भागलपुर में तटबंधों पर बढ़ा पानी का दबाव: ब्रह्मोत्तर बांध में रिसाव पर पाया काबू, धोबनिया में बांस पाइलिंग शुरू
बांध की मरम्मत करते कर्मी | Prabhat Khabar Network
गंगा और सहायक नदियों के बढ़ते जलस्तर से भागलपुर जिले में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है. रंगरा प्रखंड के धोबनिया जमींदारी बांध में 20 फीट का बड़ा कटाव हुआ है, जिससे 14 नंबर सड़क पर खतरा बढ़ गया है. प्रशासन बचाव कार्यों में जुटा है.
भागलपुर जिले में गंगा और उसकी सहायक नदियों के लगातार बढ़ते जलस्तर ने तटवर्ती इलाकों में भारी तबाही की आशंका पैदा कर दी है. नदियों के तेज दबाव के कारण जिले के संवेदनशील तटबंधों और जमींदारी बांधों पर खतरा बढ़ गया है, जिसे देखते हुए जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गए हैं.
गोपालपुर प्रखंड में रात के समय ब्रह्मोत्तर बांध में हुए ब्रीच पर समय रहते काबू पा लिया गया, लेकिन शुक्रवार तड़के रंगरा प्रखंड के धोबनिया जमींदारी बांध में करीब 20 फीट का खतरनाक कटाव होने से अफरा-तफरी मच गई.
रंगरा के धोबनिया बांध में 20 फीट का कटाव, 14 नंबर सड़क पर खतरा
रंगरा प्रखंड अंतर्गत धोबनिया जमींदारी बांध में शुक्रवार की सुबह करीब 4:30 बजे अचानक तेज जलधारा के दबाव से लगभग 20 फीट का हिस्सा कटकर बह गया:
- सड़क की ओर पानी का फैलाव: बांध टूटने से निकल रहा बाढ़ का पानी सीधे पीडब्ल्यूडी की महत्वपूर्ण 14 नंबर सड़क के किनारों की ओर फैलने लगा.
- डॉवल निर्माण कार्य शुरू: मुख्य सड़क को कटने और जलमग्न होने से बचाने के लिए प्रशासन ने सड़क के किनारे आनन-फानन में मिट्टी व बोल्डर से डॉवल निर्माण का काम शुरू कर दिया है.
- इंजीनियरों की टीम तैनात: कटाव स्थल पर कनीय अभियंता अविनाश कुमार, सहायक अभियंता मुरारी प्रसाद सिंह सहित तकनीकी विशेषज्ञों की टीम कैंप कर रही है और बचाव कार्य की सीधी निगरानी कर रही है.
गोपालपुर के ब्रह्मोत्तर बांध में टला बड़ा हादसा
गोपालपुर प्रखंड के ब्रह्मोत्तर बांध में बीती रात अचानक ब्रीच (दरार) आ गई थी.
- सूचना मिलते ही जल संसाधन विभाग की तकनीकी टीम मौके पर पहुंची.
- स्थानीय ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए प्रशासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम किया और रात में ही समन्वित प्रयास से ब्रीच को सफलतापूर्वक सील कर पानी के बहाव को रोक दिया, जिससे आसपास की घनी आबादी जलमग्न होने से बच गई.
युद्धस्तर पर फ्लड फाइटिंग: बांस पाइलिंग और जियो बैग्स का इस्तेमाल
धोबनिया बांध को और अधिक क्षतिग्रस्त होने से बचाने तथा ओवरटॉपिंग रोकने के लिए आधुनिक फ्लड फाइटिंग तकनीक अपनाई जा रही है:
- नदी की तरफ से मजबूत प्लास्टिक शीट (पॉलीथिन शीट्स) बिछाई जा रही है और उसके ऊपर भारी बालू भरी बोरियां रखकर पानी के सीधे कटाव को रोका जा रहा है.
- बांध की नींव को स्थिर करने के लिए तेजी से बांस पाइलिंग (Bamboo Piling) और एन.सी. (NC) कार्य कराया जा रहा है.
इन तटबंधों पर भी निगरानी सख्त, 24 घंटे गश्त के निर्देश
रंगरा चौक क्षेत्र के धोबनिया बांध (कलबलिया नदी), रंगरा पंचायत तथा बनिया बैसी पंचायत अंतर्गत बुढ़िया बांध (सदोपुर रिंग बांध) में भी दरार और रिसाव की सूचनाएं मिली हैं. इन सभी स्थलों पर जल संसाधन विभाग की टीमें सुरक्षात्मक कार्य में जुटी हैं.
जिला प्रशासन ने सभी संवेदनशील तटबंधों पर 24 घंटे गश्त करने और अभियंताओं को फील्ड में मौजूद रहने के सख्त निर्देश जारी किए हैं, ताकि किसी भी अनहोनी से पहले स्थिति पर काबू पाया जा सके.
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