जिस मां का इलाज कराने निकला था अजय, उसी की आंखों के सामने उजड़ गया संसार

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रोते विलखते परिजन

माँ का इलाज कराने निकले 36 वर्षीय अजय कुमार की सड़क हादसे में दुखद मौत हो गई. बकरी को बचाने के प्रयास में टेंपो पलटने से अजय की मौके पर ही जान चली गई, जबकि उसकी माँ घायल हो गईं. तीन छोटे बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया है, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है.

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West Champaran News: मैनाटांड़ थाना क्षेत्र के रमपुरवा गांव निवासी 36 वर्षीय अजय कुमार की सोमवार को सड़क हादसे में मौत हो गई. वह अपनी मां रामावती देवी का इलाज कराने टेंपो से सिधाव जा रहा था. इसी दौरान रामनगर थाना क्षेत्र के सोनबरसा गांव के समीप त्रिवेणी कैनाल नहर के पास सड़क पर अचानक बकरी आ गई. उसे बचाने के प्रयास में टेंपो अनियंत्रित होकर पलट गया. हादसे में अजय की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसकी मां रामावती देवी घायल हो गईं.

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Mainatand News: मां का इलाज कराने निकले अजय की हादसे में मौत

मृतक की पहचान रमपुरवा निवासी स्व. श्रवण साह उर्फ मीठा साह के 36 वर्षीय पुत्र अजय कुमार के रूप में हुई है. परिजनों के अनुसार अजय अपनी मां रामावती देवी को इलाज के लिए टेंपो से सिधाव ले जा रहा था. इसी दौरान सोनबरसा गांव के पास बकरी को बचाने के प्रयास में टेंपो पलट गया और अजय की जान चली गई.

जिस मां का इलाज कराने निकला था, उसी की आंखों के सामने उजड़ गया संसार

हादसे में रामावती देवी घायल हो गईं, जबकि उनका इकलौता बेटा अजय मौके पर ही दम तोड़ गया. जिस बेटे के सहारे मां इलाज के लिए निकली थी, उसी बेटे की मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है.

अजय के निधन के बाद पत्नी अमृता देवी और तीन छोटे बच्चों के सामने परिवार चलाने और भविष्य की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है.

तीन मासूम बच्चों के सिर से उठा पिता का साया

अजय के तीन बच्चे अभय कुमार (8), विशाल कुमार (7) और प्रीति कुमारी (6) हैं. पिता की अचानक मौत से तीनों मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया. बच्चों की कम उम्र को देखते हुए परिवार के सामने उनकी परवरिश, पढ़ाई और भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है.

पिता के लौटने का इंतजार करती रह गईं मासूम आंखें

अजय की मौत के बाद घर में मातम और सन्नाटा पसरा है. आठ वर्षीय अभय, सात वर्षीय विशाल और छह वर्षीय प्रीति के लिए पिता का अचानक चले जाना बड़ा सदमा है. परिजनों की चीख-पुकार के बीच बच्चों को शायद अभी पूरी तरह समझ भी नहीं आ रहा कि उनके पिता अब वापस नहीं आएंगे.

इकलौता बेटा था अजय, घर की जिम्मेदारी थी कंधों पर

परिजनों के अनुसार अजय परिवार का इकलौता संतान था और घर की कई जिम्मेदारियां उसके कंधों पर थीं. उसकी असमय मौत के बाद पत्नी अमृता देवी के सामने तीनों बच्चों की परवरिश और परिवार की जिम्मेदारी आ गई है. वहीं बेटे की मौत से मां रामावती देवी पूरी तरह टूट गई हैं.

रमपुरवा गांव में पसरा मातम

हादसे की खबर मिलते ही रमपुरवा गांव में शोक की लहर दौड़ गई. परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है. स्थानीय लोग भी पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर उन्हें ढांढ़स बंधा रहे हैं. अजय की मौत से पूरे गांव में मातम का माहौल है.

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