15 मिनट तक आंधी-पानी, आठ घंटे बिजली गुल, आषाढ़ में जेठ की गर्मी

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भागलपुर : बिजली आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त रखने की जितनी कोशिश की जा रही है, उतनी ही यह बिगड़ती जा रही है. कभी प्राकृतिक आपदाओं की मार, तो कभी इंजीनियरों की करतूत के चलते लोगों को बिजली संकट का सामना करना पड़ रहा है. शुक्रवार दोपहर तकरीबन साढ़े तीन बजे महज 15 मिनट की आंधी-बारिश […]

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भागलपुर : बिजली आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त रखने की जितनी कोशिश की जा रही है, उतनी ही यह बिगड़ती जा रही है. कभी प्राकृतिक आपदाओं की मार, तो कभी इंजीनियरों की करतूत के चलते लोगों को बिजली संकट का सामना करना पड़ रहा है. शुक्रवार दोपहर तकरीबन साढ़े तीन बजे महज 15 मिनट की आंधी-बारिश से क्षेत्र का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया. आंधी से शहर सहित आसपास क्षेत्र की बिजली आपूर्ति ठप हो गयी.
जगह-जगह बिजली के पोल व तार टूट कर गिर गये. इसके चलते देर शाम तक बिजली की सप्लाई शुरू नहीं हो सकी. हालांकि, आंधी के बाद हुई बारिश से मौसम सुहावना हो गया जिससे लोगों ने भीषण गर्मी से थोड़ी राहत ली. देर शाम को उमस भरी गर्मी और बिजली नहीं रहने से हाल बेहाल हो गया. इस बीच लगभग आठ घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही. बिजली विभाग के कर्मियों को बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए जमकर पसीना बहाना पड़ा. शहरी क्षेत्र के अधिकांश क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति को बहाल किये जाने का प्रयास देर रात तक चलता रहा. ऐसे इलाके में बिजली आपूर्ति बहाल होने तक अंधेरे में डूबा रहा. जेल रोड में पेड़ बिजली के तार पर गिरने से लाइन ध्वस्त हो गया. मेडिकल कॉलेज के सामने जब पेड़ गिरा तो रास्ता बंद हुआ ही, बिजली भी ठप हो गयी.
तिलकामांझी कन्या विद्यालय के पास तो आंधी में पोल ही गिर पड़ा. इस कारण इलाके की बिजली आपूर्ति पूरी तरह से ठप हो गयी. जहां-तहां बिजली का तार सड़क पर बिखरे रहने से लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया. आंधी-पानी के चलते ज्यादातर इलाके में यही नजारा रहा, जिससे बिजली की आपूर्ति ठप रही और लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा.
विक्रमशिला फीडर : बेहतरी का उपाय दे रहा लोगों को दर्द, 24 में तीन घंटे भी बिजली नहीं : विक्रमशिला फीडर से बेहतर सप्लाई के लिए किया गया उपाय लोगों को अब दर्द देना शुरू कर दिया है. पहले यह हबीबपुर फीडर के साथ पावर ट्रांसफॉर्मर से सप्लाई होती थी और अब इसको पटल बाबू फीडर के साथ वाले पावर ट्रांसफॉर्मर से जाेड़ दिया गया है. इसके बावजूद आपूर्ति में सुधार नहीं हो सकी है. ओवरलोड के चलते रोटेशन पर आपूर्ति से लोग परेशान थे वहीं अब लो वोल्टेज की समस्या से परेशान रहने लगे हैं. बिजली रहने, न रहने से कोई फर्क नहीं पड़ रहा है.
गुरुवार पूरी रात रोटेशन के कारण बिजली संकट गहराया रहा. शुक्रवार को फीडर को पावर ट्रांसफॉर्मर से बदलने के लिए दोपहर तक बिजली बंद रखी गयी. वहीं पेड़ की छंटाई के दौरान तार टूट कर गिरने से भी फीडर की बिजली ठप रही. इसके बाद आंधी-पानी के चलते देर शाम तक आपूर्ति ध्वस्त रही. बिजली की आपूर्ति जब बहाल करायी गयी, तो डेढ़ लाख की आबादी वाले मुहल्ले को अधिकतम 130 वोल्ट बिजली मिलने लगी है. एेसे में इन्वर्टर तक लोड नहीं लेने लगा है.
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