पताल परिसर में कार्यरत किसी भी डॉक्टर, नर्स या अन्य चिकित्सा कर्मी के साथ अभद्र व्यवहार, हाथापाई या किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस व होमगार्ड जवानों की तैनाती दुरुस्त की जाएगी.
  • जीरो टॉलरेंस: ऑन-ड्यूटी स्वास्थ्यकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार करने वालों के खिलाफ तुरंत कानूनी कार्रवाई की जाएगी.


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Atul Kumar

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