लौरिया के कई रूटों पर दो मिनट के गैप में दौड़ती बसें, आगे निकलने की होड़ में बढ़ रहा हादसे का खतरा

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लौरिया में वाहनों की लंबी कतार व लगी जाम

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लौरिया में NH-727 पर बसों की तेज रफ्तार और दो मिनट के अंतराल पर परिचालन से स्थानीय लोगों में चिंता है. यात्रियों को बैठाने की होड़ में चालक ओवरटेकिंग कर रहे हैं, जिससे हादसे का खतरा बढ़ गया है. लोगों ने प्रशासन से गति नियंत्रण और समय अंतराल तय करने की मांग की है.

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West Champaran News: लौरिया. एनएच-727 पर तेज रफ्तार से दौड़ती बसों और उनके बीच कम समय के अंतराल को लेकर स्थानीय लोगों ने चिंता जतायी है. लौरिया-बेतिया, लौरिया-बगहा, लौरिया-रामनगर, लौरिया-चनपटिया और लौरिया-नरकटियागंज रूट पर चलने वाली सैकड़ों बसें कई बार दो-दो मिनट के अंतराल पर एक के पीछे एक दौड़ती नजर आती हैं. यात्रियों को बैठाने और समय पर गंतव्य तक पहुंचने की होड़ में चालक तेज रफ्तार और ओवरटेकिंग करते हैं, जिससे राहगीरों और छोटे वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा बना रहता है.

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Lauria News:कई रूटों की बसें एक ही एनएच पर दौड़ती हैं

स्थानीय लोगों के अनुसार अलग-अलग रूटों से चलने वाली बसें लंबे हिस्से तक एनएच-727 का ही इस्तेमाल करती हैं. ऐसे में कई बार अलग-अलग रूट की बसें एक साथ एक ही जगह पहुंच जाती हैं. इसके बाद यात्रियों को बैठाने और आगे निकलने की होड़ शुरू हो जाती है.

इस दौरान बसों के बीच उचित अंतराल नहीं रहने के कारण सड़क पर वाहनों का दबाव भी बढ़ जाता है.

दो-दो मिनट के अंतराल पर बसों का परिचालन

स्थानीय लोगों का कहना है कि कई मौकों पर बसें एक-दूसरे से महज दो-दो मिनट के अंतराल पर चलती दिखाई देती हैं. आगे निकलने की कोशिश में चालक तेज गति से वाहन चलाने के साथ ओवरटेकिंग करते हैं.

तेज हॉर्न, अचानक ब्रेक और एक-दूसरे से आगे निकलने की कोशिश के बीच छोटे वाहन चालकों और राहगीरों के लिए स्थिति और खतरनाक हो जाती है.

बनकटवा की घटना के बाद भी चिंता बरकरार

लोगों ने बताया कि बनकटवा में छठियार के दौरान तेज रफ्तार बस के भीड़ में घुसने की घटना के बाद भी बसों की गति और टाइमिंग को लेकर प्रभावी नियंत्रण नहीं हो सका है. घटना के बाद स्थानीय लोगों में बस परिचालन को लेकर चिंता बढ़ी थी.

इसके बावजूद अलग-अलग रूट की बसों के बीच समय अंतराल और गति नियंत्रण को लेकर स्थायी व्यवस्था की जरूरत महसूस की जा रही है.

तेज हॉर्न और गलत ओवरटेकिंग से बढ़ता खतरा

स्थानीय लोगों के अनुसार एक साथ कई बसें सड़क पर आने के बाद चालकों में आगे निकलने की होड़ शुरू हो जाती है. इस दौरान तेज हॉर्न, अचानक ब्रेक और गलत तरीके से ओवरटेकिंग जैसी स्थिति बनती है.

एनएच पर छोटे वाहन और पैदल राहगीर भी इसी मार्ग का इस्तेमाल करते हैं. ऐसे में बसों की तेज रफ्तार से किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है.

बसों की टाइमिंग में अंतराल तय करने की मांग

स्थानीय निवासी संतोष जयसवाल, रीतेश कुमार गोड, शिवपुजन राम, राजु चन्द शुक्ला और जीतेन्द्र पांडेय ने प्रशासन से बसों की गति पर प्रभावी नियंत्रण और नियमित वाहन जांच की मांग की है.

उन्होंने कहा कि अलग-अलग रूटों की बसों के बीच उचित समय अंतराल तय किया जाना चाहिए. इससे एक ही समय में कई बसों के एक साथ सड़क पर आने और आगे निकलने की होड़ को कम किया जा सकता है.

बीडीओ ने वरीय अधिकारियों को अवगत कराने की कही बात

मामले में बीडीओ संजीव कुमार ने कहा कि समस्या से वरीय पदाधिकारी को अवगत कराया जाएगा. उन्होंने कहा कि दुर्घटनाओं को रोकने के लिए हर संभव प्रयास किये जायेंगे.

स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि बसों की टाइमिंग, गति और नियमित वाहन जांच को लेकर प्रशासन की ओर से प्रभावी कदम उठाये जाएंगे.

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