सर्दी में ठिठुरेंगे सरकारी स्कूलों के डेढ़ लाख बच्चे

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भागलपुर : जिले में 1800 से अधिक सरकारी मध्य व प्राथमिक विद्यालय हैं, इनमें आधे से अधिक स्कूलों के जूनियर कक्षाओं में बेंच डेस्क नहीं हैं. कक्षा एक से पांच तक के बच्चे जमीन पर बैठ पढ़ाई व मध्याह्न भोजन कर रहे हैं. शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने अनुमान लगाया है कि करीब डेढ़ लाख […]

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भागलपुर : जिले में 1800 से अधिक सरकारी मध्य व प्राथमिक विद्यालय हैं, इनमें आधे से अधिक स्कूलों के जूनियर कक्षाओं में बेंच डेस्क नहीं हैं. कक्षा एक से पांच तक के बच्चे जमीन पर बैठ पढ़ाई व मध्याह्न भोजन कर रहे हैं. शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने अनुमान लगाया है कि करीब डेढ़ लाख बच्चों के बैठने के लिए बेंच डेस्क नहीं हैं.

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उन्हें दरी पर बैठाया जा रहा है. मौसम विज्ञान केंद्र ने दिसंबर व जनवरी महीने में शीतलहर व कड़ाके की ठंड का अनुमान लगाया है. इस भीषण ठंड में सरकारी स्कूलों में जमीन पर बैठकर पढ़ाई करने वाले छोटे-छोटे बच्चों को खूब तकलीफें होगी. यह स्थिति जिले के एक हजार से अधिक सरकारी मध्य व प्राथमिक विद्यालय का है. कुछ हाई स्कूल में संचालित स्मार्ट क्लास में अबतक बेंच डेस्क नहीं लग पाये हैं.

पांच साल पहले बेंच डेस्क के मिले थे पैसे : छात्र-छात्राओं की परेशानी को समझने के लिए प्रभात खबर टोली ने बुधवार को नगर निगम क्षेत्र के मवि खंजरपुर व मवि इशाकचक की पड़ताल की. मध्य विद्यालय इशाकचक के शिक्षकों ने बताया कि पांचवीं कक्षा तक के छात्रों को बैठने के लिए बेंच डेस्क नहीं है.

शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ शेखर गुप्ता ने बताया कि पांच साल पहले सरकारी स्कूलों को 15 हजार व 50 हजार रुपये का आवंटन मिला था. इस राशि से कक्षा छह से आठ तक में बेंच डेस्क लगाये गये. कुछ स्कूलों में विधायक व दूसरे जनप्रतिनिधियों ने अपने फंड से जूनियर कक्षाओं में बेंच डेस्क लगाये हैं, लेकिन इनकी संख्या मुट्ठी भर है. शिक्षकों ने बताया कि बीते कई वर्षों से ठंड में जमीन पर बैठा कर बच्चों को पढ़ाया जा रहा है.

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