भागलपुर-जमालपुर रेलखंड पर बिछेगी चौथी रेल लाइन: सर्वे का काम हुआ पूरा, दिसंबर तक इस्टीमेट तैयार कर रेलवे बोर्ड को भेजा जाएगा

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Bhagalpur Jamalpur Fourth Rail Line Survey: भागलपुर और जमालपुर के बीच रेल यात्रा करने वाले यात्रियों और माल ढुलाई के लिए एक बेहद शानदार खबर है. भागलपुर से जमालपुर के बीच 52 किलोमीटर लंबे रेलखंड पर अब चौथी रेल लाइन बिछाने की तैयारी शुरू हो गई है. इस बेहद महत्वाकांक्षी परियोजना को लेकर रेलवे ने प्रारंभिक सर्वे का काम सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है.

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भागलपुर से ललित किशोर मिश्र की रिपोर्ट

Bhagalpur Jamalpur Fourth Rail Line Survey: पूर्व रेलवे के कंस्ट्रक्शन विभाग की देखरेख में कोलकाता की एक चयनित एजेंसी द्वारा यह सर्वे संपन्न किया गया है. सर्वे रिपोर्ट आने के बाद अब कंस्ट्रक्शन विभाग ने योजना को धरातल पर उतारने के लिए विस्तृत इस्टीमेट (लागत आकलन) बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. संभावना जताई जा रही है कि दिसंबर 2026 तक इस्टीमेट तैयार कर मंजूरी के लिए रेलवे बोर्ड को भेज दिया जाएगा.

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एक साथ 4 ट्रेनें आ-जा सकेंगी, खत्म होगा लेटलतीफी का झंझट

वर्तमान में भागलपुर से किऊल रेलखंड पर केवल दो ही ट्रैक (अप और डाउन) उपलब्ध हैं, जिससे ट्रेनों के परिचालन में काफी दबाव रहता है. चौथी लाइन बनने से निम्नलिखित बड़े बदलाव होंगे:

  • एक साथ परिचालन: चौथी लाइन चालू होने के बाद भागलपुर स्टेशन पर एक साथ चार ट्रेनें अप और डाउन दिशा में आ-जा सकेंगी.
  • हाई-स्पीड ट्रेनों को रास्ता: वर्तमान में इसी दोहरी लाइन वाले रूट से तेजस राजधानी, वंदे भारत और अमृत भारत जैसी प्रीमियम व तेज रफ्तार ट्रेनें गुजरती हैं. ट्रैक खाली न होने से अक्सर अन्य ट्रेनें लेट हो जाती हैं, जो चौथी लाइन बनने के बाद पूरी तरह खत्म हो जाएगा.
  • किऊल तक विस्तार: जमालपुर से किऊल के बीच भी तीसरी और चौथी रेल लाइन परियोजना के लिए सर्वे का काम काफी तेजी से आगे बढ़ रहा है.

तीसरी लाइन के लिए कैबिनेट से मिल चुकी है 1156 करोड़ की मंजूरी

चौथी लाइन के सर्वे के साथ-साथ इस रूट पर तीसरी लाइन का काम भी जल्द शुरू होने वाला है. पिछले साल केंद्रीय कैबिनेट ने भागलपुर-जमालपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर के तहत 53 किलोमीटर लंबी तीसरी रेल लाइन योजना को मंजूरी दी थी:

  • कुल बजट: इस परियोजना के लिए ₹1156 करोड़ का बजट स्वीकृत किया गया है.
  • कोयला ढुलाई में आसानी: इस तीसरी लाइन के बिछने से ईसीएल (ECL) राजमहल से आने वाले कोयले के रैक को उत्तरी बिहार के किसी भी कोने में भेजने में बड़ी सहूलियत होगी, जिससे राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी.
  • नेटवर्क प्लानिंग ग्रुप की हरी झंडी: दूसरी ओर, बड़हरवा-भागलपुर के बीच भी तीसरी व चौथी रेल लाइन को रेलवे बोर्ड के बाद अब नेटवर्क प्लानिंग ग्रुप (NPG) ने अपनी मंजूरी दे दी है और आगे की प्रक्रिया के लिए फाइल नीति आयोग को भेजी गई है.

कहते हैं डिप्टी चीफ इंजीनियर

परियोजना की वर्तमान स्थिति और समयसीमा को लेकर पूर्व रेलवे कंस्ट्रक्शन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने आधिकारिक पुष्टि की है:

"भागलपुर से जमालपुर के बीच 52 किलोमीटर की दूरी में चौथी रेल लाइन बिछाने की योजना पर काम चल रहा है. इस परियोजना के लिए रेलवे द्वारा चयनित कोलकाता की एजेंसी ने सर्वे का काम पूरा कर लिया है. अब हमारा मुख्य फोकस इस योजना का सटीक इस्टीमेट तैयार करने पर है, जिसे आगामी दिसंबर तक हर हाल में पूरा कर लिया जाएगा. इस्टीमेट तैयार होते ही इसे अंतिम स्वीकृति और फंड आवंटन के लिए रेलवे बोर्ड को प्रेषित किया जाएगा." — गोपाल पाठक, डिप्टी चीफ इंजीनियर-टू (कंस्ट्रक्शन), पूर्व रेलवे, भागलपुर


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