भागलपुर : दो अक्तूबर को कजरैली बाजार के समीप स्कॉर्पियो गाड़ी में सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली महिला का आरोप झूठा साबित हो रहा है. महिला ने रात लगभग साढ़े दस बजे कजरैली बाजार के समीप स्कॉर्पियो गाड़ी में दो लोगों द्वारा दुष्कर्म का आरोप लगाया था. पुलिस ने अपनी जांच में पाया है […]
भागलपुर : दो अक्तूबर को कजरैली बाजार के समीप स्कॉर्पियो गाड़ी में सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली महिला का आरोप झूठा साबित हो रहा है. महिला ने रात लगभग साढ़े दस बजे कजरैली बाजार के समीप स्कॉर्पियो गाड़ी में दो लोगों द्वारा दुष्कर्म का आरोप लगाया था.
पुलिस ने अपनी जांच में पाया है कि महिला उस रात सात बजकर 40 मिनट पर रजौन स्थित अपने धौनी गांव पहुंच चुकी थी और शाम तक वह शहर में ही थी. ऐसे में उस महिला द्वारा रात साढ़े दस बजे दुष्कर्म का आरोप पूरी तरह झूठा साबित होता दिख रहा है.
राजीव रंजन और रवि रंजन मिश्रा पर लगाया था आरोप. उस महिला ने राजीव रंजन और रवि रंजन मिश्रा पर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था. उसने राजीव रंजन का पता खलीफाबाग का बताया था जबकि रवि रंजन मिश्रा पीरपैंती का रहने वाला है. राजीव रंजन का तो पुलिस को भी पता नहीं मिल पाया था.
महिला ने बताया था कि आदमपुर में वह एक डॉक्टर के यहां आयी थी तभी उसके जान पहचान के राजीव रंजन और रवि रंजन मिश्रा ने अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी से उसे उसके गांव छोड़ देने की बात कह उसे अपनी गाड़ी में बिठा लिया और कजरैली के पास उसके साथ दुष्कर्म किया.
रवि रंजन मिश्र की मां दर-दर भटकती रही. दुष्कर्म मामले में नाम आने के बाद रवि रंजन मिश्र की मां सच्चाई सामने लाने के लिए वरीय पुलिस अधिकारियों के पास भटकती रही. उसका कहना था कि महिला जिस रात दुष्कर्म की बात कह रही है उस रात उसका बेटा झारखंड में था जिसका उसके पास प्रमाण भी है.
बहरहाल पुलिस की जांच में सच्चाई तो सामने आ चुकी है. अब देखना है कि पुलिस को गुमराह करने वाली महिला के खिलाफ पुलिस क्या एक्शन लेती है.
एक बड़ा सवाल यह भी उठ रहा है कि आखिर उस महिला ने झूठे दुष्कर्म केस में दोनों को क्यों फंसाया. क्या इस पूरे प्रकरण के पीछे किसी और का हाथ है. पुलिस के लिए अभी भी काफी जांच किया जाना बाकी है.