एक आदेश में वसूली पर रोक, दूसरे में मंजूरी! बेतिया में आखिर किसके आदेश पर कटेगा वाहन शुल्क?
सांकेतिक तस्वीर
बेतिया में वाहन शुल्क वसूली को लेकर बड़ा विरोधाभास सामने आया है. एक ओर सरकारी आदेश में शुल्क वसूली पर रोक है, वहीं दूसरी ओर नगर निगम ने पार्किंग शुल्क वसूली का कार्यादेश जारी किया है. इससे करदाताओं और अधिकारियों में असमंजस की स्थिति है.
Bettiah News: बेतिया. नगर विकास एवं आवास विभाग के अपर सचिव परमानंद पांडेय के हालिया निर्देश और बेतिया नगर निगम समेत जिले के अन्य नगर निकायों की ओर से जारी वाहन शुल्क वसूली के कार्यादेशों के बीच विरोधाभास सामने आया है. विभाग ने पूर्व के आदेशों का हवाला देते हुए मार्ग कर, प्रवेश शुल्क, सेवा शुल्क अथवा चुंगी जैसी वसूली पर नियमावली बनने तक रोक के निर्देश दिए हैं. वहीं, नगर निगम बेतिया की ओर से वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए मालवाहक वाहनों से पार्किंग शुल्क वसूली का कार्यादेश जारी किया गया है. इससे शुल्क वसूली की वैधानिकता और कार्यादेश की प्रभावशीलता को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं.
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विभागीय आदेश में वसूली पर रोक का उल्लेख
उपलब्ध विभागीय दस्तावेज के अनुसार नगर निकायों को वाहनों से मार्ग कर, प्रवेश शुल्क, सेवा शुल्क अथवा चुंगी की वसूली से संबंधित पूर्व आदेशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है. पत्र में बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 की धारा 127(1)(ठ)(ii) का उल्लेख करते हुए भारी वाहनों से मार्ग कर की वसूली को नियमावली एवं निर्धारित नियमों के अनुरूप किए जाने की बात कही गई है.
विभागीय निर्देश में नियमावली के अभाव में ऐसी वसूली बंद रखने की बात भी कही गई है.
नगर निगम के कार्यादेश में पार्किंग शुल्क की दर तय
दूसरी ओर नगर निगम बेतिया की नगर आयुक्त शिवाक्षी दीक्षित की ओर से रफ़ान कंस्ट्रक्शन के पार्टनर संवेदक शाहरुख अहमद के नाम वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कार्यादेश जारी किया गया है.
कार्यादेश में निगम क्षेत्र के विभिन्न मार्गों पर मालवाहक वाहनों से पार्किंग शुल्क वसूली की व्यवस्था का उल्लेख है. बड़े मालवाहक वाहनों के लिए 142.48 रुपये और छोटे मालवाहक वाहनों के लिए 94.99 रुपये प्रतिदिन, जीएसटी सहित, दर निर्धारित की गई है.
दो दस्तावेजों के समानांतर अस्तित्व से उठे सवाल
विभागीय रोक और नगर निगम के कार्यादेश के एक साथ सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल वसूली के वैधानिक आधार को लेकर है. यदि विभागीय निर्देश के तहत नियमावली बनने तक वसूली पर रोक लागू है, तो स्थानीय स्तर पर जारी कार्यादेश की प्रभावशीलता क्या होगी, यह स्पष्ट होना बाकी है.
इसी तरह संवेदक द्वारा अधिकृत मानव बल के माध्यम से की जाने वाली शुल्क वसूली को लेकर भी स्थिति स्पष्ट करने की जरूरत महसूस की जा रही है.
सोशल मीडिया पर आदेश वायरल होने के बाद बढ़ा तनाव
विभागीय आदेश की जानकारी सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद कर दाताओं और पार्किंग शुल्क वसूली के लिए अधिकृत एजेंसी के कर्मचारियों के बीच तनाव की स्थिति बनने की बात सामने आ रही है. मीडिया रिपोर्टों में भी नियमावली बनने तक ऐसी वसूली तत्काल बंद रखने और निर्देशों की अवहेलना की स्थिति में जवाबदेही तय कर कार्रवाई किए जाने का उल्लेख किया गया है.
इससे फील्ड में काम कर रहे कर संग्राहकों और संवेदक के कर्मचारियों के सामने भी असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है.
नगर निगम विभाग से मांगेगा मार्गदर्शन
नगर निगम के प्रभारी नगर आयुक्त सह नगर प्रबंधक अभिषेक ने बताया कि नगर आयुक्त शिवाक्षी दीक्षित फिलहाल अवकाश पर हैं. विभागीय आदेश और नगर निगम की ओर से जारी कार्यादेश के बीच स्थिति स्पष्ट करने के लिए नगर विकास एवं आवास विभाग से शीघ्र मार्गदर्शन प्राप्त किया जाएगा. इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.
संवेदक ने एकमुश्त राशि जमा कराने की दी जानकारी
रफ़ान कंस्ट्रक्शन के पार्टनर संवेदक शाहरुख अहमद ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कार्यादेश जारी होने से पहले उनकी कंपनी ने अधिकतम बोली की राशि 2 करोड़ 28 लाख 50 हजार रुपये के साथ 8 प्रतिशत टैक्स की राशि भी एकमुश्त जमा कराई है.
उन्होंने बताया कि कंपनी से जुड़े दर्जनों कर संग्राहक मानव बल रोजाना फील्ड में काम कर रहे हैं और विभागीय आदेश सामने आने के बाद उन्हें असहज परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है.
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